राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने हाल ही में शरद पवार से हुई अपनी मुलाकात को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुई यह भेंट केवल स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए थी और इस दौरान किसी भी तरह की राजनीतिक बातचीत नहीं हुई थी। पटेल के अनुसार, वह केवल उनका स्वास्थ्य जानने गए थे और इस मामले में कोई अन्य अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।
गोंदिया दौरे के बाद फिर होगी भेंट
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि वह दीपावली के सिलसिले में गोंदिया में रहेंगे। वहां से मुंबई वापसी के बाद वह 10 नवंबर के बाद शरद पवार से उनके आवास पर दोबारा मिलने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल इतना ही तय किया था कि गोंदिया से लौटने के बाद व्यक्तिगत रूप से मिलकर आगे बातचीत की जाएगी। इस आगामी मुलाकात की सुगबुगाहट के बाद से महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में दोनों गुटों के बीच संभावित विलय को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पुराने संबंधों और आशीर्वाद का जिक्र
शरद पवार के साथ अपने रिश्तों को लेकर प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि उन्हें उनके साथ काम करने का लंबा मौका मिला है और उनका मार्गदर्शन हमेशा से मिलता रहा है। उन्होंने कहा कि शरद पवार के प्रति उनके मन में जो सम्मान पहले था, वह आज भी कायम है और भविष्य में भी बना रहेगा। पटेल ने खुशी जाहिर की कि ईश्वर की कृपा से अब शरद पवार की सेहत में सुधार हो चुका है और वह अस्पताल से सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं।
विलय और राजनीतिक समीकरणों की चर्चा
राजनीतिक हलकों में चल रही सुगबुगाहट के मुताबिक, सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल की अगुवाई वाला गुट पार्टी के पुराने स्वरूप के साथ विलय के पक्ष में खड़ा नजर आता है। इसके अलावा, भारतीय जनता पार्टी भी यही चाहती है कि शरद पवार नीत एनसीपी (एसपी) एनडीए का हिस्सा बन जाए। हालांकि, सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार इस संभावित विलय के विरोध में खड़े बताए जा रहे हैं।
मीडिया रिपोर्टों और राजनीतिक जानकारों के अनुसार, अस्पताल में हुई इस मुलाकात के दौरान संभावित विलय के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भेजे गए संदेश पर भी चर्चा होने की बात सामने आई है। इस संभावित राजनीतिक पुनरावृत्ति से भाजपा को संसद में आठ सांसदों का अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है। दूसरी तरफ, शरद पवार खेमे को सुप्रिया सुले के लिए केंद्र सरकार में मंत्री पद और वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल को महाराष्ट्र सरकार में वित्त मंत्रालय सौंपे जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।


















