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मणिपुर के जिरिबाम में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, ट्रक से 80 करोड़ रुपये का ब्राउन शुगर जब्तमणिपुर
3 सित॰ 2026, 10:49 am (55 दिन पहले)· 1

मणिपुर के जिरिबाम में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, ट्रक से 80 करोड़ रुपये का ब्राउन शुगर जब्त

मणिपुर पुलिस, सीआरपीएफ और असम राइफल्स के संयुक्त अभियान में जिरिबाम जिले में ट्रक की छत से 10.8 किलोग्राम से अधिक ब्राउन शुगर बरामद की गई और चालक को गिरफ्तार कर लिया गया।

मणिपुर के जिरिबाम जिले में सुरक्षा बलों ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़े अभियान में 80 करोड़ रुपये मूल्य का 10.891 किलोग्राम ब्राउन शुगर जब्त किया है। असम राइफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और मणिपुर पुलिस की एक संयुक्त टीम ने बुधवार को असम की दक्षिणी सीमा से लगे जिरिबाम जिले में जे.टी. रोड पर स्थित माखा बस्ती के पास यह कार्रवाई की। इस दौरान एक संदिग्ध नशा तस्कर को भी मौके से गिरफ्तार किया गया, जो ट्रक चला रहा था।

ट्रक की छत में छिपाकर रखा गया था 80 करोड़ का ब्राउन शुगर

सुरक्षा बलों को क्षेत्र में नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप की आवाजाही के बारे में विशिष्ट खुफिया जानकारी मिली थी। इसके आधार पर संयुक्त टीम ने माखा बस्ती के पास नाकेबंदी कर असम नंबर के एक ट्रक (AS 01 LC 7631) को चेकिंग के लिए रोका। गहन तलाशी लेने पर वाहन की छत वाले हिस्से में विशेष रूप से बनाए गए गुप्त स्थान से 10 पैकेट बरामद हुए। जांच करने पर इन पैकेटों में करीब 10.891 किलोग्राम (10.8 किलोग्राम) उच्च गुणवत्ता वाला ब्राउन शुगर या हेरोइन पाया गया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इस जब्तशुदा प्रतिबंधित पदार्थ की अनुमानित कीमत लगभग 80 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

कार्रवाई के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने ट्रक चालक अज़हर हुसैन उर्फ मोनू (दिवंगत बाबुल का पुत्र) को हिरासत में ले लिया। वाहन से 1,500 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। मणिपुर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि गिरफ्तार आरोपी और जब्त की गई खेप को आगे की कानूनी प्रक्रिया और विस्तृत जांच के लिए मणिपुर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। रक्षा प्रवक्ता ने इस सफलता को तीनों सुरक्षा बलों के बीच बेहतरीन समन्वय और प्रभावी सहयोग का परिणाम बताया है।

म्यांमार से तस्करी और अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच

प्रारंभिक जांच में पुलिस को अंदेशा है कि यह नशीला पदार्थ पड़ोसी देश म्यांमार से सीमा पार कराकर भारत में लाया गया था। तस्करों की योजना इस खेप को पूर्वोत्तर से बाहर देश के अन्य राज्यों और हिस्सों में वितरित करने की थी। जांच अधिकारी अब इस पूरे तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटे हैं। इस बात का पता लगाया जा रहा है कि यह नशीला पदार्थ म्यांमार में किस स्थान से उठाया गया था, इसे किसे सौंपा जाना था और इस अंतरराज्यीय सिंडिकेट में कौन-कौन से अन्य लोग शामिल हैं।

पूर्वोत्तर की अंतरराष्ट्रीय सीमाएं और 'गोल्डन ट्रायंगल' का खतरा

मणिपुर और मिजोरम जैसे पूर्वोत्तर राज्य म्यांमार के साथ अपनी लंबी और बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के कारण नशीले पदार्थों की अवैध आवाजाही के लिए मुख्य ट्रांजिट मार्ग बन चुके हैं। यह क्षेत्र दुनिया में अवैध अफीम और ड्रग्स उत्पादन के सबसे बड़े केंद्रों में से एक, 'गोल्डन ट्रायंगल' के बेहद करीब स्थित है। म्यांमार भारत के चार पूर्वोत्तर राज्यों के साथ कुल 1,643 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है।

इस अंतरराष्ट्रीय सीमा का राज्यवार विस्तार इस प्रकार है

  • अरुणाचल प्रदेश: 520 किलोमीटर लंबी सीमा
  • मिजोरम: 510 किलोमीटर लंबी सीमा
  • मणिपुर: 398 किलोमीटर लंबी सीमा
  • नागालैंड: 215 किलोमीटर लंबी सीमा

इस सीमा का एक बहुत बड़ा हिस्सा पहाड़ी और घना जंगल होने के साथ-साथ बिना बाड़ (unfenced) का है। बाड़ न होने का फायदा उठाकर तस्कर आसानी से सीमा पार से हेरोइन और मेथमफेटामाइन की गोलियों जैसी खतरनाक दवाओं की तस्करी करते रहते हैं।

मणिपुर के पांच सीमावर्ती जिले और सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति

मणिपुर राज्य में म्यांमार के साथ 398 किलोमीटर लंबी सीमा पांच जिलों में फैली हुई है। इन जिलों में चूड़ाचांदपुर, तेंगनौपाल, चंदेल, कामजोंग और उखरुल शामिल हैं। इन क्षेत्रों का अत्यंत कठिन भौगोलिक परिदृश्य, घने जंगल और बाड़ रहित सीमा सुरक्षा एजेंसियों और कानून प्रवर्तन संस्थाओं के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी करते हैं। तस्कर अक्सर इन दूरदराज के इलाकों का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए करते हैं।

क्षेत्र में अवैध ड्रग्स के कारोबार को पूरी तरह से ध्वस्त करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों पर सुरक्षा बल लगातार संयुक्त अभियान चला रहे हैं। हाल के समय में अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के लिए सीमावर्ती इलाकों में गश्त, वाहन चेकिंग और खुफिया आधारित अभियानों में काफी तेजी लाई गई है।

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सवाल-जवाब

जिरिबाम में कितना नशीला पदार्थ जब्त किया गया?
सुरक्षा बलों ने 10 पैकेट में रखा लगभग 10.891 किलोग्राम (10.8 किलोग्राम) ब्राउन शुगर जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 80 करोड़ रुपये आंकी गई है।
इस संयुक्त अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल थीं?
यह कार्रवाई असम राइफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान क्या है?
गिरफ्तार किए गए ट्रक चालक की पहचान अज़हर हुसैन उर्फ मोनू के रूप में हुई है, जो दिवंगत बाबुल का बेटा है।
यह जब्ती किस स्थान पर और किस वाहन से हुई?
यह जब्ती जिरिबाम जिले में जे.टी. रोड स्थित माखा बस्ती के पास एक ट्रक (पंजीकरण संख्या AS 01 LC 7631) को रोककर की गई।
क्या नशीले पदार्थों के अलावा कुछ और भी बरामद हुआ है?
हां, संयुक्त टीम ने 1,500 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
पूर्वोत्तर में नशीले पदार्थों की तस्करी की मुख्य वजह क्या है?
म्यांमार के साथ भारत की 1,643 किलोमीटर लंबी सीमा का अधिकांश हिस्सा बिना बाड़ वाला है और 'गोल्डन ट्रायंगल' के करीब होने के कारण मणिपुर और मिजोरम प्रमुख ट्रांजिट रूट बन गए हैं।
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