महाराष्ट्र के नागपुर में एक जाने-माने उच्च शिक्षण संस्थान के भीतर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है, जहां एक फैकल्टी सदस्य पर पूर्व छात्रा के फोन पर आपत्तिजनक और अशोभनीय संदेश भेजने का आरोप लगा है। जब छात्रा के परिजनों को इन संदेशों के बारे में पता चला, तो छात्रा के आक्रोशित पिता सीधे शैक्षणिक संस्थान पहुंचे और उन्होंने संबंधित प्रोफेसर को थप्पड़ मार दिया। इस घटनाक्रम के बाद कैंपस में तनाव फैल गया, जिसके बाद छात्र संगठनों ने मौके पर पहुंचकर जांच और सख्त कदम उठाने की मांग को लेकर आवाज उठाई।
परिजनों के हाथ लगे संदेश, कैंपस में तीखी नोकझोंक के बाद हंगामा
यह पूरा मामला नागपुर शहर के वाठोडा इलाके में स्थित एक महाविद्यालय से जुड़ा है। मध्य नागपुर की रहने वाली युवती करीब एक साल पहले इसी कॉलेज में अपनी पढ़ाई करती थी। हाल ही में जब परिवार के लोगों ने युवती के फोन की पड़ताल की, तो उसमें प्रोफेसर द्वारा भेजे गए कई आपत्तिजनक और अनुचित भाषा वाले संदेश मिले। अपनी बेटी के मोबाइल पर ऐसे संदेश देखकर पिता बेहद क्षुब्ध हो गए और बिना समय गंवाए सीधे कैंपस पहुंचे।
वहां प्रोफेसर के सामने आते ही दोनों पक्षों में जोरदार बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर छात्रा के पिता ने आपा खो दिया और प्रोफेसर को चांटा जड़ दिया। दिनदहाड़े परिसर में हुई इस घटना के चलते पूरे संस्थान में अफरा-तफरी मच गई और अन्य स्टाफ सदस्यों व छात्रों के बीच सन्नाटा पसर गया। पीड़िता इस पूरे घटनाक्रम के चलते गहरे सदमे में है, जबकि उनका परिवार भी मानसिक रूप से काफी आहत है।
छात्र संगठनों का रात में विरोध और प्रशासनिक कार्रवाई
इस प्रकरण की जानकारी बाहर आते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जाहिर की। दोनों संगठनों के सदस्यों ने संस्थान परिसर में एकत्रित होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन देर रात तक चला, जहां स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों ने संस्थान के संचालक से मुलाकात की और उन्हें औपचारिक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग रखी गई कि संस्थान अपने स्तर पर पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करवाए और नियमों के तहत सख्त कानूनी व प्रशासनिक कदम उठाए। प्रदर्शन और दबाव के मद्देनजर विश्वविद्यालय प्रशासन ने आंतरिक जांच पूरी होने तक संबंधित आरोपी प्रोफेसर को अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया है, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो।
थाने में औपचारिक रिपोर्ट का इंतजार, जांच के निर्देश
संस्थान परिसर में इतना बड़ा विवाद होने के बावजूद अब तक स्थानीय पुलिस थाने में कोई आधिकारिक लिखित तहरीर नहीं दी गई है। वाठोडा पुलिस थाने के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अब तक पीड़िता या उनके परिवार की ओर से कोई विधिवत शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
पुलिस का कहना है कि जैसे ही परिवार की ओर से लिखित शिकायत दर्ज कराई जाएगी, पूरे मामले की कानूनी बिंदुओं के तहत जांच शुरू की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई होगी। यह घटना दर्शाती है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा, गरिमा और शिकायतों के समाधान के लिए एक पारदर्शी व निष्पक्ष व्यवस्था का होना कितना अनिवार्य है।


















