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AI पर बढ़ती आशंकाओं ने हिलाया कोरियाई बाजार, चिप शेयरों में भारी बिकवाली, भारत पर कितना खतरा?बाज़ार
2 घंटे पहले· 3

AI पर बढ़ती आशंकाओं ने हिलाया कोरियाई बाजार, चिप शेयरों में भारी बिकवाली, भारत पर कितना खतरा?

दक्षिण कोरिया के KOSPI इंडेक्स में बुधवार को कारोबार के दौरान करीब 7% की गिरावट आई, सैमसंग और एसके हाइनिक्स समेत बड़ी चिप कंपनियों के शेयर लुढ़के. AI सेक्टर पर बढ़ती चिंताओं ने ग्लोबल टेक शेयरों को दबाव में ला दिया.

अमित पटेलअमित पटेलबिज़नेस संवाददाता 3 मिनट पढ़ें AI के लिए
शेयर

दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार के लिए बुधवार का दिन बेहद भारी रहा. कारोबार के बीच में ही देश का प्रमुख इंडेक्स KOSPI करीब 7% तक फिसल गया. इस तेज गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI सेक्टर को लेकर बढ़ती बेचैनी रही. निवेशक इस बात को लेकर सशंकित हैं कि AI से जुड़ी कंपनियां और इस क्षेत्र में झोंका जा रहा भारी पैसा आगे चलकर उम्मीद के मुताबिक मुनाफा दे पाएगा या नहीं. यही डर मुनाफावसूली की लहर में बदल गया.

सबसे तगड़ी चोट सेमीकंडक्टर बनाने वाली कंपनियों को लगी. सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स जैसी दिग्गज चिप निर्माता कंपनियों के शेयर 8% से ज्यादा गिर गए. गौरतलब है कि ये दोनों कंपनियां दुनिया में AI मेमोरी चिप बनाने वाली टॉप कंपनियों में गिनी जाती हैं. ग्लोबल मार्केट की इस कमजोरी पर भारतीय निवेशकों की भी पैनी नजर है, क्योंकि विश्व के टेक सेक्टर में आने वाले किसी भी बड़े झटके की गूंज भारतीय आईटी और टेक शेयरों तक पहुंच सकती है.

AI को लेकर संदेह और बिकवाली का सिलसिला

बीते कुछ महीनों में AI क्षेत्र में जमकर निवेश हुआ है. लेकिन अब बाजार में यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि क्या कंपनियां इतने बड़े खर्च के बदले उतनी कमाई कर पाएंगी. इसी शक की वजह से टेक और चिप कंपनियों में बिकवाली और तेज हो गई. हालत यह हुई कि गिरावट इतनी तेज थी कि कोरिया एक्सचेंज को कुछ देर के लिए प्रोग्राम ट्रेडिंग पर रोक लगानी पड़ी. यह असर सिर्फ दक्षिण कोरिया तक सीमित नहीं रहा, अमेरिका की कई चिप कंपनियों के शेयर भी लुढ़के. इससे साफ है कि AI को लेकर घबराहट अब किसी एक देश का मसला नहीं रह गई है.

मेटा और एपल की खबरों से बढ़ा दबाव

कुछ ताजा कॉरपोरेट खबरों ने भी बाजार का मूड बिगाड़ने का काम किया. मेटा अपनी AI कंप्यूटिंग कैपेसिटी और मॉडल्स को क्लाउड के जरिए दूसरों तक पहुंचाने की नई रणनीति पर काम कर रही है. इस खबर से निवेशकों में यह आशंका गहरा गई कि आगे चलकर AI इंफ्रास्ट्रक्चर की क्षमता जरूरत से ज्यादा हो सकती है.

दूसरी तरफ, एपल के चीनी सेमीकंडक्टर कंपनियों से चिप खरीदने की चर्चा ने भी दक्षिण कोरियाई चिप कंपनियों की मुश्किल बढ़ा दी. अमेरिकी बाजार में भी कई AI और चिप बनाने वाली कंपनियों के स्टॉक फिसले. माइक्रॉन के शेयर में 10.57% की गिरावट आई, AMD में 6.89% और इंटेल में 9.03% की गिरावट दर्ज हुई. डर यह है कि अगर बड़े ग्राहक दूसरे सप्लायर्स की ओर मुड़ जाते हैं, तो सैमसंग और एसके हाइनिक्स जैसी कंपनियों के कारोबार पर सीधी चोट पड़ सकती है. यही वजह रही कि निवेशकों ने इन शेयरों से हाथ खींचना शुरू कर दिया.

