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व्हाइट हाउस से शेयर बाजार पर दांव, ट्रंप ने ओवल ऑफिस से बजाईं NYSE और नैस्डैक की घंटियांबाज़ार
2 घंटे पहले· 1

व्हाइट हाउस से शेयर बाजार पर दांव, ट्रंप ने ओवल ऑफिस से बजाईं NYSE और नैस्डैक की घंटियां

डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस से न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) और नैस्डैक, दोनों की शुरुआती घंटियां बजाकर बच्चों के लिए बनी ट्रंप अकाउंट्स योजना की शुरुआत की। हालांकि अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर उनका जनसमर्थन अब भी कमजोर बना हुआ है।

अमित पटेलअमित पटेलबिज़नेस संवाददाता 3 मिनट पढ़ें AI के लिए
शेयर

अमेरिकी शेयर बाजार के लिए सोमवार की सुबह आम नहीं रही। डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में बैठे-बैठे ही न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) और नैस्डैक, दोनों के लिए कारोबार की शुरुआती घंटी बजाई। किसी ट्रेडिंग फ्लोर पर पहुंचे बिना एक साथ दो एक्सचेंज की घंटी बजाने का यह अंदाज साफ बताता है कि ट्रंप अपने राष्ट्रपति पद को शेयरों की चाल के साथ कितनी मजबूती से जोड़ना चाहते हैं।

ट्रंप अकाउंट्स की शुरुआत बनी मौका

ओवल ऑफिस का यह आयोजन दरअसल एक नई योजना, ट्रंप अकाउंट्स, की शुरुआत का जश्न भी था। ये अकाउंट बच्चों के लिए बनाए गए हैं, ताकि वे कम उम्र से ही शेयर सूचकांकों में पैसा लगा सकें। रिपब्लिकन पार्टी ने इस विचार को 2025 के टैक्स और खर्च में कटौती वाले बिल में शामिल किया था और इसे साल की बड़ी वित्तीय योजना का हिस्सा बना दिया। कारोबार शुरू होते ही ट्रंप ने जबरदस्त तेजी का दावा किया। उन्होंने कहा, 'यह ऊपर जाने वाला है, मुझे लगता है बाजार आसमान छू लेगा।' इस तरह उन्होंने इस पल को नए और युवा निवेशकों के लिए एक बड़ी शुरुआत के रूप में पेश किया।

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बेसेंट बोले, ज्यादातर परिवार बाजार से बाहर

घंटी बजाने के इस समारोह से पहले ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बताया कि यह योजना आखिर क्यों जरूरी है। उन्होंने दलील दी कि अमेरिका में बड़ी संख्या में लोग शेयर खरीदते ही नहीं, जिससे बाजार चढ़ने पर फायदा उठाने वालों का दायरा सिमट जाता है। बेसेंट के मुताबिक इसका लाभ अक्सर अमीर घरों तक पहुंचता है, जबकि बाकी कमाई दशकों तक रिटायरमेंट योजनाओं में बंद रहती है, जिन तक आम परिवार आसानी से नहीं पहुंच पाते। उन्होंने कहा, '38% अमेरिकी परिवारों की हमारे शानदार इक्विटी बाजारों में कोई हिस्सेदारी नहीं है।'

अर्थव्यवस्था पर घटता भरोसा

चढ़ते बाजार का जश्न मनाना रिपब्लिकन के लिए एक सियासी जोखिम भी है। जून में हुए एक सर्वे में ट्रंप के आर्थिक कामकाज को लेकर लोगों का समर्थन कमजोर दिखा। एसोसिएटेड प्रेस-NORC सेंटर फॉर पब्लिक अफेयर्स रिसर्च के इस सर्वे में सिर्फ 33% अमेरिकी वयस्कों ने ट्रंप के आर्थिक नेतृत्व को सराहा। यह आंकड़ा इशारा करता है कि बाजार की तेजी का फायदा कई मतदाताओं की रोजमर्रा की जिंदगी तक नहीं पहुंच रहा।

बाजार की हालिया चाल

कागजों पर बाजार का प्रदर्शन मजबूत रहा है। एसएंडपी 500 सूचकांक 2025 में 17.9% चढ़ा और इससे पहले भी इसकी रफ्तार दमदार रही। इसने 2024 में 25% और 2023 में 26.3% का रिटर्न दिया था। खास बात यह है कि ये दोनों साल डेमोक्रेट जो बाइडेन के राष्ट्रपति काल में आते हैं। इस साल अब तक यह बेंचमार्क सूचकांक करीब 10% बढ़ चुका है, यानी ऊपर की चाल अब भी कायम है, भले ही इस तेजी का सेहरा किसके सिर बंधे, इस पर बहस जारी है।

