वैश्विक वित्तीय बाजार में एक ऐतिहासिक घटनाक्रम के तहत अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 4,500 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के स्तर को पार कर गई है। अमेरिकी सरकार के बढ़ते कर्ज संकट और अमेरिकी डॉलर पर बने भारी दबाव के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग में जबर्दस्त बढ़ोतरी देखी गई है। बाजार में यह तेज उछाल यूएस ट्रेजरी विभाग द्वारा घोषित एक अनपेक्षित नीतिगत फैसले के बाद आया, जिसके चलते पिछले साढ़े छह महीनों में कीमती धातुओं में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी दर्ज की गई। संस्थागत निवेशकों ने तेजी से अपनी पूंजी को भौतिक सोने और वित्तीय संपत्तियों में स्थानांतरित किया, जिससे एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) में भारी निवेश देखा गया। इसके साथ ही, ब्रिटिश पाउंड और यूरो जैसी प्रमुख विदेशी मुद्राओं ने अमेरिकी डॉलर की कमजोरी का पूरा फायदा उठाया, जबकि क्रिप्टो बाजार में भी बिटकॉइन के नेतृत्व में तेजी का माहौल बना हुआ है।
यूएस ट्रेजरी की बांड बायबैक घोषणा से सोने में रिकॉर्ड उछाल
बाजार में आई इस तेजी का मुख्य कारण बुधवार को 12:32 GMT पर यूएस ट्रेजरी विभाग द्वारा की गई एक अनपेक्षित घोषणा थी। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपने तय कैलेंडर से हटकर दीर्घकालिक सरकारी बांड बायबैक कार्यक्रम को दोगुना करने का ऐलान किया। वित्तीय अधिकारियों ने खुलासा किया कि 10 वर्ष से 30 वर्ष की परिपक्वता वाले सरकारी बांड्स की तरलता बढ़ाने के लिए बायबैक का दायरा बढ़ाया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष की अवधि वाले बांड्स को शामिल किया गया है। नए दिशानिर्देशों के तहत, प्रत्येक बायबैक ऑपरेशन की अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होगी और 4 नवंबर तक जारी रहेगी।
इस अचानक घोषणा ने बाजार की धारणा को पूरी तरह बदल दिया और कीमती धातुओं के बाजारों में जोरदार तेजी ला दी। बुधवार के कारोबारी सत्र में सोने की कीमत में 4 प्रतिशत से अधिक यानी लगभग 180 डॉलर का उछाल आया। यह पिछले साढ़े छह महीनों में सोने में आई सबसे बड़ी दैनिक तेजी है। इस उछाल के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना जून की शुरुआत के बाद पहली बार 4,500 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आंकड़े को पार कर गया। शुक्रवार को भी सर्राफा बाजार में तेजी का रुख कायम रहा और निवेशक 4,600 डॉलर के रेजिस्टेंस स्तर को दोबारा परखने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जो पिछले छह महीनों के ट्रेडिंग दायरे का ऊपरी स्तर है।
सरकारी कर्ज की चिंता, बांड यील्ड में उछाल और ईटीएफ में रिकॉर्ड निवेश
कॉमर्ज़बैंक के बाजार विशेषज्ञ कार्सन फ्रिट्श ने इस बाजार प्रतिक्रिया के पीछे के कारणों का विश्लेषण करते हुए महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। ट्रेजरी की घोषणा से ठीक पहले के दिनों में अमेरिका के दीर्घकालिक बांड यील्ड में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। हालांकि, वित्तीय विश्लेषकों ने स्पष्ट किया कि बांड यील्ड में यह बढ़ोतरी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती या बदलाव की उम्मीदों के कारण नहीं थी। इसके विपरीत, यह उछाल लंबी अवधि के मुद्रास्फीति जोखिमों और अमेरिका के बढ़ते राजकोषीय घाटे तथा कर्ज के स्तर को लेकर गहराती चिंताओं का परिणाम था।
यही वजह है कि संस्थागत निवेशकों ने यूएस ट्रेजरी द्वारा बायबैक बढ़ाने के कदम को दीर्घकालिक ऋण बाजार में तनाव के संकेत के रूप में देखा। इस कर्ज संकट के माहौल में सोना निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरा। ब्लूमबर्ग द्वारा ट्रैक किए गए गोल्ड ईटीएफ के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को ईटीएफ होल्डिंग्स में 18 टन की जबर्दस्त दैनिक बढ़ोतरी दर्ज की गई। सितंबर 2025 के बाद से गोल्ड ईटीएफ में एक दिन के भीतर हुआ यह सबसे बड़ा निवेश है। हालांकि, कार्सन फ्रिट्श ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि आगामी अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़े ऊंचे बने रहते हैं, तो सोने की कीमतों में आगे आने वाली तेजी की गति कुछ धीमी हो सकती है।
विदेशी मुद्रा बाजार पर असर: पाउंड और यूरो में मजबूती
ट्रेजरी की घोषणा के बाद अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी का असर दुनिया भर के विदेशी मुद्रा बाजारों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) ने अपनी साप्ताहिक तेजी को जारी रखते हुए 1.3650 का स्तर पार कर लिया, जो फरवरी के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। ब्रिटेन के निराशाजनक रिटेल सेल्स आंकड़ों के बावजूद सकारात्मक परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) आंकड़ों ने पाउंड को मजबूती प्रदान की, जिससे यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत स्थिति में बना रहा।
दूसरी ओर, यूरो (EUR/USD) ने भी यूरोपीय कारोबारी सत्र में अपनी बढ़त बनाए रखी और 1.1700 के आंकड़े से ऊपर कारोबार करता नजर आया। जर्मनी और यूरोज़ोन के मिले-जुले फ्लैश पीएमआई आंकड़ों के बावजूद यूरो की स्थिति मजबूत बनी रही। निवेशक अमेरिका के प्राथमिक पीएमआई आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जबकि डॉलर में जारी बिकवाली के दबाव ने यूरो को अपनी तेजी बनाए रखने में मदद की है।
क्रिप्टो बाजार की तेजी और आगामी आर्थिक आंकड़े
सुरक्षित संपत्तियों के साथ-साथ डिजिटल संपत्तियों के बाजार में भी तेजी का रुख देखा गया। शुक्रवार को क्रिप्टो बाजार में भी तेजी रही, जिसकी अगुवाई बिटकॉइन (BTC) ने की और यह 77,000 डॉलर के पार निकल गया। अन्य प्रमुख क्रिप्टो परिसंपत्तियों ने भी बिटकॉइन का अनुसरण किया; एथेरियम (ETH) 2,400 डॉलर के करीब और रिपल (XRP) 1.35 डॉलर के आसपास कारोबार करता नजर आया।
आगामी दिनों में वित्तीय बाजारों की नजर एसएंडपी ग्लोबल द्वारा जारी किए जाने वाले अगस्त के प्राथमिक पीएमआई आंकड़ों पर टिकी होगी। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगस्त में अमेरिकी आर्थिक गतिविधियों में मामूली सुस्ती देखने को मिल सकती है। मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई के जुलाई के 53.9 से घटकर 53.8 रहने की उम्मीद है, जबकि सर्विसेज पीएमआई के 54.6 से गिरकर 54.0 पर आने का अनुमान है। इन पीएमआई आंकड़ों और अमेरिकी राजकोषीय स्थिति के घटनाक्रम से ही यह तय होगा कि क्या सोना 4,600 डॉलर के रेजिस्टेंस को पार कर पाएगा या नहीं।



















