चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच 10 लाख टन कर-मुक्त आयात को मंजूरी, अरविंद केजरीवाल ने एथनॉल नीति पर उठाए सवालनई दिल्ली में मिले भारत और जापान के रक्षा मंत्री, समुद्री सुरक्षा और रक्षा तकनीक पर बनी सहमतिपुणे महारैली से पहले राहुल गांधी ने पूछा सवाल, भारतीय महिला होने के क्या हैं मायनेस्टार प्लस के लोकप्रिय शो 'तेरे लिए' के 16 साल, कैलाश खेर का टाइटल ट्रैक आज भी सोशल मीडिया पर मचा रहा धमालस्कॉटियाबैंक का अनुमान, 1.41 के स्तर की ओर बढ़ सकता है ब्रिटिश पाउंडटॉम क्रूज़ बने डिगर रॉकवेल: आलेहांद्रो जी. इनारितु की नई अपोकैलिप्टिक कॉमेडी में दिखेगा अनोखा लुकतकनीक की मजबूती से चमकी एशियाई मुद्राएं, दक्षिण कोरियाई वॉन ने बनाई बढ़तजर्मनी के मजबूत PPI आंकड़ों से यूरो में तेजी, अमरीकी ट्रेजरी ने बॉन्ड बायबैक दोगुना कियाघर की बालकनी में बिना बाजार के बीज उगाएं रसीले टमाटर, जानिए कटिंग से लेकर कटाई तक का आसान तरीकाबिहार लोकभवन की बड़ी कार्रवाई, दक्षता परीक्षा से दूर रहे 4 आशुलिपिकों को नौकरी से निकाला
52,000 करोड़ के रक्षा सौदों को हरी झंडी मिलते ही डिफेंस शेयरों में जोरदार उछाल, ज़ेन टेक बना टॉप गेनरबाज़ार
6 जुल॰ 2026, 9:37 pm (45 दिन पहले)· 4

52,000 करोड़ के रक्षा सौदों को हरी झंडी मिलते ही डिफेंस शेयरों में जोरदार उछाल, ज़ेन टेक बना टॉप गेनर

रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की ओर से करीब 52,000 करोड़ रुपये के हथियार सौदों को मंजूरी मिलने के बाद 6 जुलाई को डिफेंस कंपनियों के शेयरों में तेज खरीदारी देखी गई। ज़ेन टेक्नोलॉजीज सबसे आगे रहा, जबकि जानकारों ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और भारत डायनेमिक्स को इस दांव का सबसे बड़ा फायदा उठाने वाला बताया।

रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के शेयरों ने 6 जुलाई को निवेशकों को जोरदार मुनाफा कराया। इसकी वजह रही रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) का वह बड़ा फैसला, जिसमें सशस्त्र बलों के लिए करीब 52,000 करोड़ रुपये तक के हथियार और उपकरण खरीदने के प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई। इस खबर के दम पर ज़ेन टेक्नोलॉजीज ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया, वहीं पारस डिफेंस और डेटा पैटर्न्स के शेयरों में भी तेज उछाल आया। सरकारी दिग्गज कंपनियों हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) और भारत डायनेमिक्स (BDL) के शेयर भी हरे निशान में बंद हुए। बाजार के जानकारों की मानें तो इस नए रक्षा बजट का सबसे साफ फायदा BEL और BDL जैसी कंपनियों को मिलने वाला है।

इंडेक्स और शेयरों की चाल

निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स इस दिन करीब 1 प्रतिशत चढ़कर 9,641.30 के आसपास बंद हुआ। तेजी की इस लिस्ट में सबसे ऊपर ज़ेन टेक्नोलॉजीज रहा, जिसके शेयर में करीब 7 प्रतिशत की छलांग देखने को मिली। इसके ठीक पीछे डायनेमैटिक टेक्नोलॉजीज रहा, जो 6 प्रतिशत तक उछल गया। कारोबार बंद होने के बाद पारस डिफेंस 5 प्रतिशत, डेटा पैटर्न्स 2.33 प्रतिशत और मिधानी 1.90 प्रतिशत की बढ़त पर नजर आए।

ये भी पढ़ें

इंडेक्स को ऊपर ले जाने में BEL और BDL के शेयरों का भी बड़ा हाथ रहा, जो क्रमश: 1.7 प्रतिशत और 1.5 प्रतिशत तक चढ़े। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स में 1.2 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि GRSE, HAL और सोलर इंडस्ट्रीज मामूली बढ़त से लेकर 1 प्रतिशत तक ऊपर बंद हुए।

पैसा कहां और किस पर खर्च होगा

चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के विश्लेषकों का आकलन है कि इस पूरे खर्च का बड़ा हिस्सा थल सेना की जरूरतों पर केंद्रित रहेगा। उनके शब्दों में, "हमारा मानना है कि सेना की खरीद पाइपलाइन कुल आवंटन का 65 से 70 प्रतिशत हिस्सा (करीब 340 से 360 अरब रुपये) अपने पास रखती है, जिसमें आकाश तरंग, MRSAM, V-SHORADS, MPATGM, एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम और लॉइटरिंग म्यूनिशन जैसे सिस्टम शामिल हैं। यह एक ज्यादा फुर्तीली और तकनीक आधारित रक्षा रणनीति की ओर साफ बदलाव को दिखाता है।"

विश्लेषकों ने यह भी बताया कि कई परतों वाले सुरक्षा ढांचे पर दिया जा रहा जोर खतरे को भांपने और उसका जवाब देने, दोनों क्षमताओं को मजबूत करता है। यह ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर जैसी बदलती जंग की परिस्थितियों के साथ भी तालमेल बिठाता है। साथ ही उनका मानना है कि नौसेना और वायुसेना के लिए चुनिंदा आवंटन एक संतुलित पूंजी निवेश रणनीति की ओर इशारा करते हैं, जो तत्काल युद्ध की तैयारी के साथ-साथ लंबी अवधि की क्षमता तैयार करने में भी मदद करती है।