महंगाई की छाया

ट्रंप के नेतृत्व को लेकर लोगों की राय पर महंगाई का असर भी साफ दिखता है। उन्होंने 2024 का चुनाव कीमतें घटाने के वादे के साथ जीता था, लेकिन उसके बाद दाम और ऊपर चढ़े हैं। टैरिफ और ईरान में युद्ध की शुरुआत ने कीमतों पर नया दबाव डाला। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पिछले 12 महीनों में 4.2% बढ़ा, जबकि जनवरी 2025 में जब ट्रंप ने अपना दूसरा कार्यकाल शुरू किया था, तब यह 3% था।

व्यापक हिस्सेदारी का दांव

आयोजन के आखिर में ट्रंप ने कहा कि शेयरों की मिल्कियत को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक फैलाने से आने वाली पीढ़ियों को दौलत बनाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने इन अकाउंट्स को मिल रहे सरकारी समर्थन का जिक्र किया और कुछ कंपनियों तथा अरबपतियों के साथ आने की बात भी कही। योजना को शुरू होने में लगी देरी पर उन्होंने मजाक में कहा, 'हमें और तेजी से कदम उठाना चाहिए था।' प्रशासन इस योजना को ज्यादा अमेरिकियों को बाजार से जोड़ने और अर्थव्यवस्था में आम लोगों की हिस्सेदारी बढ़ाने के रास्ते के तौर पर पेश करता रहा है।

इसका आप पर असर

  • निवेशकों के लिए: अमेरिकी बाजार और ट्रंप की आर्थिक नीतियां वैश्विक बाजारों का रुख तय करती हैं, इसलिए इनका असर भारत समेत दुनिया भर के शेयर बाजारों के मूड पर पड़ सकता है।
  • आम लोगों के लिए: अमेरिका में 12 महीनों में महंगाई 4.2% तक पहुंचना दिखाता है कि बाजार चढ़ने के बावजूद रोजमर्रा की कीमतों का दबाव कायम है।

सवाल-जवाब

ट्रंप ने घंटियां कहां से बजाईं?
डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस से न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) और नैस्डैक, दोनों की शुरुआती घंटियां बजाईं।
ट्रंप अकाउंट्स क्या हैं?
ये बच्चों के लिए बनाए गए अकाउंट हैं, जिनके जरिए वे कम उम्र से ही शेयर सूचकांकों में निवेश कर सकते हैं। इसे 2025 के टैक्स और खर्च कटौती वाले बिल में शामिल किया गया था।
स्कॉट बेसेंट ने 38% वाला बयान क्यों दिया?
बेसेंट ने कहा कि 38% अमेरिकी परिवारों की इक्विटी बाजारों में कोई हिस्सेदारी नहीं है, इसलिए बाजार चढ़ने का फायदा सीमित लोगों तक ही पहुंचता है।
एसएंडपी 500 का प्रदर्शन कैसा रहा?
एसएंडपी 500 सूचकांक 2025 में 17.9% चढ़ा, जबकि 2024 में 25% और 2023 में 26.3% रिटर्न मिला था। इस साल अब तक यह करीब 10% बढ़ा है।
अर्थव्यवस्था पर ट्रंप का समर्थन कितना है?
जून के एक सर्वे में सिर्फ 33% अमेरिकी वयस्कों ने ट्रंप के आर्थिक नेतृत्व को सराहा।
अमेरिका में महंगाई कितनी है?
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पिछले 12 महीनों में 4.2% बढ़ा, जबकि जनवरी 2025 में यह 3% था।
अमित पटेल
लेखक के बारे मेंअमित पटेलबिज़नेस संवाददाता दिल्ली
विशेषज्ञताबिज़नेस समाचार, वित्तीय बाज़ार, शेयर बाज़ार विश्लेषण, कॉर्पोरेट मामले, स्टार्टअप, उद्यमिता, आर्थिक रुझान, टेक्नोलॉजी बिज़नेस, निवेश, वैश्विक अर्थव्यवस्था

अमित पटेल एक बिज़नेस संवाददाता हैं जो वैश्विक बाज़ार, वित्त, स्टार्टअप, तकनीक और आर्थिक रुझानों को कवर करते हैं। वे आधुनिक अर्थव्यवस्था को आकार देने वाले कारोबार और उद्योगों की ख़बरें, बाज़ार विश्लेषण और अंतर्दृष्टि देते हैं।

अमित पटेल एक बिज़नेस संवाददाता हैं जो वैश्विक बाज़ार, वित्त, उद्यमिता, तकनीक और आर्थिक घटनाक्रमों को कवर करते हैं। वे ब्रेकिंग बिज़नेस न्यूज़, कॉर्पोरेट रणनीतियों, शेयर बाज़ार के रुझानों, स्टार्टअप इकोसिस्टम और वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार देने वाले औद्योगिक नवाचारों पर रिपोर्ट करते हैं। सटीकता, स्पष्टता और गहन विश्लेषण पर ज़ोर देते हुए अमित पाठकों को जटिल कारोबारी विषयों और उनके वास्तविक असर को समझने में मदद करते हैं। उनकी कवरेज वित्तीय बाज़ार, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, उभरते उद्योगों, आर्थिक नीति, निवेश रुझानों और डिजिटल बदलाव तक फैली है।

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