राजस्थान के भीलवाड़ा में नगर निकाय चुनाव की नामांकन वापसी के अंतिम दिन राजनीतिक सरगर्मियों के बीच एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। भीलवाड़ा नगर निगम के वार्ड संख्या 49 से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे रोहित कुमार सैन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी अमित कुमार सारस्वत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रोहित सैन का दावा है कि भाजपा उम्मीदवार ने नामांकन वापस लेने का दबाव बनाते हुए उनके घर के कमरे में 1 लाख रुपये की नकदी छोड़ दी। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद भीमगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे से 1 लाख रुपये की राशि जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
चुनाव से हटने के लिए लगातार बनाया जा रहा था दबाव
पीड़ित निर्दलीय प्रत्याशी रोहित कुमार सैन ने पुलिस में दर्ज कराई अपनी शिकायत में पूरे घटनाक्रम का ब्योरा दिया है। रोहित सैन के अनुसार, वह भीलवाड़ा नगर निगम के वार्ड नंबर 49 से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले वह भाजपा से टिकट की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन जब पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन दाखिल करने का फैसला किया। रोहित का आरोप है कि चुनाव मैदान में उतरने के बाद से ही भाजपा उम्मीदवार अमित कुमार सारस्वत लगातार उन पर अपनी दावेदारी वापस लेने और चुनाव से बैठने का दबाव बना रहे थे। यह सिलसिला पिछले चार से पांच दिनों से लगातार चल रहा था, जिससे चुनावी माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था।
घर पहुंचकर डेढ़ घंटे तक चली वार्ता, फिर कमरे में रखे रुपये
रोहित सैन द्वारा भीमगंज थाने में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 7:00 बजे से 7:30 बजे के बीच भाजपा प्रत्याशी अमित कुमार सारस्वत अचानक उनके आवास पर पहुंचे। वहां दोनों प्रत्याशियों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक गहन बातचीत हुई। इस दौरान अमित ने रोहित से अपना नाम वापस लेने का आग्रह किया। रोहित सैन ने स्पष्ट किया कि वह अचानक कोई फैसला नहीं ले सकते और अपनी चुनावी टीम तथा समर्थकों से परामर्श करने के बाद ही अपना अंतिम जवाब देंगे। इसके बाद अमित सारस्वत वहां से चले गए। लेकिन कुछ ही देर बाद, जब रोहित सैन किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे, अमित दोबारा उनके घर पहुंचे। उस समय रोहित की पत्नी रसोई घर में खाना बना रही थीं। आरोप है कि अमित चुपके से कमरे में गए और वहां रखी टेबल पर 1 लाख रुपये की नकदी रखकर तुरंत बाहर निकल गए।
फोन पर बात और वीडियो बनाने की आशंका पर पुलिस से शिकायत
घटना के बाद जब रोहित सैन अपने घर लौटे तो उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी हुई। इसी बीच भाजपा प्रत्याशी अमित सारस्वत ने कथित तौर पर रोहित को फोन किया। फोन पर अमित ने कहा कि वह उनके घर में 1 लाख रुपये छोड़ आए हैं और जल्द ही अन्य लोगों तक भी आवश्यक राशि पहुंचा देंगे। इस पर रोहित सैन ने कड़ी आपत्ति जताते हुए पूछा कि उन्होंने उनसे पैसे कब मांगे थे। रोहित के इस सवाल के बाद अमित ने कथित तौर पर बिना कोई ठोस जवाब दिए फोन काट दिया। रोहित सैन ने यह भी आशंका जताई कि जब पैसे कमरे में रखे जा रहे थे, उस समय गुप्त रूप से कोई वीडियो भी तैयार किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिस में औपचारिक शिकायत इसलिए दर्ज कराई है ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और विरोधियों द्वारा उनके खिलाफ पैसे लेकर चुनाव से हटने की झूठी अफवाहें न फैलाई जा सकें।
भीमगंज थाना पुलिस ने बरामद की नकदी, सीसीटीवी से जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी ने पुलिस दल के साथ कार्रवाई शुरू की। थाना प्रभारी सुनील चौधरी ने बताया कि माणिक्य नगर निवासी रोहित सैन ने थाने में उपस्थित होकर लिखित रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट में बताया गया कि सुबह के समय एक प्रत्याशी उनके घर आया था और जब उनकी पत्नी खाना बनाने में व्यस्त थीं, तब वह कमरे में 1 लाख रुपये रखकर चला गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रोहित सैन की मौजूदगी में उनके घर से 1 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले के सभी कानूनी और व्यावहारिक पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पुलिस अब घर के अंदर और आसपास के इलाकों में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि घटना की सत्यता और आवाजाही के समय की पुष्टि की जा सके।
नामांकन वापसी के अंतिम दिन गहराया राजनीतिक संकट
भीलवाड़ा नगर निकाय चुनाव में नामांकन वापस लेने का आज अंतिम दिन होने के कारण पूरे शहर में राजनीतिक हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है। मुख्य राजनीतिक दलों, विशेषकर भाजपा और कांग्रेस, के वरिष्ठ नेता अपने-अपने बागी और निर्दलीय प्रत्याशियों को मनाने तथा उन्हें अपने पक्ष में बैठाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। ऐसे नाजुक समय में वार्ड 49 में 1 लाख रुपये नकदी छोड़े जाने का मामला उजागर होने से चुनावी सरगर्मी और अधिक बढ़ गई है। फिलहाल पुलिस की निष्पक्ष जांच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा कि दबाव बनाने और घर में पैसे रखने के इन गंभीर आरोपों में वास्तविक सच्चाई क्या है।



















