टाटा ग्रुप की अगुवाई वाली टाइटन कंपनी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली यानी जून तिमाही में शानदार शुरुआत की है। कंपनी ने बताया कि इस तिमाही में उसका राजस्व 41 फीसदी बढ़ा है, और यह बढ़त ज्वेलरी, घड़ियों और आईवियर तीनों बड़े कारोबारों में देखने को मिली। खास बात यह है कि यह लगातार तीसरी तिमाही है जब कंपनी की राजस्व वृद्धि 40 फीसदी के आंकड़े को पार कर गई है। इससे पहले टाइटन ने वित्त वर्ष 2026 की दिसंबर तिमाही में 40 फीसदी और मार्च तिमाही में 46 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की थी। कंपनी ने ये सारे आंकड़े एक नियामक फाइलिंग के जरिए साझा किए हैं।
ज्वेलरी कारोबार बना ग्रोथ की रीढ़
टाइटन के सबसे बड़े कारोबार यानी ज्वेलरी डिवीजन ने अप्रैल-जून की अवधि में 39 फीसदी की राजस्व वृद्धि दर्ज की। यह डिवीजन कंपनी के लिए कितना अहम है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी के 75,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के कुल राजस्व में अकेले ज्वेलरी की हिस्सेदारी करीब 91.5 फीसदी रही थी। इस सेगमेंट में कंपनी के पास तनिष्क, मिया, ज़ोया, बियॉन और कैरेटलेन जैसे बड़े ब्रांड हैं।
कंपनी ने ज्वेलरी की इस बढ़त को त्योहारी खरीदारी और अक्षय तृतीया की मांग से जोड़ा है। टाइटन के मुताबिक इस दौरान सोने की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रहीं, जिसका सीधा फायदा बिक्री को मिला। कंपनी ने बताया कि खरीदारों की संख्या में शुरुआती दोहरे अंकों की बढ़त रही, जबकि औसत टिकट साइज (यानी हर ग्राहक की औसत खरीदारी का मूल्य) ऊंचे दोहरे अंकों में बढ़ा। टाइटन ने कहा, "अपेक्षाकृत स्थिर सोने की कीमतों के बीच पोर्टफोलियो में खरीदार वृद्धि शुरुआती दोहरे अंकों में रही और औसत टिकट साइज ऊंचे दोहरे अंकों में बढ़ा।"
कंपनी ने आगे बताया कि प्लेन और स्टडेड (नग जड़े) दोनों तरह के गहनों में अलग-अलग रूप से मिड-थर्टीज यानी करीब 35 फीसदी के आसपास की बढ़त रही। इसके अलावा सोने-चांदी के सिक्कों में भी जोरदार तेजी बनी रही, जिसे निवेश की मांग ने आगे बढ़ाया। टाइटन ने अपने तिमाही बिजनेस अपडेट में कहा, "प्लेन और स्टडेड जैसी कोर ज्वेलरी श्रेणियां अलग-अलग रूप से मिड-थर्टीज में बढ़ीं, जबकि इस दौरान सिक्कों ने निवेश आधारित मजबूत दोहरे अंकों की ग्रोथ की रफ्तार जारी रखी।"
घड़ियों में एनालॉग की चमक, स्मार्टवॉच पर दबाव
घड़ी कारोबार की बात करें तो टाइटन के इस डिवीजन ने तिमाही में 23 फीसदी का विस्तार किया। कंपनी ने इस बढ़त का बड़ा श्रेय एनालॉग घड़ियों को दिया है। टाइटन के मुताबिक एनालॉग घड़ियों की बिक्री हाई-ट्वेंटीज यानी करीब 27-28 फीसदी तक बढ़ी, और इसमें प्रीमियमाइजेशन यानी महंगे व प्रीमियम उत्पादों की ओर बढ़ते रुझान का बड़ा हाथ रहा। हालांकि इसी दौरान स्मार्ट घड़ियों का कारोबार लो-टीन्स यानी करीब 13-14 फीसदी तक गिर गया।
आईवियर कारोबार में 23% की तेजी
टाइटन ने बताया कि उसके आईकेयर यानी चश्मे-आईवियर के कारोबार का राजस्व तिमाही में 23 फीसदी बढ़ा। फाइलिंग में इस बढ़त के पीछे कंपनी के अपने और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों की मजबूत रफ्तार का जिक्र किया गया। इसके साथ ही कंपनी ने सोच-समझकर की गई मार्केटिंग निवेश की भूमिका भी बताई। टाइटन ने कहा कि उसने ग्रोथ को सहारा देने के लिए मल्टी-पेयर और मल्टी-कैटेगरी खरीदारी को बढ़ावा दिया, यानी ग्राहकों को एक से ज्यादा जोड़ी और एक से ज्यादा श्रेणी के उत्पाद खरीदने की ओर प्रेरित किया।
उभरते कारोबार और तनेइरा का प्रदर्शन
कंपनी के उभरते कारोबारों (इमर्जिंग बिजनेस) ने तिमाही में कुल मिलाकर 19 फीसदी की बढ़त दर्ज की। इसमें फ्रेगरेंस यानी परफ्यूम कारोबार मिड-टीन्स यानी करीब 15 फीसदी बढ़ा। महिलाओं के बैग के कारोबार ने तिमाही में मजबूत दोहरे अंकों की ग्रोथ हासिल की। वहीं एथनिक वियर ब्रांड तनेइरा की ग्रोथ लो सिंगल-डिजिट यानी कम एकल अंकों में रही। टाइटन ने कहा, "पोर्टफोलियो में फ्रेगरेंस मिड-टीन्स में बढ़े, महिलाओं के बैग ने तिमाही में मजबूत दोहरे अंकों की ग्रोथ दर्ज की और तनेइरा की ग्रोथ लो सिंगल-डिजिट में रही।"
अंतरराष्ट्रीय कारोबार में 128% की जबरदस्त छलांग
कंपनी के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी उसके अंतरराष्ट्रीय कारोबार से आई, जो मुख्य रूप से ज्वेलरी ब्रांडों के दम पर पूरे 128 फीसदी बढ़ गया। टाइटन ने बताया कि तनिष्क, मिया और कैरेटलेन को उत्तरी अमेरिका में अच्छी पकड़ मिली है। इसके साथ ही कंपनी को खाड़ी देशों यानी GCC क्षेत्र में भी उत्साहजनक दोहरे अंकों की ग्रोथ मिली। टाइटन ने कहा कि भू-राजनीतिक हालात के बावजूद उसके कोर दमास कारोबार में सभी अहम मानकों पर धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है।
कैसा रहा कुल मिलाकर प्रदर्शन
टाइटन असल में टाटा ग्रुप और तमिलनाडु इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (TIDCO) के बीच का एक संयुक्त उपक्रम है। कंपनी का कहना है कि उसके सभी प्रमुख कारोबारों में हुई व्यापक (ब्रॉड-बेस्ड) बढ़त ने जून तिमाही के प्रदर्शन को मजबूत सहारा दिया। हालांकि कंपनी ने यह भी माना कि श्रेणियों के भीतर मिले-जुले रुझान देखने को मिले, जिनमें स्मार्ट घड़ियों की गिरावट प्रमुख रही। नियामक फाइलिंग में वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून अवधि से जुड़े ये सभी सेगमेंट अपडेट दर्ज किए गए हैं।











