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अमेरिकी ट्रेजरी के बांड बायबैक दोगुना करने से गिरा डॉलर, सोना चमका और पाउंड-यूरो नए शिखर परबाज़ार
20 अग॰ 2026, 5:37 am (24 दिन पहले)· 2

अमेरिकी ट्रेजरी के बांड बायबैक दोगुना करने से गिरा डॉलर, सोना चमका और पाउंड-यूरो नए शिखर पर

अमेरिका पर सरकारी कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंचने के बीच ट्रेजरी विभाग ने दीर्घकालिक बांड बायबैक को दोगुना कर 4 अरब डॉलर कर दिया है, जिससे अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है और सर्राफा व विदेशी मुद्रा बाजारों में तेजी आई है।

वाशिंगटन में वित्तीय अधिकारियों द्वारा तरलता सहायता बायबैक परिचालन को दोगुना करने के बड़े फैसले के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने लंबी अवधि की नाममात्र प्रतिभूतियों के लिए अपने बायबैक परिचालन के अधिकतम आकार को कम से कम दोगुना करने का ऐलान किया है। इस नए कदम के तहत प्रति परिचालन अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। इस घोषणा के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर पर भारी दबाव देखने को मिला, जिससे लंबे समय के अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई और वैश्विक मुद्राओं के साथ-साथ सोने की कीमतों को जबरदस्त मजबूती मिली।

40 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंचा अमेरिकी सार्वजनिक कर्ज

ट्रेजरी विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों से यह भी सामने आया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका का कुल सार्वजनिक कर्ज इतिहास में पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। आंकड़ों का विश्लेषण दिखाता है कि बीते पांच साल से भी कम समय में अमेरिकी सरकारी कर्ज में एक-तिहाई यानी लगभग 33 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि कर्ज के इस विशाल स्तर को संभालने और बॉन्ड बाजार में तरलता को बनाए रखने के लिए ही सरकार को अपने बायबैक कार्यक्रम का विस्तार करना पड़ा है। बाजार में अधिक नकदी डालने के इस प्रयास ने अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर को प्रभावित किया है, जिससे निवेशकों का रुख अन्य सुरक्षित संपत्तियों और विदेशी मुद्राओं की ओर मुड़ा है।

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विदेशी मुद्रा बाजार में पाउंड और यूरो का शानदार प्रदर्शन

अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी के चलते प्रमुख वैश्विक मुद्राओं ने डॉलर के मुकाबले जोरदार बढ़त हासिल की है। ब्रिटेन का पाउंड (GBP/USD) दैनिक बढ़त दर्ज करते हुए मई के मध्य के बाद से अपने उच्चतम स्तर 1.3600 से ऊपर कारोबार कर रहा है। पाउंड को ब्रिटेन के हालिया आर्थिक आंकड़ों से भी समर्थन मिला है। ब्रिटेन में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित वार्षिक मुद्रास्फीति जुलाई में बढ़कर 2.9 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो बाजार के अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप है। इसके अलावा, जुलाई में कोर CPI मुद्रास्फीति 2.6 प्रतिशत रही, जो 2.5 प्रतिशत के अनुमान से थोड़ा अधिक है। इन आंकड़ों ने पाउंड की तेजी को अतिरिक्त मजबूती प्रदान की है।

इसी तरह यूरोपीय साझा मुद्रा यूरो (EUR/USD) ने भी तेजी पकड़ी है। यूरो डॉलर के मुकाबले जून की शुरुआत के बाद से अपने उच्चतम स्तर 1.1650 के पार पहुंच गया है। ट्रेजरी विभाग की बायबैक योजना के कारण डॉलर पर लगातार मंदी का दबाव बना हुआ है। इसके साथ ही, मुद्रा बाजार के निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के भविष्य के संकेतों को समझने के लिए आगामी FOMC मिनट्स के ब्योरे का उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं। नीतिगत दृष्टिकोण के स्पष्ट होने तक यूरो में मजबूती बनी रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

