मणिपुर के कांगपोकपी जिले में शनिवार से लापता 71 वर्षीय कुकी बुजुर्ग हेमजांग हाओकिप का शव रविवार को घने जंगल से बरामद किया गया। यह घटना लीमाखोंग के निकटवर्ती खुनखो कुकी गांव की है, जहां अपने खेत में मौजूद बुजुर्ग किसान की झोपड़ी में आग लगा दी गई थी और उसके बाद वह रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गए थे। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में भारी तनाव और आक्रोश फैल गया।
खेत की झोपड़ी में आगजनी और अपहरण का आरोप
ग्राम प्रतिनिधियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार को खेत में बनी झोपड़ी को आग के हवाले कर दिया गया था। खुनखो कुकी विलेज अथॉरिटी ने आरोप लगाया है कि हथियारबंद एनएससीएन-आईएम उग्रवादी खेत पर पहुंचे और बुजुर्ग किसान को जबरन अपने साथ ले गए। झोपड़ी को जलाने और वृद्ध व्यक्ति को अगवा किए जाने की सूचना मिलने के बाद स्थानीय समुदाय में गहरा रोष उत्पन्न हो गया था।
संयुक्त तलाशी अभियान और शव की बरामदगी
बुजुर्ग किसान की खोज के लिए पुलिसकर्मियों, केंद्रीय सुरक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर एक व्यापक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। रविवार सुबह तलाशी के दौरान इलाके में बुजुर्ग के कपड़े, जिनमें उनकी पैंट, कमीज और स्वेटर शामिल थे, जमीन पर पड़े मिले। कपड़े मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने जांच का दायरा तेज कर दिया और खोजी कुत्तों की सहायता ली। खोजी कुत्तों के सुराग के आधार पर तलाशी दल जंगल के अंदर तक पहुंचा, जहां दोपहर लगभग 2:30 बजे एस. गोलाई क्षेत्र से उनका शव बरामद किया गया।
मौत के कारणों की जांच और स्थानीय आशंकाएं
शव की प्रारंभिक स्थिति को देखने के बाद यह बात सामने आई है कि मृतक के शरीर पर गोली लगने के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। स्थानीय स्तर पर यह आशंका जताई जा रही है कि उन्हें बांधने से पहले उनके साथ मारपीट की गई होगी। हालांकि, उनकी मौत किन सटीक परिस्थितियों में हुई और जान जाने का वास्तविक कारण क्या था, इसकी अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के जरिए मृत्यु की सही वजह तलाशने में जुटे हैं।
सड़क पर उतरी महिलाएं और न्याय की मांग
हेमजांग हाओकिप के लापता होने की खबर मिलते ही स्थानीय समुदाय में तीव्र आक्रोश फैल गया था। उनके जीवन की सुरक्षा और सुरक्षित रिहाई की मांग को लेकर कुकी-जो महिलाओं ने लीमाखोंग बाजार में शांतिपूर्ण धरना दिया। इस विरोध प्रदर्शन में मृतक की पत्नी ने भी हिस्सा लिया और अपने पति के अचानक लापता होने की पीड़ा बयां की। खुनखो कुकी विलेज अथॉरिटी ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे एक असहाय वरिष्ठ नागरिक के खिलाफ लक्षित हिंसा और मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन करार दिया। ग्रामीण प्राधिकरण ने राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से अपील की है कि वे मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच करें और जिम्मेदार अपराधियों को कानून के कठघरे में लाएं।



