DAC ने किन-किन सौदों को दी मंजूरी

यह पूरा फैसला बीते हफ्ते 3 जुलाई को बाजार बंद होने के बाद आया था, जब DAC ने सशस्त्र बलों के लिए करीब 52,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी।

भारतीय सेना के लिए एंटी-ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम 'आकाश तरंग', मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) सिस्टम, मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MRSAM) वेपन सिस्टम, वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (V-SHORADS), टैंकों के लिए एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम और जेट आधारित कामिकाजे ड्रोन सिस्टम की खरीद को हरी झंडी दी गई।

वहीं भारतीय नौसेना के लिए मल्टी इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन (MIGM), नेवल शिपबॉर्न अनमैन्ड एरियल सिस्टम (NSUAS) और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम के लिए लैंड बेस्ड टेस्टिंग फैसिलिटी (LBTF) खड़ी करने जैसे प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली।

भारतीय वायुसेना के लिए फिक्स्ड-विंग बेस्ड हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट (FW-HAPS) और कुछ अन्य प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। यह FW-HAPS वायुसेना के लिए लगातार खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी और टोही (ISR), दूरसंचार और रिमोट सेंसिंग का काम करेगा।

BEL और BDL क्यों बने सबसे बड़े दांव

चॉइस के विश्लेषकों ने अपने नोट में लिखा, "हम इस मौके को मुख्य रूप से एयर डिफेंस और मिसाइल सिस्टम में केंद्रित देखते हैं, जो कुल खर्च का बड़ा हिस्सा अपने पास रख सकते हैं। इस लिहाज से भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड एक अहम लाभार्थी के तौर पर उभरती है, जो 200 अरब रुपये से ज्यादा के हिस्से का बड़ा भाग हासिल कर सकती है, क्योंकि रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और सिस्टम इंटीग्रेशन में इसकी मजबूत पकड़ है, जिससे यह कई प्लेटफॉर्म पर काम कर सकती है।"

सिर्फ BEL ही नहीं, विश्लेषकों का मानना है कि मिसाइलों से भरी इस खरीद में BDL भी एक बड़े लाभार्थी के रूप में सामने आ सकती है, खासकर MRSAM, V-SHORADS और MPATGM कार्यक्रमों के मामले में।

नोट में आगे कहा गया, "हमारा अनुमान है कि इस चक्र में BDL के लिए हासिल किए जा सकने वाले मौके की कीमत 120 से 180 अरब रुपये है, जो एयर डिफेंस और मिसाइल के बड़े 250 से 300 अरब रुपये के मौके का एक बड़ा हिस्सा बनती है। हालांकि असल में कितना कारोबार मिलेगा यह कॉन्ट्रैक्ट की बनावट और स्वदेशीकरण पर निर्भर करेगा, फिर भी हमें लगता है कि यह पाइपलाइन मध्यम अवधि में मजबूत तस्वीर पेश करती है, और मंजूरियां जैसे-जैसे असली कॉन्ट्रैक्ट में बदलेंगी, वैसे-वैसे FY27 से FY28 के दौरान ऑर्डर बढ़ते जाएंगे।"

इसी वजह से चॉइस के विश्लेषक BEL को लेकर एक भरोसेमंद और लगातार बढ़ने वाली कंपनी के तौर पर सकारात्मक हैं, जबकि BDL को वे मिसाइल आधारित ग्रोथ पर सीधे दांव के रूप में देखते हैं। इसके अलावा ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर लंबी अवधि में और भी संभावनाएं जोड़ते हैं।

यह सिफारिशें चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की ओर से दी गई हैं।

सवाल-जवाब

6 जुलाई को डिफेंस शेयरों में तेजी क्यों आई?
रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने सशस्त्र बलों के लिए करीब 52,000 करोड़ रुपये तक के खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिसके बाद डिफेंस कंपनियों के शेयर चढ़ गए।
इस दिन सबसे ज्यादा फायदा किस शेयर में हुआ?
ज़ेन टेक्नोलॉजीज सबसे आगे रहा और इसके शेयर में करीब 7 प्रतिशत की तेजी आई, इसके बाद डायनेमैटिक टेक्नोलॉजीज 6 प्रतिशत चढ़ा।
निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स कहां बंद हुआ?
यह इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत चढ़कर 9,641.30 के आसपास बंद हुआ।
DAC ने ये मंजूरियां कब दीं?
बीते हफ्ते 3 जुलाई को बाजार बंद होने के बाद DAC ने करीब 52,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले प्रस्तावों को मंजूरी दी थी।
जानकारों के मुताबिक सबसे बड़ा फायदा किसे होगा?
विश्लेषकों का मानना है कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) और भारत डायनेमिक्स (BDL) इस रक्षा खर्च के सबसे साफ लाभार्थी हैं।
BDL के लिए कितने बड़े मौके का अनुमान है?
चॉइस के विश्लेषकों ने इस चक्र में BDL के लिए 120 से 180 अरब रुपये के मौके का अनुमान लगाया है, जो 250 से 300 अरब रुपये के बड़े एयर डिफेंस और मिसाइल मौके का हिस्सा है।
भारतीय सेना के लिए किन हथियारों की खरीद को मंजूरी मिली?
आकाश तरंग एंटी-ड्रोन सिस्टम, MPATGM, MRSAM, V-SHORADS, टैंकों के लिए एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम और जेट आधारित कामिकाजे ड्रोन सिस्टम को मंजूरी दी गई।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR