महाराष्ट्र सरकार ने एक कड़ा फैसला लेते हुए राज्य के सभी निजी अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों के लिए अपनी चिकित्सा सेवाओं और सुविधाओं की दरें सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किए गए इन नए निर्देशों के तहत, अब हर अस्पताल को अपनी तरफ से दी जाने वाली तमाम स्वास्थ्य सुविधाओं का पूरा शुल्क चार्ट प्रमुखता से लगाना होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अस्पताल में इलाज कराने आने वाले हर मरीज को शुरुआत से ही सभी प्रकार के शुल्कों और खर्चों की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
अस्पताल के मुख्य काउंटरों पर लगानी होगी पूरी जानकारी
नए आदेश के अनुसार, अस्पतालों को अपने इंक्वायरी काउंटर, हेल्प डेस्क और बिलिंग काउंटर पर रेट कार्ड और मेडिकल सुविधाओं की पूरी जानकारी अनिवार्य रूप से लगानी होगी। ऐसा करने से इलाज के दौरान पूरी पारदर्शिता बनी रहेगी और मरीजों को किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा, जो विदेशी नागरिक मेडिकल वीजा के जरिए इलाज के लिए आ रहे हैं, उन्हें दिए जाने वाले विशेष पैकेजों की जानकारी भी पूरी पारदर्शिता के साथ उपलब्ध करानी होगी ताकि किसी भी स्तर पर पैसों को लेकर विवाद न हो।
मराठी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में रेट बोर्ड लगाना जरूरी
जारी किए गए सरकारी आदेश में यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इन तमाम दरों को मराठी और अंग्रेजी दोनों ही प्रमुख भाषाओं में अच्छी तरह से प्रदर्शित किया जाना चाहिए। केंद्रीय मंत्रालय के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि शुल्कों के स्पष्ट प्रदर्शन से मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के संभावित खर्च का अनुमान लगाने में मदद मिलेगी। वे अपनी वित्तीय स्थिति के आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े बड़े फैसले आसानी से ले सकेंगे। लंबे समय से स्वास्थ्य कार्यकर्ता इस तरह के कड़े नियम लागू करने की मांग उठा रहे थे, क्योंकि उनका मानना था कि इससे मनमाने तरीके से पैसे वसूलने की शिकायतों और बिलों को लेकर होने वाले विवादों पर लगाम लगेगी।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त प्रशासनिक कार्रवाई
सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी जिला सिविल सर्जनों और जिला व नगरपालिका स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के सभी निजी चिकित्सा संस्थानों तक इस आदेश की जानकारी पहुंचाएं। साथ ही, यह भी चेतावनी दी गई है कि जो संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। महाराष्ट्र नर्सिंग होम रजिस्ट्रेशन रूल्स, 2021 की अनुसूची III के दायरे में आने वाली सभी सेवाओं और सुविधाओं की दरों को इस प्रकार लगाया जाना चाहिए कि अस्पताल आने वाले हर व्यक्ति को वे साफ-साफ दिखाई दें।
दरों में बदलाव पर तुरंत अपडेट करना होगा रेट चार्ट
नियमों में यह भी साफ किया गया है कि यदि अस्पताल अपनी दरों में किसी भी प्रकार का बदलाव करते हैं, तो प्रदर्शित किए गए चार्ट को भी तुरंत अपडेट करना होगा ताकि मरीजों के पास हमेशा सटीक जानकारी रहे। विदेशी मरीजों का इलाज करने वाले अस्पतालों को उनके लिए लागू होने वाले विशेष पैकेजों की दरें भी बोर्ड पर दिखानी होंगी। सरकार के इस कदम से मरीजों के अधिकारों की रक्षा होगी और चिकित्सा क्षेत्र में पारदर्शिता का दायरा काफी हद तक बढ़ेगा।





















