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अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मिनट्स से खुलेगा ब्याज दरों की अगली बढ़ोतरी का रास्ता, डॉलर और सोने पर बड़ा असरबाज़ार
7 अक्तू॰ 2026, 8:04 pm (20 दिन पहले)· 0

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मिनट्स से खुलेगा ब्याज दरों की अगली बढ़ोतरी का रास्ता, डॉलर और सोने पर बड़ा असर

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की सितंबर एफओएमसी बैठक के मिनट्स जारी होने जा रहे हैं, जिससे इस साल ब्याज दरों में अगली बढ़ोतरी के समय और नीतिगत रुख को लेकर अहम संकेत मिलने की उम्मीद है।

GC━SMA20 ━SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण7 अक्टूबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

GC अभी $4,123 पर है, जबकि EMA20 $4,269, EMA50 $4,324 और EMA200 $4,439 पर हैं।

आगे संभावित चाल

तेजी संभवतः EMA20 ($4,269) के पास थम सकती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

GC का RSI 33 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

MACDMoving Avg Convergence/Divergence

यह क्या है

MACD तेज और धीमी मूविंग एवरेज के बीच का फासला नापता है; इसकी सिग्नल लाइन और हिस्टोग्राम बताते हैं कि गति बढ़ रही है या घट रही। लाइन सिग्नल के ऊपर हो तो तेजी, नीचे हो तो मंदी।

अभी यह कहाँ है

GC की MACD लाइन अपने सिग्नल के नीचे है।

आगे संभावित चाल

अगला सिग्नल-लाइन क्रॉसओवर देखने लायक ट्रिगर है।

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (फेड) की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की 15-16 सितंबर की बैठक के आधिकारिक मिनट्स बुधवार को शाम 18:00 जीएमटी पर जारी होने जा रहे हैं। वैश्विक वित्तीय बाजारों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक सख्ती के चक्र को किस गति से आगे बढ़ाएगा। सितंबर में तीन वर्षों में पहली बार ब्याज दरों में वृद्धि को मंजूरी दी गई थी, जिसके बाद अब निवेशक यह जानना चाहते हैं कि इस वर्ष के अंत तक या आगामी महीनों में दरों में आगे कितना इजाफा देखने को मिल सकता है।

सितंबर की 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी और हॉकिश संदेश

सितंबर की बैठक में नीति निर्माताओं ने बाजार की उम्मीदों के अनुसार सर्वसम्मति से फेड फंड्स रेट में 25 आधार अंकों यानी 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जिससे नीतिगत दर 3.75% से 4.00% के दायरे में पहुंच गई। आम तौर पर स्पष्ट फॉरवर्ड गाइडेंस देने से बचने वाले फेड चेयर केविन वार्श ने नीतिगत फैसले के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहद कड़े यानी हॉकिश तेवर दिखाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि महंगाई दर बहुत लंबे समय से बहुत अधिक स्तर पर बनी हुई है।

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नीतिगत बयान में भी मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने और मुद्रास्फीति को केंद्रीय बैंक के 2% के तय लक्ष्य पर तेजी से वापस लाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। इस रुख ने केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता में निवेशकों का विश्वास बढ़ाया और अमेरिकी डॉलर में वैश्विक स्तर पर जोरदार बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY), जो छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है, पिछले चार हफ्तों में लगभग 3.4% चढ़कर 102.50 के 18 महीने के उच्च स्तर तक पहुंच गया।

आर्थिक संकेतकों और ब्याज दर की संभावनाओं का गणित

शुरुआत में मजबूत लेबर मार्केट के आंकड़ों के कारण लगातार दो बैठकों में बैक-टू-बैक दर वृद्धि की संभावनाएं बढ़ गई थीं। हालांकि, हालिया आर्थिक आंकड़ों ने अक्टूबर में तुरंत बढ़ोतरी की उम्मीदों को धीमा कर दिया है। सीएमई के फेडवॉच टूल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस महीने की बैठक में दरों को यथावत रखने की संभावना 78% तक पहुंच गई है, जो एक सप्ताह पहले 50% थी। वहीं, अक्टूबर में दर वृद्धि की संभावना मात्र 20% रह गई है। इसके विपरीत, साल के अंत यानी दिसंबर तक कम से कम एक और ब्याज दर वृद्धि की संभावना 80% से 85% के स्तर पर काफी मजबूत बनी हुई है।

अगस्त के अमेरिकी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स (पीसीई) मूल्य सूचकांक में महंगाई दर स्थिर रही, जिससे फेड को सितंबर की बढ़ोतरी के प्रभाव का आकलन करने के लिए थोड़ा समय मिल गया है। दूसरी ओर, सितंबर के नॉनफार्म पेरोल्स डेटा ने रोजगार बाजार की मजबूती को लेकर कुछ सवाल खड़े किए हैं, जिससे अक्टूबर में ठहराव की दलील को बल मिला है। इसके बावजूद आर्थिक गतिविधियां समग्र रूप से मजबूत हैं। अमेरिकी आईएसएम सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) में हल्की नरमी के बावजूद यह कारोबारी विस्तार के स्तर पर बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, जीडीपीनाउ के अनुमान बताते हैं कि तीसरी तिमाही में अमेरिकी अर्थव्यवस्था की वार्षिक विकास दर पिछली तिमाही के 2.2% से तेज होकर 3.7% पर पहुंच सकती है, जो मौद्रिक सख्ती के चक्र के लिए एक अनुकूल आधार प्रदान करती है।

फेड अधिकारियों के बयानों में मतभेद

आने वाले नीतिगत फैसलों के समय को लेकर केंद्रीय बैंक के प्रमुख नीति निर्माताओं में विचारों की भिन्नता भी सामने आई है। शिकागो फेड के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्सबी का मानना है कि इस समय महंगाई की चिंता रोजगार बाजार की चिंताओं पर भारी है। डलास फेड की अध्यक्ष लोरी लोगन ने भी कहा है कि मुद्रास्फीति को लक्ष्य पर लाने के लिए ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आवश्यकता होगी।

इसके विपरीत, सुपरविजन के लिए केंद्रीय बैंक की वाइस चेयर मिशेल बोमन ने संकेत दिया है कि इस साल आगे दरें बढ़ाने की कोई तात्कालिक जल्दबाजी नहीं है, और न्यूयॉर्क फेड के अध्यक्ष जॉन विलियम्स ने भी इस विचार का समर्थन किया है। आईएनजी के विश्लेषकों का आकलन है कि हालिया आंकड़े हल्के हॉकिश हैं, लेकिन वे फेड के समग्र रुख को पूरी तरह बदलने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। आईएनजी के अनुसार, यदि 14 अक्टूबर को जारी होने वाला सितंबर कोर सीपीआई 0.2% महीने-दर-महीने के आसपास रहता है, तो अक्टूबर में दरों के स्थिर रहने और दिसंबर में बढ़ोतरी होने का मुख्य परिदृश्य बरकरार रहेगा, जिससे डॉलर में तेजी का जोखिम बना हुआ है।

डॉलर इंडेक्स और तकनीकी स्तर

तकनीकी चार्ट पर, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) सितंबर की शुरुआत के निचले स्तरों से एक निरंतर अपवर्ड चैनल में कारोबार कर रहा है। हालांकि, ओवरबॉट रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) यह संकेत दे रहा है कि डॉलर में कुछ कंसॉलिडेशन या हल्की गिरावट आ सकती है, लेकिन मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (एमएसीडी) के सकारात्मक दायरे में बने रहने से हर गिरावट पर लिवाली की उम्मीद है।

डॉलर बुल्स को 102.50 के क्षेत्र में 127.7% फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर रुकावट का सामना करना पड़ा है। ऊपर की तरफ, मार्च 2025 के निचले स्तरों वाला 103.20 का क्षेत्र और उसके बाद 103.60 का 161.8% फिबोनाची स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस के रूप में काम कर सकता है। नीचे की ओर, डॉलर को 101.80 के स्तर पर समर्थन हासिल है। यदि इस स्तर से नीचे गिरावट आती है, तो 25 सितंबर का निचला स्तर 100.90 और मनोवैज्ञानिक 100 का स्तर फोकस में आ सकता है।

वैश्विक बाजार, सोना और क्रिप्टोकरेंसी पर असर

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और डॉलर की मजबूती ने अन्य परिसंपत्ति वर्गों और मुद्राओं पर सीधा असर डाला है।

  • सोना और कमोडिटी: सोने की कीमतों में मंगलवार की बढ़त के बाद मुनाफावसूली देखी गई है और यह 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर से ठीक ऊपर कारोबार कर रहा है। उच्च ब्याज दरें गैर-ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने की होल्डिंग लागत को बढ़ाती हैं और मजबूत डॉलर के कारण पीली धातु पर दबाव बढ़ता है। वर्तमान में सोने का हाजिर भाव 4,123 डॉलर के आसपास है, जो पिछले 4,187 डॉलर के बंद स्तर से 1.53% नीचे है। 14-दिवसीय आरएसआई 33 पर और एमएसीडी -71.22 के बियरिश स्तर पर है। इसके लिए 4,137 डॉलर पर पिवट, 4,077 और 4,031 डॉलर पर सपोर्ट तथा 4,183 और 4,244 डॉलर पर रेजिस्टेंस स्तर देखे जा रहे हैं।
  • विदेशी मुद्रा बाजार: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) एशियाई सत्र में 0.7000 के स्तर से नीचे दबाव में रहा। वहीं अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन (USD/JPY) 158.50 के स्तर के पास डेढ़ सप्ताह के उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा है, जिसे बैंक ऑफ जापान के नरम बयानों और अमेरिकी यील्ड से समर्थन मिला है।
  • क्रिप्टोकरेंसी: डिजिटल एसेट बाजार में भी करेक्शन देखा जा रहा है। बिटकॉइन (BTC) 87,200 डॉलर के रेजिस्टेंस से फिसलकर सुधारात्मक दायरे में है। इथेरियम (ETH) 2,600 डॉलर के प्रमुख सपोर्ट की ओर बढ़ रहा है और रिपल (XRP) 1.45 डॉलर के डिमांड क्षेत्र के करीब आ गया है।
  • यूरोपीय केंद्रीय बैंक का परिदृश्य: यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) भी दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है, जहां बॉन्ड बाजार में भारी उथल-पुथल के बीच मुद्रास्फीति लक्ष्य से लगभग दोगुनी रहने के बावजूद नीतिगत फैसले जटिल बने हुए हैं।

सवाल-जवाब

फेडरल रिजर्व के सितंबर मिनट्स कब जारी होंगे?
फेडरल रिजर्व अपनी सितंबर की मौद्रिक नीति बैठक के आधिकारिक मिनट्स बुधवार को शाम 18:00 जीएमटी पर जारी करेगा।
सितंबर में फेड ने ब्याज दरों में कितना बदलाव किया था?
सितंबर की बैठक में फेडरल रिजर्व ने तीन साल में पहली बार सर्वसम्मति से ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर इसे 3.75% से 4.00% के दायरे में किया था।
अक्टूबर और दिसंबर में अगली दर बढ़ोतरी की कितनी संभावना है?
सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार अक्टूबर में दर बढ़ोतरी की संभावना मात्र 20% है, जबकि दिसंबर तक कम से कम एक बढ़ोतरी की संभावना लगभग 80% से 85% है।
ब्याज दरों और डॉलर की मजबूती का सोने की कीमत पर क्या असर पड़ा है?
डॉलर इंडेक्स के 102.50 तक पहुंचने और बॉन्ड यील्ड बढ़ने से सोना गिरकर 4,123 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·20 दिन पहले

ब्याज दरें बढ़ने से क्या सच में आम आदमी का कर्ज चुकाना और मुश्किल हो जाएगा?

Rohan Gupta@rohan-gupta·20 दिन पहले

फेड की इन बैठकों के मिनट्स का इंतज़ार हमेशा रहता है। जब मैं पिछले साल अपने स्टार्टअप के लिए फंडिंग जुटाने की कोशिश कर रहा था, तब ब्याज दरों के इन छोटे-छोटे बदलावों ने हमारे पूरे बजट का गणित बिगाड़ दिया था।

Rajesh Kumar@rajesh-kumar·20 दिन पहले

रोहन जी, बिल्कुल सही कहा आपने। ब्याज दरों में यह उतार-चढ़ाव सिर्फ स्टार्टअप्स ही नहीं, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था और सरकारी नीतियों के बजट को भी हिलाकर रख देता है।

Ravikash Gupta@ravikash·20 दिन पहले

फेड के मिनट्स से साफ हो जाएगा कि आगे ब्याज दरें कितनी और बढ़ेंगी। दिसंबर तक एक और बढ़ोतरी की पूरी उम्मीद है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार और सोने पर दिख रहा है।

Michael Anderson@michael-anderson·20 दिन पहले

रविकेश, बिल्कुल सही कहा। दिसंबर तक फेड का रुख कड़ा ही रहेगा और इसका असर सोने-चांदी पर साफ दिख रहा है।

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