महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले दल ने आने वाले चुनावी सफर के लिए अपनी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। साल 2029 में होने वाले लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने राज्य की कुल अड़तालीस लोकसभा सीटों में से चालीस सीटों पर अपने लोकसभा प्रभारियों की तैनाती कर दी है। इस कदम के जरिए संगठन ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वह चुनाव से काफी पहले अपनी चुनावी मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय करना चाहता है और जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ को और अधिक पुख्ता करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुंबई और स्थानीय नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारी
संगठन की ओर से जारी की गई इस नई सूची में मुंबई क्षेत्र के कई युवा नेताओं को अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों की कमान सौंपी गई है। इसके साथ ही मुंबई के स्थानीय विधायकों, पूर्व नगरसेवकों और पार्टी से जुड़े अन्य प्रमुख पदाधिकारियों को भी विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में संपर्क प्रमुख और प्रभारी के रूप में तैनात किया गया है। पार्टी का मुख्य उद्देश्य इन अनुभवी और युवा चेहरों के तालमेल से जनता के बीच अपनी मौजूदगी को और ज्यादा मजबूत करना है ताकि समय रहते चुनावी तैयारियों को सही दिशा दी जा सके।
इन सीटों पर अभी घोषणा होना बाकी
हालांकि पार्टी ने अपनी इस शुरुआती सूची में राज्य की सभी सीटों को शामिल नहीं किया है। मुंबई की कुल छह लोकसभा सीटों के अलावा ठाणे और जलगांव निर्वाचन क्षेत्रों को फिलहाल इस घोषणा से अलग रखा गया है। इन खास क्षेत्रों को लेकर पार्टी का क्या रुख रहता है और यहां किसे जिम्मेदारी सौंपी जाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र की बाकी तमाम सीटों पर संगठनात्मक जिम्मेदारियों का आधिकारिक ऐलान पूरी तरह से कर दिया गया है।
प्रमुख नेताओं और निर्वाचन क्षेत्रों का आवंटन
जारी की गई सूची के अनुसार विभिन्न नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों की कमान सौंपी गई है। कल्याण और भिवंडी लोकसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी वरुण सरदेसाई को सौंपी गई है, जबकि छत्रपति संभाजीनगर का प्रभार आशीष चेंबुरकर संभालेंगे। नाशिक और दिंडोरी की जिम्मेदारी रवींद्र मिर्लेकर को दी गई है। बुलढाणा, अकोला और अमरावती जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए पार्टी ने नितिन देशमुख के साथ-साथ नरेंद्र खेडेकर, निलेश घुमाल और डॉ. किशोर ठाकरे को जिम्मेदारी दी है। इसके अलावा रत्नागिरी–सिंधुदुर्ग में प्रदीप बोरिकर को कमान मिली है। रायगढ़ में संजय मनाजी कदम को जिम्मेदारी दी गई है जिसमें पेन विधानसभा शामिल नहीं है, जबकि मावल क्षेत्र की जिम्मेदारी प्रसाद भोईर को सौंपी गई है जिसमें पेन विधानसभा को भी शामिल किया गया है।
समय से पहले चुनावी तैयारी को धार देने की रणनीति
इन संगठनात्मक नियुक्तियों के साथ ही उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने लोकसभा के स्तर पर अपनी चुनावी तैयारियों को बहुत पहले ही गति दे दी है। पार्टी का पूरा ध्यान इन क्षेत्रों में अपनी सांगठनिक ताकत को परखने और उसे और अधिक धार देने पर केंद्रित है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि आने वाले दिनों में उन सीटों पर भी प्रभारियों के नामों का ऐलान किया जा सकता है जिन्हें फिलहाल इस पहली सूची में जगह नहीं मिली है ताकि चुनाव से पहले पूरे राज्य में पार्टी का ढांचा पूरी तरह तैयार हो सके।



















