अमेरिकी शेयर बाजार में तीन हफ्तों के कड़े दबाव और भारी गिरावट के बाद प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में एक बार फिर मजबूती के संकेत दिखने लगे हैं। डॉयचे बैंक के अमेरिकी इक्विटी रणनीतिकारों ने अमेरिकी टेक शेयरों पर अपना रुख न्यूट्रल से बढ़ाकर पॉजिटिव कर दिया है। यह फैसला पिछले तीन हफ्तों के दौरान बाजार के मुकाबले टेक क्षेत्र के 16 फीसदी कमजोर प्रदर्शन के बाद आया है, जिसमें व्यापक सूचकांक के मजबूत रहने के बावजूद टेक कंपनियों में भारी बिकवाली दर्ज की गई थी।
पिछले तीन कारोबारी हफ्तों के दौरान जहां प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 11 फीसदी की तीव्र गिरावट आई, वहीं S&P 500 के बाकी शेयरों ने 6 फीसदी की बढ़त हासिल की। इस भारी अंतर ने टेक सेक्टर के सापेक्ष प्रदर्शन को कई सालों के एक ऐसे तकनीकी चैनल के निचले स्तर पर धकेल दिया, जहां से पहले भी पांच बार आक्रामक उछाल देखा जा चुका है।
तकनीकी चैनल के निचले स्तर पर पहुंचा टेक सेक्टर
डॉयचे बैंक के अमेरिकी इक्विटी विश्लेषकों ने केवल तीन हफ्ते पहले लिए गए अपने फैसले को बदलते हुए यह अपग्रेड जारी किया है। रणनीतिकारों का मानना है कि सेक्टर अब सूचकांक के मुकाबले अपने ट्रेडिंग चैनल के सबसे निचले दायरे में पहुंच चुका है। पिछले ढाई सालों के दौरान जब भी टेक स्टॉक्स इस चैनल के निचले स्तर पर पहुंचे हैं, वहां से कम से कम पांच बार बहुत आक्रामक और तेज रिकवरी देखने को मिली है।
सुबह के शुरुआती कारोबार में अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स में भी सुधार के संकेत दिखाई दिए हैं। S&P 500 फ्यूचर्स में 0.49 फीसदी की बढ़त देखी गई, जबकि NASDAQ 100 फ्यूचर्स 1.01 फीसदी मजबूत होकर सुधरती धारणा को दर्शा रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक निचले स्तरों पर दोबारा खरीदारी करने के लिए तैयार हो रहे हैं।
अक्टूबर के दबाव और एआई पूंजीगत खर्च की चिंताएं
वैश्विक बाजारों में हालिया महीना मिला-जुला रहा है। STOXX 600 ने 2.0 फीसदी की मजबूती दर्ज की और इक्वल-वेटेड S&P 500 में 5.0 फीसदी का उछाल आया। इसके ठीक उलट नैस्डैक को 5.3 फीसदी का भारी नुकसान झेलना पड़ा, जो मार्च 2025 के बाद इसका सबसे खराब महीना साबित हुआ। टेक सेक्टर में इस गिरावट की मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े पूंजीगत खर्च (capex) को लेकर निवेशकों में बढ़ती चिंताएं थीं।
यूरोप में भी क्रेडिट बाजार और बैंकिंग सेक्टर दबाव में नजर आए, जहां OAT-Bund स्प्रेड अपने 2011 के उच्च स्तर के करीब पहुंच गया। भारी पूंजीगत निवेश के रिटर्न को लेकर अनिश्चितता ने टेक कंपनियों की वैल्यूएशन पर अस्थायी दबाव बना दिया था, जिसके चलते बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली देखने को मिली।
नैस्डैक के मौजूदा तकनीकी आंकड़े
ताजा बाजार आंकड़ों के मुताबिक, नैस्डैक (^IXIC) 25,437 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 26,185 डॉलर से 2.86 फीसदी की गिरावट दर्शाता है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 20,690 डॉलर से 27,723 डॉलर के बीच रहा है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम 20 दिनों के औसत के 1.13 गुना पर पहुंच गया है।
तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो 14-दिवसीय RSI 35 के स्तर पर है, जो ओवरसोल्ड क्षेत्र के करीब होने का संकेत देता है। 20-दिवसीय और 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज क्रमशः 26,444 डॉलर और 26,487 डॉलर पर हैं, जबकि 200-दिवसीय EMA 25,160 डॉलर पर स्थित है। लंबी अवधि में 50-दिवसीय EMA का 200-दिवसीय EMA से ऊपर रहना गोल्डन क्रॉस की स्थिति बनाए हुए है, हालांकि मौजूदा भाव 25,488 से 27,863 डॉलर के बोलिंजर बैंड के निचले स्तर से नीचे फिसल चुका है। 14-दिवसीय ATR 420.79 डॉलर दर्ज किया गया है, जबकि पिवट स्तर 25,429 डॉलर पर है। पहला सपोर्ट S1 25,185 डॉलर और दूसरा सपोर्ट S2 24,933 डॉलर पर है, वहीं रेजिस्टेंस स्तर R1 25,681 डॉलर और R2 25,925 डॉलर पर बने हुए हैं।
मुद्रा बाजार, कमोडिटी और क्रिप्टोकरेंसी में हलचल
वैश्विक वित्तीय बाजारों में व्यापक स्तर पर भी सुधार की सुगबुगाहट देखी जा रही है। एशियाई कारोबारी सत्र में AUD/USD ने अपनी शुरुआती गिरावट की भरपाई की, क्योंकि ईरान से जुड़े राजनयिक समाधान की उम्मीदों ने सुरक्षित निवेश माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर पर दबाव बनाया और जोखिम से जुड़ी ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को सहारा दिया। हालांकि व्यापारी ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक (RBA) के आगामी नीतिगत फैसले से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
USD/JPY जोड़ी बैंक ऑफ जापान (BoJ) की बैठक के बाद 157.00 से नीचे के स्तर से सुधरकर 158.00 के करीब पहुंच गई। जापानी वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा की ओर से करेंसी हस्तक्षेप की नई चेतावनी के बावजूद यह गति बरकरार रही।
सोने की कीमतों ने दो दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए शुक्रवार के नुकसान से उबरने के संकेत दिए, जब यह 3,900 डॉलर से नीचे गिरकर अक्टूबर 2025 के बाद के सबसे निचले स्तर पर आ गया था। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के कूटनीतिक प्रयासों से डॉलर कमजोर हुआ जिससे सोने को सहारा मिला, हालांकि तेल से प्रेरित महंगाई की चिंताओं के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाएं अब भी बनी हुई हैं।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में अक्टूबर के चार हफ्तों के लगातार नुकसान के बाद बिटकॉइन, एथेरियम और एक्सआरपी में हल्का सुधार दिखा। बिटकॉइन प्रमुख सपोर्ट जोन से उठकर 78,462 डॉलर के पार निकल गया, जबकि एथेरियम 2,295 डॉलर से ऊपर संभला, हालांकि यह अभी भी प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है।
















