अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के एक अप्रत्याशित कदम ने वैश्विक मुद्रा दरों और बॉन्ड यील्ड के समीकरणों को बदल दिया है। ट्रेजरी विभाग ने अपने नियमित कैलेंडर से हटकर दीर्घकालिक सरकारी बॉन्डों की बायबैक खरीदारी को कम से कम दोगुना करने का निर्णय लिया है। इस हस्तक्षेप के बाद वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY) में निकट भविष्य में सुस्ती बनी रहेगी और यह 99.00 के स्तर से नीचे सीमित रह सकता है। इस निर्णय से बाजार में जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है, जिससे उच्च बीटा वाली कमोडिटी मुद्राओं और उभरते बाजारों की मुद्राओं को समर्थन मिल रहा है।
बिना तय समय के ट्रेजरी बॉन्ड बायबैक से यील्ड पर नियंत्रण की कोशिश
बुधवार को ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) के अनुसार दोपहर 12:32 बजे अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने आधिकारिक तौर पर तरलता सहायता कार्यक्रम के विस्तार की घोषणा की। विभाग ने स्पष्ट किया कि 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष के परिपक्वता अवधि वाले बॉन्ड क्षेत्रों में बायबैक संचालन की अधिकतम सीमा को प्रति ऑपरेशन 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह नई व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होगी और 4 नवंबर तक जारी रहेगी। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ऑफ-सायकल समय पर उठाया गया यह कदम सीधे तौर पर लंबी अवधि की उच्च ट्रेजरी यील्ड पर अंकुश लगाने की रणनीतिक कोशिश है।
आईएनजी के वित्तीय विश्लेषकों क्रिस टर्नर, फ्रांसिस्को पेसोले और फ्रांटिसेक ताबोर्स्की का आकलन है कि इस बायबैक प्रक्रिया को केवल बाजार तरलता की तकनीकी समस्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह अमेरिका के ट्रेजरी विभाग की ओर से वित्तीय बाजारों को दिया गया एक स्पष्ट संकेत है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में संकेत दिया था कि सरकार नई राजकोषीय समेकन योजनाओं पर काम कर रही है। इन योजनाओं के तहत सरकारी खर्चों में धोखाधड़ी और अपव्यय को रोकने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित की जा सकती है, ठीक उसी तरह जैसे इलोन मस्क के DOGE ने सरकारी खर्चों में कटौती का प्रयास किया था।
बॉन्ड हस्तक्षेप और डॉलर इंडेक्स पर विश्लेषकों का नज़रिया
ट्रेजरी के इस हस्तक्षेप का व्यापक प्रभाव विदेशी मुद्रा बाजार पर देखने को मिल रहा है। आईएनजी के अनुसार, जब तक अमेरिकी ट्रेजरी की यील्ड नियंत्रित रहती है, तब तक डॉलर में एक नियंत्रित और धीमी गिरावट जारी रहेगी। ऐसी स्थिति में कमोडिटी से जुड़ी और उभरते बाजारों की मुद्राएं अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। हालांकि, विश्लेषकों ने चेतावनी भी दी है कि यदि बाजार का परिदृश्य बदलता है और ट्रेजरी बॉन्ड तथा अमेरिकी शेयर बाजारों में भारी बिकवाली शुरू होती है, तो वैश्विक निवेशक दोबारा सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर की शरण में जा सकते हैं। ऐसी स्थिति में USD/CHF में गिरावट, EUR/USD में तेजी और उच्च यील्ड वाली मुद्राओं में अस्थिरता बढ़ने के साथ बिकवाली का दौर देखने को मिल सकता है।
यूरोपीय कारोबारी सत्र में प्रमुख मुद्राओं का प्रदर्शन
डॉलर में जारी कमजोरी के बीच प्रमुख वैश्विक मुद्राओं ने बढ़त दर्ज की है। शुक्रवार के यूरोपीय कारोबारी सत्र में पाउंड स्टर्लिंग का विनिमय दर GBP/USD लगभग 1.3650 के आसपास मजबूत स्थिति में कारोबार करता हुआ देखा गया। ब्रिटेन में जारी निराशाजनक रिटेल सेल्स आंकड़ों के बावजूद, उम्मीद से बेहतर आए क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) आंकड़ों ने पाउंड को सहारा दिया है। ट्रेजरी के बॉन्ड बायबैक फैसले के बाद अमेरिकी डॉलर की सुस्ती ने GBP/USD को अमेरिका के आगामी PMI आंकड़ों की घोषणा से पहले अपनी बढ़त बनाए रखने में मदद की।
इसी तरह, यूरो की मुद्रा दर EUR/USD यूरोपीय सत्र में 1.1700 के स्तर के आसपास समेकित होती दिखी। जर्मनी और यूरोज़ोन से आए मिश्रित PMI आंकड़ों के बाद भी यूरो ने इस सप्ताह दर्ज की गई बढ़त को बनाए रखा है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक अमेरिकी अर्थव्यवस्था से आने वाले व्यापक आर्थिक आंकड़े डॉलर को मजबूती नहीं देते, तब तक EUR/USD का निचला स्तर सुरक्षित रहने की संभावना है।
सोने की कीमतों में उछाल और फेडरल रिजर्व की नीतियां
अमेरिकी डॉलर के नरम पड़ने से कीमती धातुओं के बाजार को भी जबरदस्त मजबूती मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना जून की शुरुआत के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर टिका हुआ है और यूरोपीय सत्र की शुरुआत तक 4,550 डॉलर प्रति औंस के ऊपर कारोबार कर रहा है। सोने में यह तेजी इसके 200-दिवसीय सरल गतिमान औसत (SMA) के तकनीकी ब्रेकआउट के बाद देखने को मिली है। पिछले सप्ताह अमेरिका में जारी मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने मूल्य वृद्धि में नरमी के संकेत दिए थे, जिसके बाद व्यापारियों ने फेडरल रिजर्व द्वारा तत्काल ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को कम कर दिया है। दर कटौती या ब्याज दरों के स्थिर रहने की उम्मीदों ने सोने की तेजी को अतिरिक्त ईंधन दिया है।
तकनीकी संकेत और प्रमुख बाजार स्तर
विदेशी मुद्रा बाजार के लाइव तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो GBP/USD इस समय एक मजबूत दीर्घकालिक अपट्रेंड में बना हुआ है। दैनिक चार्ट पर 14-दिवसीय सापेक्ष शक्ति सूचकांक (RSI) 69 के स्तर पर है, जो मजबूत तेजी की गति को दर्शाता है। MACD सूचकांक 0.01 पर है, जो सिग्नल लाइन 0.00 से ऊपर रहकर तेजी का समर्थन करता है। 50-दिवसीय और 200-दिवसीय घातीय गतिमान औसत (EMA) 1.34 पर स्थित हैं और एक गोल्डन क्रॉस पैटर्न का निर्माण कर चुके हैं। अल्पावधि के लिए मुख्य धुरी बिंदु (Pivot Point) 1.36 पर है, जबकि ऊपरी प्रतिरोध स्तर (Resistance) 1.37 और निचला समर्थन स्तर (Support) 1.33 से 1.36 के बीच बना हुआ है।



















