मणिपुर में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के सुरक्षा काफिले पर हुए जानलेवा हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को एक अहम सफलता मिली है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने चूड़ाचांदपुर जिले से दो व्यक्तियों को इस मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को जानकारी दी कि पकड़े गए दोनों व्यक्तियों पर हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम दिलाने में मदद करने का आरोप है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और पृष्ठभूमि
जांच एजेंसी के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 44 वर्षीय जांगमिनलुन सिंगसन उर्फ फ्रेंकी और 21 वर्षीय थांगजोएल हाओकिप उर्फ थांगबोई शामिल हैं। जांगमिनलुन सिंगसन चूड़ाचांदपुर जिले के बेथेल इलाके का रहने वाला है, जबकि थांगजोएल हाओकिप इसी जिले के गम्फाजांग तुइबोंग का निवासी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये दोनों व्यक्ति पहले से ही केंद्रीय एजेंसी द्वारा संभाले जा रहे एक अन्य मामले में हिरासत में थे। जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए एजेंसी ने इस वर्तमान साजिश की तह तक जाने के लिए उन्हें औपचारिक रूप से इस मामले में भी गिरफ्तार कर लिया।
जून 2024 का घात लगाकर किया गया हमला
यह घटना 10 जून 2024 को उस वक्त हुई थी जब कांगपोकपी जिले के के सिनाम गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 37 से तत्कालीन मुख्यमंत्री का काफिला गुजर रहा था। रास्ते में अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने काफिले पर अचानक गोलियां बरसाते हुए घात लगाकर हमला कर दिया था। इस हिंसक हमले में दो सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे और सरकारी वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा था। घटना के तुरंत बाद स्थानीय न्यू कीथेलमानबी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 11 जुलाई 2024 को एनआईए ने जांच की कमान अपने हाथों में ले ली थी।
अदालत की कार्रवाई और आगे की जांच प्रक्रिया
जांच अधिकारियों का कहना है कि पड़ताल के दौरान इन दोनों व्यक्तियों के हमले की योजना बनाने और उसे सुगम बनाने में अन्य आरोपियों के साथ सीधे संपर्क और संलिप्तता के प्रमाण मिले हैं। इसके बाद दोनों आरोपियों को थौबल स्थित विशेष एनआईए अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें आठ दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में पूर्व में भी दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। केंद्रीय एजेंसी अब हिरासत के दौरान इनसे साजिश में शामिल अन्य लोगों के नेटवर्क का पता लगाने और शेष हमलावरों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की दिशा में काम कर रही है।



