भारतीय निवेशकों के लिए क्या मायने

इस साल दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार दुनिया के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले बाजारों में शामिल रहा है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी वजह चंद चुनिंदा चिप कंपनियां ही थीं. ऐसे में जैसे ही इन कंपनियों पर दबाव आता है, उसका असर पूरे बाजार पर साफ नजर आने लगता है. भारतीय निवेशकों के लिए यह एक संकेत है कि ग्लोबल टेक और AI सेक्टर का उतार-चढ़ाव बेहद तेजी से पलट सकता है. अगर AI इंडस्ट्री की रफ्तार मजबूत बनी रहती है, तो चिप कंपनियां दोबारा संभल सकती हैं. फिलहाल निवेशक इस क्षेत्र से मिलने वाले रिटर्न और लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर कहीं ज्यादा सतर्क दिख रहे हैं.

इसका आप पर असर

  • भारत में: ग्लोबल टेक और चिप शेयरों में इस तरह की तेज गिरावट का असर भारतीय आईटी और टेक स्टॉक्स पर भी पड़ सकता है, इसलिए इस सेक्टर में पैसा लगाने वाले निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए.
  • निवेशकों के लिए: AI और सेमीकंडक्टर से जुड़े शेयरों में अभी उतार-चढ़ाव तेज है, ऐसे में सिर्फ चंद कंपनियों पर टिके पोर्टफोलियो में जोखिम बढ़ सकता है.

सवाल-जवाब

दक्षिण कोरिया के बाजार में कितनी गिरावट आई?
बुधवार को कारोबार के दौरान KOSPI इंडेक्स करीब 7% तक फिसल गया.
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह क्या रही?
AI सेक्टर को लेकर बढ़ती चिंताएं और इस क्षेत्र में हो रहे भारी निवेश पर उठते सवाल इसकी मुख्य वजह रहे.
किन कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा गिरे?
सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स जैसी बड़ी चिप कंपनियों के शेयर 8% से ज्यादा टूट गए.
अमेरिकी चिप कंपनियों में कितनी गिरावट रही?
माइक्रॉन में 10.57%, AMD में 6.89% और इंटेल में 9.03% की गिरावट दर्ज हुई.
मेटा और एपल की किन खबरों ने दबाव बढ़ाया?
मेटा की AI कंप्यूटिंग को क्लाउड के जरिए उपलब्ध कराने की रणनीति और एपल के चीनी कंपनियों से चिप खरीदने की चर्चा ने कोरियाई चिप कंपनियों पर दबाव बढ़ाया.
क्या इस गिरावट का असर भारत पर पड़ेगा?
ग्लोबल टेक सेक्टर के बड़े बदलावों का असर भारतीय आईटी और टेक शेयरों पर पड़ सकता है, इसलिए निवेशक इस पर नजर रखे हुए हैं.
अमित पटेल
लेखक के बारे मेंअमित पटेलबिज़नेस संवाददाता दिल्ली
विशेषज्ञताबिज़नेस समाचार, वित्तीय बाज़ार, शेयर बाज़ार विश्लेषण, कॉर्पोरेट मामले, स्टार्टअप, उद्यमिता, आर्थिक रुझान, टेक्नोलॉजी बिज़नेस, निवेश, वैश्विक अर्थव्यवस्था

अमित पटेल एक बिज़नेस संवाददाता हैं जो वैश्विक बाज़ार, वित्त, स्टार्टअप, तकनीक और आर्थिक रुझानों को कवर करते हैं। वे आधुनिक अर्थव्यवस्था को आकार देने वाले कारोबार और उद्योगों की ख़बरें, बाज़ार विश्लेषण और अंतर्दृष्टि देते हैं।

अमित पटेल एक बिज़नेस संवाददाता हैं जो वैश्विक बाज़ार, वित्त, उद्यमिता, तकनीक और आर्थिक घटनाक्रमों को कवर करते हैं। वे ब्रेकिंग बिज़नेस न्यूज़, कॉर्पोरेट रणनीतियों, शेयर बाज़ार के रुझानों, स्टार्टअप इकोसिस्टम और वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार देने वाले औद्योगिक नवाचारों पर रिपोर्ट करते हैं। सटीकता, स्पष्टता और गहन विश्लेषण पर ज़ोर देते हुए अमित पाठकों को जटिल कारोबारी विषयों और उनके वास्तविक असर को समझने में मदद करते हैं। उनकी कवरेज वित्तीय बाज़ार, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, उभरते उद्योगों, आर्थिक नीति, निवेश रुझानों और डिजिटल बदलाव तक फैली है।

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