सोने की कीमतों में उछाल और उपज में गिरावट

अमेरिकी डॉलर के नरम पड़ने और लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेज गिरावट से सोने (XAU/USD) को सीधा फायदा मिला है। सर्राफा बाजार में सोने ने पिछले दिन के सभी नुकसान की भरपाई करते हुए बढ़त के साथ कारोबार शुरू किया। सोना और अमेरिकी डॉलर के बीच ऐतिहासिक रूप से विपरीत संबंध रहा है। जब डॉलर की क्रय शक्ति घटती है या उसकी विनिमय दर कमजोर होती है, तो सोने की कीमतें आमतौर पर ऊपर चढ़ती हैं। यही विपरीत संबंध अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के साथ भी देखा जाता है, क्योंकि बिना ब्याज या यील्ड देने वाली संपत्ति होने के कारण ब्याज दरें या बॉन्ड यील्ड कम होने पर सोने की निवेश मांग में वृद्धि होती है।

इतिहास गवाह है कि संकट के समय में सोने ने हमेशा मूल्य के संचय और विनिमय के माध्यम के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपनी चमक और आभूषणों में इस्तेमाल के अलावा, आज भी वैश्विक निवेशक इसे एक सुरक्षित संपत्ति (सेफ-हेवन) मानते हैं। मुद्रास्फीति की मार और घटती विनिमय दरों से बचने के लिए सोने को सबसे बेहतरीन हेज माना जाता है, क्योंकि इसका मूल्य किसी एक विशिष्टIssuer या सरकार के नियंत्रण पर निर्भर नहीं होता है।

केन्द्रीय बैंकों की स्वर्ण खरीदारी और वैश्विक वित्तीय रणनीति

दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोने के सबसे बड़े धारक हैं। कठिन और अनिश्चित आर्थिक परिस्थितियों में अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं को सहारा देने के लिए केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार का विविधीकरण करते हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, साल 2022 में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने अपने भंडार में 1,136 टन सोना जोड़ा, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 70 अरब डॉलर थी। यह आंकड़ा रिकॉर्ड दर्ज किए जाने की शुरुआत के बाद से किसी भी एक वर्ष में केंद्रीय बैंकों द्वारा की गई सोने की सबसे बड़ी खरीदारी है।

विशेष रूप से चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते हुए अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंक अपने स्वर्ण भंडार में तेजी से बढ़ोतरी कर रहे हैं। मजबूत स्वर्ण भंडार किसी भी देश की वित्तीय साख और भुगतान क्षमता के प्रति वैश्विक बाजारों में विश्वास जगाता है। जब शेयर बाजारों या अन्य जोखिम वाली संपत्तियों में बिकवाली आती है, तब सोना निवेशकों के लिए सुरक्षा चक्र का काम करता है। वर्तमान में अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और ट्रेजरी बायबैक के नए कदम से सोने की सेफ-हेवन मांग को और बल मिला है।

सवाल-जवाब

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बांड बायबैक को लेकर क्या फैसला किया है?
अमेरिकी ट्रेजरी ने लंबी अवधि की नाममात्र प्रतिभूतियों के लिए अपने तरलता-सहायता बायबैक परिचालन का दायरा 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर प्रति परिचालन कर दिया है।
अमेरिका का कुल सरकारी कर्ज कितना पहुंच गया है?
अमेरिका का कुल सार्वजनिक कर्ज इतिहास में पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है, जो पांच साल से भी कम समय में एक-तिहाई बढ़ा है।
ट्रेजरी के इस फैसले का अमेरिकी डॉलर और सोने पर क्या असर पड़ा?
इस फैसले से अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड Yield में गिरावट आई, जिससे सोने (XAU/USD) की कीमतों में तेजी आई और पिछले दिन का सारा नुकसान कवर हो गया।
यूरो और पाउंड में क्या बदलाव देखा गया?
डॉलर में आई कमजोरी के कारण GBP/USD बढ़कर 1.3600 के पार (मई के मध्य के बाद उच्चतम) और EUR/USD बढ़कर 1.1650 के पार (जून की शुरुआत के बाद उच्चतम) पहुंच गया।
साल 2022 में केंद्रीय बैंकों ने कितना सोना खरीदा था?
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार 2022 में केंद्रीय बैंकों ने रिकॉर्ड 1,136 टन सोना (लगभग 70 अरब डॉलर मूल्य का) अपने खजाने में जोड़ा था।
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