अमेरिकी अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई ने सितंबर महीने में एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और आवास लागत में मजबूती बने रहने के कारण यह तेजी दर्ज की गई है। इसके साथ ही रोजमर्रा की वस्तुओं और विभिन्न सेवाओं की कीमतों में भी अंतर्निहित दबाव साफ तौर पर देखा जा रहा है। यूओबी के विश्लेषक एल्विन ल्यू के मुताबिक, यह स्थिति दर्शाती है कि हेडलाइन सीपीआई वर्ष 2026 के पूरे दौर में 3 प्रतिशत के स्तर से ऊपर बनी रह सकती है। यदि ऊर्जा की कीमतों में तनाव जारी रहा तो कुछ महीनों के दौरान यह आंकड़ा 4 प्रतिशत के स्तर को भी छू सकता है। हालांकि, वर्ष 2027 तक हेडलाइन और कोर दोनों ही श्रेणियों में महंगाई दर के धीरे-धीरे सामान्य होकर 2 प्रतिशत के लक्ष्य के करीब लौटने का अनुमान लगाया जा रहा है।
मुद्रास्फीति का दृष्टिकोण और यूओबी का आकलन
अमेरिकी मुद्रास्फीति के दीर्घकालिक रुख पर टिप्पणी करते हुए एल्विन ल्यू ने अनुमान व्यक्त किया है कि आने वाले समय में मूल्य दबाव एकदम समाप्त नहीं होगा। उनका कहना है,
"हम 2026 में हेडलाइन सीपीआई के औसतन 3.5 प्रतिशत और कोर सीपीआई के 2.8 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जता रहे हैं, जिसके बाद 2027 में दोनों के धीरे-धीरे घटकर 2 प्रतिशत की ओर आने की संभावना है।"इसके अलावा ल्यू ने रेखांकित किया कि मध्य पूर्व के मौजूदा घटनाक्रमों के चलते यदि तेल और ऊर्जा बाजार में कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो हेडलाइन सीपीआई में 4 प्रतिशत तक उछाल आने का वास्तविक खतरा मौजूद है। 2027 में 2 प्रतिशत के स्तर तक नरमी केवल तभी संभव हो सकेगी जब ऊर्जा की दरें नियंत्रण में रहें और किराए व आवास लागत का दबाव सामान्य होने की राह पर आगे बढ़े।
विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर और प्रमुख करेंसियों का रुख
बुधवार को सामने आए तेज मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बाद अमेरिकी डॉलर अप्रैल 2025 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि गुरुवार के एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट के चलते डॉलर अपने इन शिखरों से फिसल गया। इस उठापटक का असर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन दोनों पर देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई रोजगार से जुड़े निराशाजनक आंकड़ों के आने के बाद एयूडी/यूएसडी में कमजोरी हावी रही और यह 0.6950 के आसपास बना रहा। इसने पिछले दिन मासिक ऊंचाई से शुरू हुई गिरावट को आगे बढ़ाते हुए नया साप्ताहिक निचला स्तर छू लिया, हालांकि कमजोर डॉलर ने इस मुद्रा जोड़ी की गिरावट को सीमित रखने में मदद की।
दूसरी ओर, यूएसडी/जेपीवाई की जोड़ी ने भी अपने तीन सप्ताह के उच्च स्तर से शुरू हुई वापसी को और गहरा कर दिया। गुरुवार के एशियाई कारोबार में लगातार बिकवाली के दबाव के बीच यह जोड़ी 158.00 के स्तर से नीचे फिसल गई। इस दौरान जापानी अधिकारियों द्वारा येन को मजबूती देने के लिए बाजार में दखल देने की अटकलों के कारण कारोबारी पूरी तरह सतर्क रहे। इसके साथ ही, चीन द्वारा बॉन्ड खरीदारी की चर्चाओं के चलते अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई, जिसने डॉलर की बुधवार की बढ़त को पूरी तरह धो दिया और इस मुद्रा जोड़ी पर लगातार दबाव बनाए रखा।
सोने में नई खरीदारी और डिजिटल संपत्तियों में तेजी का रुख
वैश्विक शेयर बाजारों में देखने को मिली कमजोरी ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ा, जिससे गुरुवार को सोने में नई लिवाली देखने को मिली। कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई से जुड़े भारी निवेश पर बढ़ती चिंताओं ने अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों को हिला दिया, जिसके कारण अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यील्ड में तेज गिरावट आई और डॉलर अपने साल के उच्चतम स्तर से फिसल गया। इस पृष्ठभूमि में एक्सएयू/यूएसडी यानी सोना 1.21 प्रतिशत की दैनिक बढ़त दर्ज करते हुए 4,155 डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। सुरक्षित ठिकाना माने जाने वाले कीमती धातु में यह तेजी वित्तीय बाजारों की अनिश्चितता को उजागर करती है।
डिजिटल परिसंपत्तियों के क्षेत्र में भी बाजार की धारणा में एक उल्लेखनीय मोड़ आया है। क्रिप्टोक्वांट के अनुसार, बिटकॉइन, एथेरियम, सोलाना, बीएनबी और एक्सआरपी को लेकर विश्लेषकों का नजरिया जुलाई महीने से तेजड़िया रुख में बदल चुका है। रिपोर्ट में यह सामने आया है कि बाजार की शीर्ष पांच क्रिप्टोकरेंसी ने 2022-2023 के बाजार चक्र की तुलना में इस बार काफी तेज और मजबूत सुधार दर्ज किया है, जिससे निवेशकों में नए सिरे से भरोसा कायम हुआ है।
ब्रिटेन के बजट से पहले वित्तीय बाजारों का माहौल
ब्रिटेन में चांसलर द्वारा अपना पहला बजट पेश किए जाने में अब 2 सप्ताह से भी कम समय बाकी रह गया है। आमतौर पर बजट से पहले बनने वाले तनाव के विपरीत, ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों की पृष्ठभूमि इस बार काफी सकारात्मक बनी हुई है। देश के सरकारी बॉन्ड में लगातार तेजी का दौर चल रहा है। इसके साथ ही, इस सप्ताह के दौरान एफटीएसई 100 प्रमुख वैश्विक शेयर सूचकांकों में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स बनकर उभरा है। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड में भी स्थिरता लौटती नजर आ रही है, जो आर्थिक दृष्टिकोण के लिहाज से एक राहत भरा संकेत माना जा रहा है।



















