शुक्रवार को वैश्विक मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पौंड ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जबरदस्त बढ़त दर्ज की और 1.3670 के स्तर को लांघते हुए छह महीने के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। GBP/USD जोड़ी में आई इस तेजी की मुख्य वजह ब्रिटेन से आए मजबूत व्यावसायिक गतिविधि के आंकड़े रहे, जिन्होंने खुदरा बिक्री में आई गिरावट के असर को बेअसर कर दिया। दूसरी तरफ, अमेरिकी वित्त विभाग द्वारा दीर्घकालिक बांड खरीद कार्यक्रम में बढ़ोतरी के फैसले के बाद अमेरिकी डॉलर पर दबाव लगातार बना रहा।
यूके सेवा क्षेत्र के मजबूत प्रदर्शन से पौंड में उछाल
ब्रिटिश पौंड में आई तेजी का मुख्य कारण एसएंडपी ग्लोबल द्वारा जारी जुलाई महीने के प्रारंभिक पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) आंकड़े रहे। आंकड़ों के अनुसार ब्रिटेन के सेवा क्षेत्र में फरवरी के बाद से सबसे तेज गति से व्यावसायिक विस्तार देखा गया। जुलाई में यूके सर्विसेज PMI बढ़कर 52.8 पर पहुंच गया, जो जून में 52.1 दर्ज किया गया था। यह आंकड़ा बाजार के अनुमानों से काफी बेहतर रहा, जहां विश्लेषक इसके घटकर 51.8 पर आने की उम्मीद कर रहे थे।
दूसरी ओर, विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में थोड़ी सुस्ती दर्ज की गई। जुलाई में विनिर्माण PMI घटकर 51.5 पर आ गया, जो जून में 51.9 था, हालांकि यह आंकड़ा बाजार के अनुमानों के बिल्कुल अनुकूल रहा। दोनों क्षेत्रों को मिलाकर तैयार किया गया कंपोजिट PMI जुलाई में बढ़कर 52.5 हो गया, जो जून में 52.2 था। यह आंकड़ा बाजार के 51.6 तक गिरने के अनुमान को खारिज करते हुए ब्रिटेन की मजबूत आर्थिक स्थिति का संकेत देता है, जिससे फॉरेक्स ट्रेडर्स का पौंड में भरोसा और बढ़ गया।
खुदरा बिक्री में गिरावट और सरकारी कर्ज अनुमान से अधिक
पीएमआई के शानदार आंकड़ों के बीच ब्रिटेन से आए अन्य आर्थिक आंकड़े मिले-जुले रहे। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार जुलाई महीने में यूके की खुदरा बिक्री में मासिक आधार पर 0.5% की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप थी और जून में दर्ज की गई 0.7% की वृद्धि के विपरीत थी।
वार्षिक आधार पर देखा जाए तो जुलाई में खुदरा बिक्री की विकास दर घटकर 1.6% रह गई, जो जून में 3.8% दर्ज की गई थी। यह आंकड़ा बाजार के 2.2% के अनुमान से कम रहा। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के शुद्ध ऋण में जुलाई के दौरान 1.8 अरब GBP की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यद्यपि यह जून के 12.78 अरब GBP की तुलना में काफी कम है, लेकिन विश्लेषकों के 0.3 अरब GBP के अनुमान से अधिक रहा। हालांकि, इन आंकड़ों के बावजूद बाजार का ध्यान सेवा क्षेत्र की मजबूती पर ही केंद्रित रहा।
यूएस ट्रेजरी की बांड बायबैक योजना से डॉलर पर दबाव
यूके के आंकड़ों के अलावा अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने भी GBP/USD को ऊपर ले जाने में मदद की। अमेरिकी वित्त विभाग से जुड़ी नई घोषणाओं के बाद डॉलर सूचकांक दबाव में बना हुआ है। यूएस ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा बांड बायबैक की राशि को हाल ही में घोषित 4 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन से आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
इससे पहले बुधवार को 12:32 GMT पर ट्रेजरी विभाग ने अपने तय शेड्यूल से अलग हटकर 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष की अवधि वाले दीर्घकालिक बांडों के लिए लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक को दोगुना करने का ऐलान किया था। प्रति ऑपरेशन सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होकर 4 नवंबर तक चलेगी। बायबैक की इस घोषणा से अमेरिकी ऋण बाजार में नकदी बढ़ी है, जिससे बांड यील्ड में गिरावट आई और अमेरिकी डॉलर पर बिकवाली का दबाव बना।
ग्लोबल मार्केट का हाल: EUR/USD और सोना मजबूत
अमेरिकी डॉलर की सुस्ती का असर शुक्रवार को यूरोपीय सत्र के दौरान अन्य संपत्तियों पर भी साफ दिखाई दिया। जर्मनी और यूरोजोन से आए मिले-जुले पीएमआई आंकड़ों के बाद EUR/USD जोड़ी 1.1700 के स्तर के आसपास स्थिर बनी रही। निवेशक अमेरिका के आगामी पीएमआई सर्वेक्षणों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन डॉलर की कमजोरी ने यूरो को निचले स्तरों पर सहारा दिया।
कमोडिटी बाजार में भी डॉलर की गिरावट का सकारात्मक असर देखा गया। सोना जून के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब $4,550 प्रति औंस के ऊपर कारोबार करता नजर आया। सोने ने 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के ऊपर अपनी बढ़त को बनाए रखा। पिछले सप्ताह जारी अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों से महंगाई दर में नरमी के संकेत मिलने के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में तुरंत बढ़ोतरी की संभावना कम हुई है, जिससे सोने की मांग को बल मिला है।
तकनीकी विश्लेषण और मुख्य करेंसी लेवल्स
तकनीकी चार्ट पर नज़र डालें तो GBP/USD फिलहाल 0.30% की बढ़त के साथ 1.3650 के आसपास कारोबार कर रहा है। यह जोड़ी अपने 52-सप्ताह के दायरे 1.30 से 1.38 के भीतर काफी मजबूत स्थिति में है। 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 1.35 पर है, जबकि 50-दिवसीय और 200-दिवसीय EMA 1.34 पर स्थित हैं, जो बुलिश गोल्डन क्रॉस संरचना को दर्शाते हैं।
तकनीकी इंडिकेटर्स भी तेजी का संकेत दे रहे हैं। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 69 के स्तर पर है, जो ओवरबॉट क्षेत्र के करीब है। वहीं MACD इंडिकेटर 0.01 पर अपनी सिग्नल लाइन 0.00 के ऊपर बना हुआ है। ट्रेंड की मजबूती मापने वाला ADX इंडिकेटर 30 पर है, जो मजबूत अपट्रेंड की पुष्टि करता है। बॉलिंगर बैंड्स की सीमा 1.33 से 1.37 के बीच बनी हुई है। ट्रेडर्स के लिए 1.36 का पिवट स्तर, 1.37 का प्रतिरोध स्तर (R1/R2) और 1.36 का सपोर्ट स्तर (S1/S2) काफी महत्वपूर्ण रहेंगे।



















