मतदाता सूची के विशेष सारांश संशोधन (एसआईआर) को लेकर छिड़े राजनीतिक घमासान के बीच मुंबई में भाजपा विधायक राम कदम ने विपक्षी दलों पर तीखे प्रहार किए हैं। 4 अक्टूबर को सामने आए अपने बयान में उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के रुख पर ऐतराज जताते हुए सवाल किया कि क्या वे फर्जी नामों को हटाने की कवायद के खिलाफ हैं। भाजपा विधायक के मुताबिक निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जा रही प्रक्रिया पर बेबुनियाद संदेह पैदा करना लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने जैसा है।
कांग्रेस के पिछले रुख और रैलियों की दिलाई याद
भाजपा विधायक ने दावा किया कि कांग्रेस अपने पुराने रुख से पलट रही है। उन्होंने कहा कि कुछ माह पहले खुद महाराष्ट्र में कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूचियों से फर्जी नाम हटाने की गुहार लगाई थी और इसके लिए रैलियों का आयोजन करके चुनाव आगे बढ़ाने का आग्रह भी किया गया था। राम कदम ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष अपनी ही पार्टी के पुराने कदमों को भुला बैठे हैं। उन्होंने कहा, “भविष्य में जब भी झूठ बोलने वाले नेताओं की लिस्ट बनेगी, राहुल गांधी का नाम सबसे ऊपर होगा।”
विधायक ने जोर देकर कहा कि एसआईआर असल में मतदाता सूची को स्वच्छ और पारदर्शी बनाने की एक अनिवार्य संवैधानिक व्यवस्था है। उनका कहना था कि बार-बार वोट चोरी का शोर मचाने की जगह नेता प्रतिपक्ष को खुलकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे मतदाता सूची से बोगस नाम हटाए जाने के पक्ष में हैं या नहीं।
पी. चिदंबरम के बयानों और चुनाव आयोग पर सवाल
राम कदम ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि मुंबई में फर्जी नाम हटाने के लिए खुद कांग्रेस ने पहले आंदोलन किया था और चिदंबरम को अपनी पार्टी की इस गतिविधि की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। चिदंबरम ने 3 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संदर्भ में बयान दिया था कि आंतरिक मतभेदों की चर्चाओं के बीच चुनाव आयोग के मुखिया के लिए पद छोड़ना ही बेहतर कदम होगा। इस पर पलटवार करते हुए भाजपा विधायक ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगाए जा रहे लांछन एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हैं।
वैश्विक पहचान, विकास दर और विपक्ष पर गंभीर आरोप
भाजपा विधायक ने देश की आर्थिक और वैश्विक स्थिति का हवाला देते हुए बताया कि वास्तविक जीडीपी में 7.8 प्रतिशत की दर्ज की गई वृद्धि भारत की मजबूत प्रगति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि आज अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और रूस जैसे बड़े देशों के शीर्ष नेता भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना कर रहे हैं, जो वास्तव में देश के 140 करोड़ नागरिकों का सम्मान है।
उन्होंने आशंका जताई कि भारत की तेज आर्थिक रफ्तार से असहज विदेशी ताकतें देश के भीतर संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा गिराने और अशांति भड़काने के लिए धन मुहैया करा रही हैं। भाजपा विधायक ने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस, दोनों ठाकरे भाई (उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे) तथा समूचा विपक्ष जाने-अनजाने ऐसे तत्वों के एजेंडे को हवा दे रहे हैं।



















