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मणिपुर में शांति बहाली के लिए बनेगा सभी 36 समुदायों का साझा पैनल, मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह का ऐलानमणिपुर
29 अक्तू॰ 2026, 6:03 am (1 घंटे पहले)· 2

मणिपुर में शांति बहाली के लिए बनेगा सभी 36 समुदायों का साझा पैनल, मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह का ऐलान

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने राज्य में शांति और भाईचारा बढ़ाने के लिए सभी 36 समुदायों को शामिल कर एक विशेष समिति बनाने की घोषणा की है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मेरा हाउ चोंगबा महोत्सव 2026 के दौरान सामने आया है।

मणिपुर में लंबे समय से चल रहे तनाव को कम करने और आपसी सौहार्द बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने घोषणा की है कि जल्द ही एक ऐसी समिति का गठन किया जाएगा जिसमें प्रदेश के सभी 36 समुदायों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। इस पैनल का मुख्य उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के बीच शांति, एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना है।

प्रधानमंत्री के सुझाव के बाद उठाया गया कदम

यह महत्वपूर्ण घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा यह पूछे जाने के बाद सामने आई है कि क्या राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव और मेलजोल को बढ़ावा देने के लिए कोई एकीकृत मंच मौजूद है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शनिवार को इम्फाल स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में विभिन्न जनजातियों के पहाड़ी प्रमुखों को सम्मानित करने के दौरान इस योजना को सार्वजनिक किया।

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मेरा हाउ चोंगबा महोत्सव और अतिथि गृह का उद्घाटन

यह कार्यक्रम इम्फाल के पैलेस कंपाउंड में मेरा हाउ चोंगबा फेस्टिवल 2026 के तहत पहाड़ी आदिवासी चीफ्स गेस्ट हाउस के उद्घाटन के बाद आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस प्रस्तावित समिति के गठन से पहले वह महाराजा लीशेंबा सानाजाओबा और राज्य के सभी विधायकों के साथ विस्तृत चर्चा करेंगे। उन्होंने प्रदेश की जनता से इस पहल का पूरी तरह समर्थन करने की अपील की है, जिसका मकसद समुदायों के बीच आपसी संबंधों को सुधारना और पूरे राज्य में समग्र विकास को गति देना है।

ऐतिहासिक और सांस्कृतिक एकता पर जोर

मणिपुर की सांस्कृतिक विविधता का जिक्र करते हुए युमनाम खेमचंद सिंह ने उम्मीद जताई कि मेरा हाउ चोंगबा का यह पारंपरिक उत्सव राज्य में शांति और समृद्धि लेकर आएगा और लोगों के बीच भाईबंदी के रिश्तों को और प्रगाढ़ करेगा। मेरा हाउ चोंगबा एक पारंपरिक त्योहार है जो मणिपुर के लोगों के बीच एकता, भाईचारे, शांति और सद्भाव का जश्न मनाता है। हाल ही में शुरू किया गया नया गेस्ट हाउस राज्य के पहाड़ी और घाटी समुदायों के बीच संबंधों को मजबूत करने का एक बड़ा जरिया बनेगा।

ऐतिहासिक संघर्षों और बलिदानों का स्मरण

राज्य के साझा इतिहास को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न समुदायों के लोगों ने मणिपुर की भूमि, पहचान और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा में अपना अहम योगदान दिया है। उन्होंने एंग्लो-मणिपुर युद्ध और सेवन इयर्स डिवास्टेटेड पीरियड का जिक्र करते हुए उन तमाम लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने राज्य की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया था। सरकार का मानना है कि इस तरह के साझा मंचों से राज्य के सभी पक्षों को एक साथ लाने और स्थायी शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।

सवाल-जवाब

मणिपुर में 36 समुदायों की समिति बनाने की घोषणा किसने की?
यह घोषणा मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने की।
इस समिति के गठन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में शांति, सद्भाव, एकता और समुदायों के बीच मजबूत संबंध स्थापित करना है।
यह घोषणा किस अवसर पर की गई?
यह घोषणा मेरा हाउ चोंगबा फेस्टिवल 2026 के तहत पहाड़ी जनजातीय प्रमुखों के अतिथि गृह के उद्घाटन के दौरान की गई।
मुख्यमंत्री समिति बनाने से पहले किन लोगों से परामर्श करेंगे?
मुख्यमंत्री महाराजा लीशेंबा सानाजाओबा और राज्य के सभी विधायकों से परामर्श करेंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·13 मिनट पहले

36 समुदायों को एक पैनल में लाना सुनने में अच्छा लगता है — लेकिन मन में यही सवाल उठता है कि पहाड़ी और घाटी के बीच जो असल विवाद हैं, उन पर यह समिति कोई बाध्यकारी फ़ैसला ले सकेगी या सिर्फ़ संवाद का मंच बनकर रह जाएगी?

Kavya Nair@kavya-nair·12 मिनट पहले

अर्जुन, सही पकड़ा। घूमते हुए जितने संघर्ष-प्रभावित इलाके देखे हैं, वहाँ ऐसे पैनल अक्सर फ़ोटो-ऑप बनकर रह जाते हैं। देखना यह है कि इसे कोई असली अधिकार मिलते हैं या नहीं।

Rohan Verma@rohan-verma·34 मिनट पहले

36 समुदायों का पैनल बनाने की घोषणा अच्छी है, लेकिन असली कसौटी तब होगी जब यह समिति वाकई काम करे। मणिपुर में ज़मीनी हालात अभी भी नाज़ुक हैं — बयान से ज़्यादा ज़रूरत है कार्रवाई की।

Ravikash Gupta@ravikash·33 मिनट पहले

रोहन, बात सही है — लेकिन 2023 से अब तक जो हुआ, उसे देखें तो यह पैनल कम से कम एक शुरुआत तो है। सवाल यह है कि इसमें असली प्रतिनिधित्व होगा या सिर्फ़ नाम?

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