आदित्य बिड़ला समूह की प्रमुख धातु कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। शुक्रवार को घोषित नतीजों के मुताबिक, अप्रैल से जून तिमाही के दौरान कंपनी के समेकित शुद्ध लाभ में जबरदस्त 75 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला है। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर 7,013 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो कि एक साल पहले की इसी अवधि में 4,004 करोड़ रुपये रहा था। धातु बाजार में आए सुधार और विभिन्न व्यावसायिक इकाइयों के मजबूत प्रदर्शन ने इस मुनाफे की वृद्धि में अहम भूमिका निभाई है।
कंपनी के परिचालन से प्राप्त शुद्ध राजस्व में भी सालाना आधार पर बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में हिंडाल्को की कुल आय 32 प्रतिशत बढ़कर 84,825 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 64,232 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। कंपनी ने अपनी परिचालन दक्षता और वित्तीय स्थिति में मजबूत बढ़त बनाई है, जिससे प्रति शेयर आय (EPS) में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पहली तिमाही के दौरान कंपनी का प्रति शेयर आय बढ़कर 31.58 रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में 18.03 रुपये था।
तिमाही दर तिमाही प्रदर्शन का विश्लेषण
अगर कंपनी के नतीजों की तुलना मार्च में समाप्त हुई पिछली तिमाही (Q4FY26) से की जाए, तो कंपनी ने राजस्व और मुनाफे दोनों मोर्चों पर काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही के दौरान हिंडाल्को का समेकित शुद्ध मुनाफा 2,597 करोड़ रुपये रहा था। इस लिहाज से देखें तो पहली तिमाही का 7,013 करोड़ रुपये का मुनाफा पिछली तिमाही के मुकाबले दोगुनी से भी अधिक बढ़त दर्शाता है।
इसी तरह, मार्च तिमाही के दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व 78,133 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। पहली तिमाही में राजस्व बढ़कर 84,825 करोड़ रुपये पर पहुंचना यह दर्शाता है कि कंपनी के वैश्विक और घरेलू दोनों बाजारों में मांग की स्थिति मजबूत बनी हुई है। कंपनी की विभिन्न इकाइयों के राजस्व में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
विदेशी सहायक कंपनी नॉवेलिस का प्रदर्शन और चुनौतियां
हिंडाल्को की अमेरिकी सहायक कंपनी नॉवेलिस ने भी राजस्व में बेहतर बढ़त हासिल की है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के दौरान नॉवेलिस का समेकित परिचालन राजस्व सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 54,763 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में नॉवेलिस ने 40,362 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया था। वैश्विक बाजार में एल्युमिनियम की अनुकूल कीमतों ने इस राजस्व वृद्धि को सहारा दिया।
हालांकि, ओस्वेगो संयंत्र में आग लगने की घटना के कारण परिचालन में बाधा आई, जिससे अनुमानित 33 केटी (हजार टन) शिपमेंट का नुकसान हुआ। इसके कारण नॉवेलिस का प्रति टन ईबीआईटीडीए क्रमिक (तिमाही) आधार पर 6 प्रतिशत घटकर 512 डॉलर पर आ गया। इसके साथ ही नॉवेलिस का शुद्ध कर्ज क्रमिक आधार पर 17 प्रतिशत बढ़कर 7.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो कि निकट भविष्य के लिए कंपनी के समक्ष एक प्रमुख परिचालन चुनौती बना हुआ है।
विभिन्न व्यावसायिक खंडों (सेगमेंट) का विस्तृत लेखा-जोखा
हिंडाल्को के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सेगमेंट प्रदर्शन पर नजर डालें तो एल्युमिनियम और तांबा (कॉपर) दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक रुझान देखने को मिला है
- एल्युमिनियम अपस्ट्रीम: इस खंड का राजस्व बढ़कर 13,403 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 9,331 करोड़ रुपये रहा था।
- एल्युमिनियम डाउनस्ट्रीम: इस खंड ने पहली तिमाही में 4,889 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जो एक साल पहले 3,353 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।
- कॉपर सेगमेंट: तांबा व्यवसाय का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा और इसका राजस्व तेजी से बढ़कर 17,232 करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया।
शेयर बाजार में हलचल और वैल्यूएशन
वित्तीय नतीजों की घोषणा के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के शेयर में तेजी देखी गई। शुक्रवार के कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर 2.67 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,054 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था। इस मूल्य पर कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर 2,36,857.68 करोड़ रुपये पहुंच गया। दिन के दौरान शेयर ने 1,055.65 रुपये का उच्चतम स्तर और 1,019.00 रुपये का न्यूनतम स्तर छुआ।
हिंडाल्को के शेयर के ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर नजर डालें तो 29 मई 2026 को शेयर ने अपने 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर 1,179.35 रुपये छुआ था, जबकि 12 अगस्त 2025 को यह 656.85 रुपये के अपने 52 हफ्तों के निचले स्तर पर गया था। मौजूदा समय में कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 14.8 प्रतिशत दर्ज किया गया है। शेयर बाजार में पिछले दो हफ्तों के दौरान हिंडाल्को के शेयर मूल्य में लगभग 11.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी आई है, जबकि एक साल की अवधि में इस शेयर ने अपने निवेशकों को करीब 53 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।



















