लगातार तीन सत्रों की गिरावट के बाद आखिरकार अमेरिकी शेयर बाजार में सुबह राहत की लहर लौटी। गुरुवार सुबह वैश्विक बाजारों का मूड खासा चढ़ा हुआ नजर आया, और इसकी सबसे बड़ी वजह रही ब्रेंट क्रूड की कीमतों का टकराव शुरू होने से पहले वाले स्तर पर वापस आ जाना। तेल के दाम सामान्य होते ही निवेशकों की घबराहट कुछ कम हुई और बाजार ने तेजी की राह पकड़ ली।
AI को लेकर लौटा भरोसा
तेल के मोर्चे पर राहत मिलते ही AI से जुड़ी ग्रोथ की उम्मीदें एक बार फिर जोर पकड़ने लगीं। इससे उन आशंकाओं पर भी ब्रेक लगा कि बाजार किसी बुलबुले की तरफ बढ़ रहा है। इसी माहौल में माइक्रोन के शेयरों ने आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में करीब 16% की जबरदस्त छलांग लगाई। नैस्डैक 100 के फ्यूचर्स रातोंरात +1.77% चढ़ गए। टेक सेक्टर की इसी मजबूती ने पूरे अमेरिकी बाजार को सहारा दिया और S&P 500 के फ्यूचर्स भी +0.53% ऊपर पहुंच गए, जो लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद रिकवरी का साफ संकेत है।
एशिया में दिखी तेजी की झलक
यह सकारात्मक रुख रातोंरात एशियाई बाजारों में भी साफ झलका। जापान का निक्केई +4.10% और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी +5.73% की जोरदार तेजी के साथ बंद हुआ। चीन के CSI 300 में भी +1.61% का अच्छा उछाल देखने को मिला। हालांकि इस तेजी से अलग रहा हांगकांग का हैंग सेंग, जो -1.38% फिसलकर एक साल के निचले स्तर की ओर बढ़ता दिखा।
वॉल स्ट्रीट की भीतरी तस्वीर
इसी पृष्ठभूमि ने सोमवार और मंगलवार की गिरावट के बाद बाजार को संभलने में मदद की। S&P 500 महज -0.10% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। दूसरी ओर, दिग्गज टेक कंपनियों का समूह मैग्निफिसेंट सेवन (मैग 7) -0.82% गिरकर और गहरे करेक्शन में चला गया, जो 28 मई के अपने उच्चतम स्तर से अब तक -11.6% तक लुढ़क चुका है। तेल की कीमतों में गिरावट के बीच S&P 500 का एनर्जी सेक्टर भी -1.73% कमजोर रहा। लेकिन व्यापक स्तर पर तस्वीर सकारात्मक रही, क्योंकि S&P 500 की करीब दो-तिहाई कंपनियों के शेयर दिन के अंत में हरे निशान में बंद हुए, जिससे इक्वल-वेटेड S&P 500 +0.71% ऊपर रहा। उधर यूरोप में STOXX 600 भी +0.08% की हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ।













