अमेरिका में विरोध की आवाज़ दबाने को डीएचएस ने झोंकी पूरी ताकत, निगरानी के लिए उतारे रीपर ड्रोनपंजाब नेशनल बैंक के निष्क्रिय खातों पर बड़ी कार्रवाई, 10 नवंबर तक प्रक्रिया पूरी न करने पर बंद होंगे खातेखेल उपकरण निर्माण को पंख देने के लिए मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, 1856.67 करोड़ रुपये की नई योजना स्वीकृतएशियाई टेक मंच पर सोनी और सैमसंग को टक्कर देने की तैयारी में जियो, जानिए बाजार विश्लेषकों का आकलननिजीकरण के विरोध में हरियाणा में बिजली संकट गहराया, सरकार ने कर्मचारियों को वार्ता की मेज पर बुलायाइंटरनेट और कृत्रिम मेधा के बीच सुरक्षित नहीं बच्चों की निजी जानकारी, अभिभावक इन अहम कदमों से करें बचावअमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 3.75 से 4.00 प्रतिशत पर रोका, मुद्रास्फीति पर दी सख्त चेतावनीऐपल के पहले फोल्डेबल फोन की अंदरूनी डिस्प्ले में आई खराबी, कंपनी बदलेगी प्रभावित डिवाइसपीएम-किसान की 24वीं किस्त 30 अक्टूबर को होगी जारी, खाते में 2,000 रुपये पाने के लिए तीन जरूरी काम तुरंत निपटाएं किसानभोजपुरी सिनेमा में सिंगर्स के दबदबे के बीच रवि किशन के शुरुआती संघर्ष पर मनोज तिवारी का खुलासा
इजरायल में त्रिशंकु संसद के आसार, एग्जिट पोल में नेतन्याहू और विपक्ष दोनों बहुमत से दूरमध्य पूर्व
29 अक्तू॰ 2026, 6:49 am (5 मिनट पहले)· 1

इजरायल में त्रिशंकु संसद के आसार, एग्जिट पोल में नेतन्याहू और विपक्ष दोनों बहुमत से दूर

इजरायल में संसदीय चुनाव के मतदान के बाद सामने आए एग्जिट पोल में बेंजामिन नेतन्याहू और विपक्षी गठबंधन दोनों बहुमत के जादुई आंकड़े 61 से दूर नजर आ रहे हैं, जिससे अरब दलों की भूमिका निर्णायक हो गई है।

इजरायल में संसद के लिए मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सबकी नजरें औपचारिक मतगणना पर टिकी हैं। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद सामने आए विभिन्न चुनावी सर्वेक्षणों ने संकेत दिया है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता में पूर्ण बहुमत के साथ सीधी वापसी बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाली है। अनुमानों के मुताबिक 120 सदस्यों वाली संसद नेसेट में किसी भी गठबंधन को स्पष्ट जनादेश मिलता नहीं दिख रहा है। ऐसे हालात में सरकार गठन के लिए दोनों मुख्य खेमों को कड़े समझौते करने पड़ सकते हैं, जिससे छोटे गुटों और खास तौर पर अरब दलों का सियासी वजन अचानक बढ़ गया है।

सर्वेक्षणों में दोनों गुटों के बीच कांटे की टक्कर

विभिन्न सर्वेक्षण एजेंसियों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों में सत्ता पक्ष और विपक्षी खेमे के बीच भारी खींचतान सामने आई है। सरकारी प्रसारण सेवा के अद्यतन सर्वेक्षण में नेतन्याहू समर्थक दलों और उनके विरोधी गठबंधन दोनों को 51-51 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। इससे पहले के अनुमान में यह अंतर 50 और 52 सीटों का दिखाया गया था, जिसमें विपक्ष को मामूली बढ़त मिलती नजर आ रही थी।

ये भी पढ़ें

वहीं डायरेक्ट पोल्स के सर्वेक्षण में नेतन्याहू के खेमे को 55 सीटें, गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को 49 सीटें और अरब दलों को 16 सीटें मिलने का अनुमान व्यक्त किया गया है। दूसरी तरफ एजेंसी फिलबर द्वारा किए गए एक अन्य सर्वेक्षण में नेतन्याहू समर्थक मोर्चे को 60 सीटें, विपक्षी गुट को 43 सीटें और अरब दलों को 17 सीटें दी गई हैं। ताजा सीट समायोजन के रुझानों से स्पष्ट होता है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी 25 से 27 सीटों के दायरे में सिमट सकती है। वामपंथी गठबंधन द डेमोक्रेट्स 10 से घटकर नौ सीटों पर और धुर-दक्षिणपंथी ओत्जमा येहुदित पार्टी सात से घटकर छह सीटों पर आती दिख रही है।

बहुमत के लिए 61 का जादुई आंकड़ा और अरब दलों का रुख

इजरायल की 120 सदस्यीय संसद में स्थिर सरकार बनाने के लिए किसी भी गठबंधन को कम से कम 61 सांसदों के समर्थन की दरकार होती है। किसी भी खेमे के इस सीमा तक न पहुंच पाने के कारण राजनीतिक अनिश्चितता गहरा गई है। इस गणित के बीच राआम पार्टी के प्रमुख मंसूर अब्बास की गतिविधियां बेहद महत्वपूर्ण हो गई हैं। उन्होंने दोनों प्रमुख खेमों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत चलने के स्पष्ट संकेत दिए हैं।

हर कोई हमसे बात कर रहा है, सिर्फ 'चेंज ब्लॉक' से नहीं।

मंसूर अब्बास ने स्पष्ट किया कि नेतन्याहू समर्थक मोर्चे के सहयोगियों ने भी सरकार गठन की संभावनाओं को लेकर उनसे संपर्क साधा है। किसी भी खेमे के पास बहुमत न होने की स्थिति में अरब दलों का यह लचीला रुख सत्ता की चाबी साबित हो सकता है।

मतदान में भारी उछाल और नेतन्याहू की राजनीतिक परीक्षा

केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा साझा किए गए आधिकारिक विवरण के अनुसार, मतदान केंद्र बंद होने तक पूरे देश में 77.7 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह आंकड़ा वर्ष 2022 के आम चुनाव में इसी समय तक दर्ज किए गए 70.6 प्रतिशत मतदान से काफी ज्यादा है। चुनाव आयोग के ऐतिहासिक आंकड़ों के लिहाज से यह 1999 के बाद से इस अवधि में दर्ज किया गया सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है।

बेंजामिन नेतन्याहू पिछले करीब 19 वर्षों से इजरायल के राजनीतिक पटल और सत्ता के केंद्र में एक प्रभावशाली चेहरे के रूप में बने हुए हैं। इस बार के चुनाव में उन्हें पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकोट और उनकी याशर पार्टी से बेहद कड़ी सियासी चुनौती का सामना करना पड़ा है। एग्जिट पोल के इस कड़े मुकाबले ने स्पष्ट कर दिया है कि अंतिम नतीजे आने तक इजरायल में सत्ता का समीकरण पूरी तरह खुला हुआ है।

सवाल-जवाब

इजरायल की संसद में बहुमत हासिल करने के लिए कितनी सीटों की आवश्यकता होती है?
इजरायल की संसद नेसेट में कुल 120 सीटें हैं, जहां सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों के समर्थन की जरूरत होती है।
एग्जिट पोल में बेंजामिन नेतन्याहू के गठबंधन को कितनी सीटें मिलने का अनुमान है?
विभिन्न सर्वेक्षणों में नेतन्याहू समर्थित दलों को 51 से 60 सीटों के बीच मिलने का अनुमान जताया गया है, जो बहुमत के आंकड़े से कम है।
इस संसदीय चुनाव में कुल कितने प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया?
मतदान केंद्र बंद होने तक देश में 77.7 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 1999 के बाद का सबसे उच्च स्तर है।
अरब पार्टी राआम के प्रमुख मंसूर अब्बास का क्या कहना है?
मंसूर अब्बास ने बताया कि सरकार गठन को लेकर नेतन्याहू समर्थक और विरोधी दोनों गुटों के प्रतिनिधि उनके संपर्क में हैं।
इस चुनाव में बेंजामिन नेतन्याहू को मुख्य रूप से किसने चुनौती दी?
नेतन्याहू को पूर्व इजरायली सेना प्रमुख गादी आइजेनकोट और उनकी याशर पार्टी से कड़ी सियासी चुनौती मिली।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp