गोविंदा की कथित प्रेमिका कोमल रानी पर फूटा राखी सावंत का गुस्सा, परिवार तोड़ने का आरोप लगाते हुए दी सख्त चेतावनीहाथ की सुई से डिजिटल ट्रेंड तक: कोडरमा की इस दुकान में 1919 से कपड़े सिल रहीं पांच पीढ़ियांगरबा नाइट के लिए ट्रेंड में आए ऑक्सिडाइज़्ड चार्म्स वाले प्रेस-ऑन नेल्स, हाथों को मिल रहा खास फेस्टिव लुकअरावली में पाषाण कालीन मानव पदचिह्नों और मेगालिथिक पत्थरों की खोज से फरीदाबाद का कोट गांव बना पुरातत्व का केंद्रलक्षद्वीप से गंभीर मरीज का डोर्नियर विमान से रेस्क्यू, भारतीय तटरक्षक बल ने बचाई 66 वर्षीय बुजुर्ग की जानईटानगर में डेंगू की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य मंत्री की बैठक, निगरानी तंत्र मजबूत करने के निर्देशपश्चिमी राजस्थान में अकाल और पानी की किल्लत पर रविंद्र सिंह भाटी ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनीउत्तराखंड के दरकोट में अंगोरा ऊन से पारंपरिक हथकरघा पर गर्म कपड़े बुन रहीं महिलाएंपूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भीषण टक्कर, शहीद सुबेदार मेजर का पार्थिव शरीर ला रहे बेटे समेत चार की मौतजियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में दस्तक की तैयारी, 3.8 अरब डॉलर के सबसे बड़े आईपीओ पर नजरें
लक्षद्वीप से गंभीर मरीज का डोर्नियर विमान से रेस्क्यू, भारतीय तटरक्षक बल ने बचाई 66 वर्षीय बुजुर्ग की जानकेरल
4 अक्तू॰ 2026, 3:02 pm (16 मिनट पहले)· 0

लक्षद्वीप से गंभीर मरीज का डोर्नियर विमान से रेस्क्यू, भारतीय तटरक्षक बल ने बचाई 66 वर्षीय बुजुर्ग की जान

भारतीय तटरक्षक बल ने लक्षद्वीप के अगत्ती से 66 वर्षीय गंभीर न्यूरो मरीज को डोर्नियर विमान से एयरलिफ्ट कर कोच्चि पहुंचाया, जहां समय रहते आपात चिकित्सा सहायता दी गई.

खराब मौसम और समुद्र की प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच भारतीय तटरक्षक बल ने एक बेहद संवेदनशील मेडिकल इवैक्यूएशन मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया है. लक्षद्वीप से एक 66 वर्षीय गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को आपातकालीन इलाज के लिए सुरक्षित तरीके से एयरलिफ्ट किया गया. मरीज की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल बड़े अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता थी, जिसे तटरक्षक कर्मियों की मुस्तैदी से संभव बनाया गया.

अगत्ती से कोच्चि तक त्वरित एयरलिफ्ट अभियान

इस बचाव अभियान को अंजाम देने के लिए केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप प्रशासन के साथ कोच्चि और कवरत्ती में स्थित तटरक्षक जिला मुख्यालयों ने आपसी तालमेल बनाया. 66 साल के इस मरीज को तत्काल न्यूरो सर्जरी की दरकार थी और उनकी हालत लगातार गिर रही थी. यात्रा के दौरान मरीज को निरंतर कृत्रिम ऑक्सीजन सहायता पर रखना अनिवार्य था, जिससे यह मिशन चिकित्सा के लिहाज से भी काफी संवेदनशील बन गया था.

ये भी पढ़ें

कोच्चि स्थित तटरक्षक वायु प्रतिष्ठान से एक विशेष डोर्नियर विमान को तत्काल अगत्ती रवाना किया गया. उड़ान के दौरान रास्ते में मौसम की चुनौतियों और मरीज के गिरते स्वास्थ्य के बावजूद चालक दल ने बिना किसी देरी के एयरलिफ्ट प्रक्रिया पूरी की. विमान के भीतर सफर के दौरान मरीज को लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया, जिससे मरीज की हालत स्थिर रही और उसे कोच्चि के अस्पताल में आगे के इलाज के लिए सुरक्षित सौंप दिया गया.

डिगलीपुर तट के पास विदेशी नाविक का किया था बचाव

तटरक्षक बल की तत्परता का यह अकेला उदाहरण नहीं है. हाल ही में समुद्र की तेज लहरों और रात के अंधेरे के बीच अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के डिगलीपुर के पास भी एक चुनौतीपूर्ण राहत अभियान चलाया गया था. उस अभियान में बांग्लादेशी नाविक को जीवनदान दिया गया था. विजयपुरम स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र को सूचना मिली थी कि एमवी एमरिस नामक जहाज पर सवार 36 वर्षीय बांग्लादेशी चालक दल सदस्य गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया है.

हादसे में नाविक के सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई थीं, जिससे उसकी जान जोखिम में पड़ गई थी. सूचना मिलते ही अंडमान एवं निकोबार स्थित तटरक्षक मुख्यालय ने त्वरित राहत कार्य शुरू किया और अपने पोत राजदूत को चिकित्सा निकासी अभियान के लिए भेजा. उफनते समुद्र और प्रतिकूल मौसम का सामना करते हुए तटरक्षक दल ने जोखिम उठाकर घायल नाविक को सुरक्षित अपने पोत पर लिया और उसे समय रहते आवश्यक मेडिकल उपचार उपलब्ध कराया.

सवाल-जवाब

भारतीय तटरक्षक बल ने लक्षद्वीप में किस तरह का राहत अभियान चलाया?
तटरक्षक बल ने अगत्ती से 66 वर्षीय एक गंभीर मरीज को डोर्नियर विमान के जरिए सुरक्षित एयरलिफ्ट कर इलाज के लिए कोच्चि पहुंचाया.
मरीज को आपातकालीन एयरलिफ्ट की आवश्यकता क्यों पड़ी?
मरीज की हालत गंभीर थी, उसे लगातार कृत्रिम ऑक्सीजन की जरूरत थी और तत्काल न्यूरो सर्जरी कराई जानी थी.
इस मेडिकल इवैक्यूएशन में किन एजेंसियों का समन्वय रहा?
यह अभियान लक्षद्वीप प्रशासन के साथ कोच्चि और कवरत्ती में स्थित तटरक्षक जिला मुख्यालयों के आपसी समन्वय से पूरा हुआ.
डिगलीपुर के पास तटरक्षक बल ने किस व्यक्ति की जान बचाई थी?
एमवी एमरिस जहाज पर सवार 36 वर्षीय बांग्लादेशी चालक दल सदस्य को सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगने के बाद बचाया गया था.
बांग्लादेशी नाविक के बचाव अभियान में किस तटरक्षक जहाज को भेजा गया था?
अंडमान एवं निकोबार मुख्यालय ने राहत और मेडिकल निकासी के लिए भारतीय तटरक्षक पोत राजदूत को रवाना किया था.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp