खराब मौसम और समुद्र की प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच भारतीय तटरक्षक बल ने एक बेहद संवेदनशील मेडिकल इवैक्यूएशन मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया है. लक्षद्वीप से एक 66 वर्षीय गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को आपातकालीन इलाज के लिए सुरक्षित तरीके से एयरलिफ्ट किया गया. मरीज की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल बड़े अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता थी, जिसे तटरक्षक कर्मियों की मुस्तैदी से संभव बनाया गया.
अगत्ती से कोच्चि तक त्वरित एयरलिफ्ट अभियान
इस बचाव अभियान को अंजाम देने के लिए केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप प्रशासन के साथ कोच्चि और कवरत्ती में स्थित तटरक्षक जिला मुख्यालयों ने आपसी तालमेल बनाया. 66 साल के इस मरीज को तत्काल न्यूरो सर्जरी की दरकार थी और उनकी हालत लगातार गिर रही थी. यात्रा के दौरान मरीज को निरंतर कृत्रिम ऑक्सीजन सहायता पर रखना अनिवार्य था, जिससे यह मिशन चिकित्सा के लिहाज से भी काफी संवेदनशील बन गया था.
कोच्चि स्थित तटरक्षक वायु प्रतिष्ठान से एक विशेष डोर्नियर विमान को तत्काल अगत्ती रवाना किया गया. उड़ान के दौरान रास्ते में मौसम की चुनौतियों और मरीज के गिरते स्वास्थ्य के बावजूद चालक दल ने बिना किसी देरी के एयरलिफ्ट प्रक्रिया पूरी की. विमान के भीतर सफर के दौरान मरीज को लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया, जिससे मरीज की हालत स्थिर रही और उसे कोच्चि के अस्पताल में आगे के इलाज के लिए सुरक्षित सौंप दिया गया.
डिगलीपुर तट के पास विदेशी नाविक का किया था बचाव
तटरक्षक बल की तत्परता का यह अकेला उदाहरण नहीं है. हाल ही में समुद्र की तेज लहरों और रात के अंधेरे के बीच अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के डिगलीपुर के पास भी एक चुनौतीपूर्ण राहत अभियान चलाया गया था. उस अभियान में बांग्लादेशी नाविक को जीवनदान दिया गया था. विजयपुरम स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र को सूचना मिली थी कि एमवी एमरिस नामक जहाज पर सवार 36 वर्षीय बांग्लादेशी चालक दल सदस्य गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया है.
हादसे में नाविक के सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई थीं, जिससे उसकी जान जोखिम में पड़ गई थी. सूचना मिलते ही अंडमान एवं निकोबार स्थित तटरक्षक मुख्यालय ने त्वरित राहत कार्य शुरू किया और अपने पोत राजदूत को चिकित्सा निकासी अभियान के लिए भेजा. उफनते समुद्र और प्रतिकूल मौसम का सामना करते हुए तटरक्षक दल ने जोखिम उठाकर घायल नाविक को सुरक्षित अपने पोत पर लिया और उसे समय रहते आवश्यक मेडिकल उपचार उपलब्ध कराया.



















