अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की विनिमय दर एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गई है। सप्ताह की शुरुआत में यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर ने जापानी येन के मुकाबले बढ़त बनाने की कोशिश की, लेकिन 157.20 से 157.50 के उस महत्वपूर्ण स्तर को पार करने में संघर्ष जारी रहा जो पहले इसके लिए मजबूत आधार माना जा रहा था। मुद्रा बाजार में यह हिचकिचाहट ऐसे समय सामने आई है जब निवेशक दुनिया के दो बड़े केंद्रीय बैंकों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान के आगामी ब्याज दर फैसलों की प्रतीक्षा में पूरी तरह से रक्षात्मक रुख अपनाए हुए हैं।
केंद्रीय बैंकों की आगामी बैठकों से पहले बाजार में सतर्कता
मुद्रा कारोबारियों की नजरें इस सप्ताह के उत्तरार्ध में होने वाली नीतिगत बैठकों पर टिकी हैं। बैंक ऑफ जापान को लेकर व्यापक रूप से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वह अपनी मानक ब्याज दर को 1.25 प्रतिशत पर स्थिर रखेगा। इसके साथ ही, देश में बढ़ते मुद्रास्फीति दबावों को देखते हुए केंद्रीय बैंक दिसंबर में दरों में एक और वृद्धि का संकेत दे सकता है। बैंक ऑफ जापान का यह संभावित कदम उसकी त्रैमासिक मौद्रिक सख्ती की रणनीति के अनुरूप होगा। जापानी येन को बैंक ऑफ जापान के इस सख्त रुख की उम्मीद से लगातार समर्थन मिल रहा है, जिससे अमेरिकी डॉलर के लिए ऊपर की ओर गति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
दूसरी ओर, अमेरिका में फेडरल रिजर्व के नीति निर्माता तत्काल ब्याज दरें बढ़ाने की किसी जल्दी में नहीं दिख रहे हैं। अमेरिकी बांड यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने भी अमेरिकी डॉलर की ताकत को सीमित किया है। ऐसे में बाजार प्रतिभागी फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक की शुरुआत से पहले आक्रामक दांव लगाने से बच रहे हैं, जिससे मुद्रा जोड़ी एक सीमित दायरे में सिमट कर रह गई है।
तकनीकी संकेतकों का विश्लेषण और चार्ट का ढांचा
तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो चार घंटे के समय-सीमा वाले चार्ट पर संवेग संकेतक पूरी तरह से तटस्थ बाजार का संकेत दे रहे हैं। 14 अवधियों का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 40 के स्तर से ऊपर सुधरकर तटस्थ क्षेत्र में आया है, जबकि मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD रेखा भी सपाट स्तरों पर मंडरा रही है, जो यह दर्शाती है कि अल्पकालिक तेजी का रुख अभी बहुत कमजोर है।
वर्तमान में ताजा आंकड़ों के मुताबिक विनिमय दर 157.73 के आसपास देखी जा रही है, जो पिछले बंद स्तर 156.83 के मुकाबले 0.57 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाती है। हालांकि, व्यापक दायरे में 52-सप्ताह का उतार-चढ़ाव 152.28 से 163.98 के बीच दर्ज है। तकनीकी तौर पर 20-दिवसीय EMA 157.71, 50-दिवसीय EMA 157.95 और 200-दिवसीय EMA 157.82 पर स्थित हैं। बोलिंजर बैंड्स 156.89 से 158.90 के बीच बने हुए हैं, जबकि 14-अवधि का ADX 13 पर है, जो स्पष्ट रूप से एक कमजोर और सीमित दायरे वाले बाजार की पुष्टि करता है।
अहम समर्थन और प्रतिरोध स्तर
बाजार में आगे की दिशा तय करने के लिए कुछ प्रमुख तकनीकी स्तरों पर नजर रखी जा रही है। ऊपर की तरफ, 157.20 से 157.50 का क्षेत्र एक मजबूत बाधा बना हुआ है, जिसने अक्टूबर की शुरुआत में कई बार गिरावट को रोका था लेकिन अब यह प्रतिरोध का काम कर रहा है। यदि खरीदार इस बाधा को पार करने में सफल होते हैं, तो अगला लक्ष्य 21 अक्टूबर का उच्च स्तर 158.40 और उसके बाद तीन सप्ताह के दायरे का शीर्ष 159.00 का क्षेत्र होगा। दैनिक पिवट स्तर 157.67 के साथ प्रतिरोध स्तर R1 157.94 और R2 158.15 पर मौजूद हैं।
गिरावट की दिशा में, 156.00 के ठीक ऊपर का समर्थन क्षेत्र विक्रेताओं को रोके रखने की क्षमता रखता है। विशेष रूप से 156.10 से 156.40 का क्षेत्र, जो 29 सितंबर और 23 अक्टूबर के निचले स्तरों से मेल खाता है, एक निर्णायक सीमा है। यदि यह स्तर नीचे की ओर टूटता है, तो बाजार के लिए 17 सितंबर के निचले स्तर 155.35 तक लुढ़कने का रास्ता साफ हो सकता है। फिलहाल पहला समर्थन S1 157.46 और दूसरा समर्थन S2 157.19 पर स्थित है।
वैश्विक मुद्राओं और अन्य परिसंपत्तियों का हाल
मुद्रा बाजार के व्यापक परिदृश्य में जापानी येन का प्रदर्शन प्रमुख मुद्राओं की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर रहा है, जहां इसने न्यूजीलैंड डॉलर के मुकाबले सबसे ज्यादा मजबूती हासिल की। इसी दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी एशियाई सत्र के दौरान 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर टिकी रही और एक महीने के उच्च स्तर के करीब पहुंची। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नवंबर में संभावित दर वृद्धि की उम्मीदों से सहारा मिला।
कमोडिटी और अन्य परिसंपत्ति बाजारों में भी डॉलर की चाल का असर दिखा। सोने की कीमतों ने तीन महीने के निचले स्तर से उबरते हुए एशियाई सत्र में 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार कारोबार किया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ तत्काल सैन्य कार्रवाई की संभावना को खारिज किए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी दर्ज की गई, जिससे सोने को कुछ स्थिरता मिली। डिजिटल परिसंपत्ति क्षेत्र में कार्डाओ पर दबाव बना रहा, जहां अक्टूबर की शुरुआत से लगातार तीन हफ्तों तक 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के बाद यह 0.202 डॉलर से नीचे कारोबार करता दिखा।
आगामी राजनीतिक और व्यापक आर्थिक कारक
मुद्रा बाजार केवल केंद्रीय बैंकों के तात्कालिक फैसलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। जहां एक तरफ बाजार दिसंबर में फेडरल रिजर्व से एक और ब्याज दर वृद्धि की उम्मीद कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के नियंत्रण को लेकर होने वाली चुनावी लड़ाई वित्तीय नीतियों की दिशा बदल सकती है। यह राजनीतिक बदलाव अप्रत्यक्ष रूप से वर्ष 2027 में अमेरिकी मौद्रिक नीति के भावी मार्ग को प्रभावित करने की क्षमता रखता है, जिसके चलते लंबी अवधि के संस्थागत निवेशक किसी भी बड़े फैसले से पहले सतर्क रुख बनाए हुए हैं।






















