मुंबई के कांदिवली इलाके में पुलिस ने लगभग 5 लाख रुपये मूल्य की सोने की चेन चुराने के मामले में 42 वर्षीय सतीश कुमार कृष्ण प्रसाद केसरी को धर दबोचा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और उसने कंप्यूटर साइंस विषय में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की थी। इसके अलावा वह टेलीविजन के लोकप्रिय रियलिटी शो कौन बनेगा करोड़पति यानी KBC के आठवें सीजन का हिस्सा भी बन चुका है। कड़े संघर्ष और असफलता के दौर के बाद उस पर भारी आर्थिक कर्ज हो गया था, जिसे चुकाने के लिए उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा और सर्राफा दुकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
सिविल सेवा परीक्षा और क्विज शो में हाथ लगी असफलता
अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद आरोपी बेहतर भविष्य की तलाश में बिहार छोड़कर राजधानी दिल्ली आ गया था। यहां उसने अपनी आजीविका चलाने के लिए छोटे-मोटे पार्ट टाइम काम किए और साथ ही देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली UPSC की सिविल सेवा परीक्षा के लिए भी कड़ी मेहनत की, लेकिन उसे सफलता हासिल नहीं हुई। इसके बाद उसने अपनी किस्मत आजमाने के लिए लोकप्रिय टेलीविजन गेम शो KBC में भी भाग लिया। इस शो के दौरान वह अंतिम एपिसोड के लिए चुने गए शीर्ष 10 प्रतियोगियों में अपनी जगह बनाने में कामयाब भी रहा था, लेकिन वह शो के शुरुआती चरण यानी फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट राउंड को पार नहीं कर पाया और हॉट सीट तक नहीं पहुंच सका।
कारोबार में भारी घाटा और कर्ज का बढ़ता बोझ
इन तमाम असफलताओं के बाद उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर टूर एंड ट्रैवल का एक नया बिजनेस शुरू करने का फैसला किया। इसके लिए उसने वित्तीय संस्थानों और अन्य माध्यमों से भारी कर्ज लिया तथा चार से पांच नई गाड़ियां खरीदकर उन्हें ओला और उबर जैसी कैब एग्रीगेटर कंपनियों के साथ जोड़कर चलाया। हालांकि, इस व्यापार में उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा और वह कर्ज के गहरे दलदल में पूरी तरह फंस गया। पुलिस के अनुसार, इस आर्थिक तंगी से उबरने के लिए उसने शातिर तरीका निकाला और ग्राहक बनकर ज्वेलरी दुकानों की रेकी करने लगा। वह दुकान के भीतर जाकर विक्रेताओं से कीमती आभूषण दिखाने का आग्रह करता था और जैसे ही जेवर उसके हाथ में आते थे, वह उन्हें देखने के बहाने लेकर वहां से भाग निकलता था।
शातिर चोर ने इस तरह दिया था वारदात को अंजाम
इसी रणनीति के तहत उसने 15 नवंबर 2025 को कांदिवली पश्चिम के मथुरादास रोड पर स्थित पद्मावती ज्वेलर्स की दुकान को निशाना बनाया। वहां से उसने लगभग 43.2 ग्राम वजनी एक सोने की चेन पर हाथ साफ कर दिया, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपये थी। वारदात को अंजाम देने के बाद वह फरार हो गया था, जिसके बाद दुकान मालिक की शिकायत पर स्थानीय थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का गहराई से विश्लेषण किया, जिसके आधार पर जांच के धागे जुड़ते चले गए और पुलिस आखिरकार आरोपी तक पहुंचने में सफल हो गई।
फर्जी दस्तावेजों और बंद फोन से पुलिस को दे रहा था चकमा
इस पूरे मामले की तफ्तीश के दौरान मुंबई पुलिस के अधिकारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा क्योंकि आरोपी ने दिल्ली और अन्य जगहों पर ठहरने के दौरान डॉर्मिटरी में अपनी जो पहचान दर्ज कराई थी, वह फर्जी आधार कार्ड के जरिए दी गई थी। इसके अलावा उसने जांच एजेंसियों को जो मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया था, वह भी लगातार बंद आ रहा था जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो गया था। हालांकि, पुलिस टीम ने हिम्मत नहीं हारी और सीसीटीवी फुटेज की लंबी और बारीकी से की गई जांच के दम पर वे एक अन्य मोबाइल नंबर का सुराग पाने में कामयाब रहे जो सीधे तौर पर आरोपी के इस्तेमाल से जुड़ा हुआ था।
तकनीकी सर्विलांस और पुख्ता सुराग मिलने के बाद मुंबई पुलिस की एक विशेष टीम ने दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में दबिश दी और 28 अक्टूबर 2026 को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चोरी की गई सोने की पूरी चेन भी सुरक्षित बरामद कर ली है। इस पूरी कार्रवाई के संबंध में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि हिरासत में लेकर की गई कड़ाई से पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और साथ ही यह भी खुलासा किया है कि उसने दिंडोशी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में भी इसी तरह की एक अन्य चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। फिलहाल आरोपी को पुलिस हिरासत में रखा गया है और उससे जुड़े अन्य मामलों की गहराई से छानबीन की जा रही है।



















