महाराष्ट्र के जलगांव जिले में स्थित जामनेर एसटी डिपो से एक नई नवेली बस चोरी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोमवार देर रात अज्ञात चोरों ने डिपो परिसर में सेंध लगाकर खड़ी बस पर हाथ साफ कर दिया। सुरक्षा व्यवस्था को आसानी से चकमा देकर चोर बस को लेकर फरार हो गए। हालांकि, उनकी यह शातिराना योजना ज्यादा देर तक सफल नहीं हो सकी। रास्ते में सड़क पर पड़ी एक छोटी सी कील की वजह से बस का टायर पंचर हो गया, जिसके बाद चोरों के मंसूबों पर पूरी तरह पानी फिर गया और वे वाहन को सड़क किनारे छोड़कर मौके से भाग निकले।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई दुस्साहसिक वारदात
घटना की जानकारी तब सामने आई जब डिपो के कर्मचारियों को अचानक पार्किंग स्थल से नई बस गायब मिली। कुछ ही घंटे पहले डिपो में पहुंची इस बस का अचानक लापता होना अधिकारियों के लिए बेहद चौंकाने वाला था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग जांची गई, तो पूरी वारदात का खुलासा हुआ। फुटेज में स्पष्ट दिखाई दिया कि एक अज्ञात व्यक्ति बड़ी बेफिक्री से चालक की सीट पर बैठा, उसने बस को पार्किंग से पीछे की तरफ मोड़ा और मौका मिलते ही मुख्य गेट से बाहर निकाल ले गया। इस घटना के तुरंत बाद डिपो प्रशासन ने स्थानीय पुलिस को पूरे मामले की सूचना दी।
एक कील ने बिगाड़ा चोरों का खेल
सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुंचा और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के रास्तों पर नाकेबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि शातिर चोर बस को ज्यादा दूर तक ले जाने में नाकाम रहे। सफर के दौरान रास्ते में बस का एक टायर कील चुभने की वजह से पंचर हो गया। इतनी भारी और नई बस का टायर पंचर होते ही चोरों के हाथ-पॉंव फूल गए। रास्ते में वाहन को ठीक करने या आगे ले जाने का कोई उपाय न देखकर चोर बस को पास के एक गांव के समीप लावारिस हालत में छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर चंपत हो गए। पुलिस ने बाद में बस को सुरक्षित बरामद कर लिया।
सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
डिपो परिसर से इस तरह नई बस के चोरी हो जाने से परिवहन निगम की सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि रात के समय इतना विशालकाय वाहन डिपो से बाहर ले जाते वक्त सुरक्षाकर्मियों की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी। इसके अतिरिक्त, डिपो के मुख्य द्वार पर आने और जाने वाले वाहनों की नियमित प्रविष्टि की जाती है, फिर इस बस की निकास प्रविष्टि क्यों दर्ज नहीं हुई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, हाल के दिनों में बस स्टैंड और आसपास के इलाकों में चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में डिपो की निगरानी व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक ने यात्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।
पुलिस की जांच और संदिग्धों की तलाश
फिलहाल स्थानीय पुलिस सीसीटीवी फुटेज से मिले सुरागों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है। पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि बस चोरी करने के पीछे अपराधियों का वास्तविक मकसद क्या था। क्या वे इस वाहन को स्पेयर पार्ट्स में बेचकर अवैध कमाई करना चाहते थे या फिर किसी अन्य अपराध को अंजाम देने के लिए इसे ले जा रहे थे। इसके साथ ही, डिपो की सुरक्षा में हुई इस भारी चूक के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों और सुरक्षा तंत्र की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।



















