महाराष्ट्र की न्यायपालिका से जुड़ी एक अहम घटना सामने आई है जहाँ बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्लर्क टाइपिंग स्किल टेस्ट को पूरी तरह से रद्द करने का बड़ा निर्देश जारी किया है। अब इस चयन प्रक्रिया के लिए नए सिरे से नोटिफिकेशन निकाला जाएगा और परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी।
क्यों पड़ी परीक्षा रद्द करने की जरूरत
बीते रविवार को राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित इस परीक्षा के दौरान भारी तकनीकी बाधाएं देखने को मिली थीं। परीक्षा में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवारों ने कल्याण, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड, वाशिम, भंडारा समेत कई अन्य सेंटरों पर गंभीर गड़बड़ियों के आरोप लगाए थे।
सिस्टम फेल होने से छात्रों का हंगामा
परीक्षार्थियों ने मुख्य रूप से सर्वर ठप होने, की-बोर्ड में खराबी आने और इम्तिहान के बीच में ही सिस्टम से अपने आप लॉग आउट हो जाने जैसी गंभीर शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन दिक्कतों के कारण कल्याण और छत्रपति संभाजीनगर के परीक्षा केंद्रों पर छात्रों ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया था।
बाहरी एजेंसी के जरिए होता है आयोजन
जानकारी के मुताबिक बॉम्बे हाई कोर्ट के क्लर्क पदों के लिए यह टाइपिंग टेस्ट खुद अदालत द्वारा आयोजित किया जाता है, जिसके संचालन के लिए किसी बाहरी वेंडर या थर्ड-पार्टी एजेंसी की सेवाएं ली जाती हैं।19 केंद्रों पर हजारों छात्रों की थी भागीदारी
महाराष्ट्र भर में बनाए गए कुल 19 केंद्रों पर लगभग 11,000 अभ्यर्थियों को इस टाइपिंग टेस्ट में शामिल होना था। कल्याण स्थित एपीएमसी मार्केट केंद्र पर 400 से ज्यादा परीक्षार्थियों ने सड़कों पर उतरकर परीक्षा फिर से कराने की मांग की थी।
प्रशासन के आश्वासन के बाद खत्म हुआ था प्रदर्शन
स्थानीय प्रशासन द्वारा लिखित रूप में यह बात स्वीकार किए जाने के बाद कि तकनीकी बाधाओं की वजह से परीक्षा नहीं हो पाई और छात्र तय समय पर सेंटर पहुंच गए थे, रात के समय विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ था। हालांकि उस वक्त यह साफ नहीं था कि दोबारा इम्तिहान कब लिया जाएगा।
रजिस्ट्रार का बयान और शुरुआती रुख
दिन ढलने के बाद हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार की तरफ से एक आधिकारिक बयान सामने आया था जिसमें कहा गया था कि परीक्षा का आयोजन कुल मिलाकर सुचारू रूप से हुआ है। हालांकि उन्होंने कल्याण और छत्रपति संभाजीनगर जैसे कुछ सेंटरों पर तकनीकी दिक्कतों की शिकायतों को स्वीकार किया था।
एजेंसी की भूमिका पर जांच
रजिस्ट्रार ने अपने बयान में स्पष्ट किया था कि परीक्षा का जिम्मा संभालने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली और तकनीकी खामियों की गहराई से जांच की जा रही है। उम्मीदवारों को आगे के घटनाक्रम के बारे में आधिकारिक माध्यमों से सूचित किए जाने की बात कही गई थी।



















