अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर अपनी पकड़ बनाए रखने में विफल रहने के बाद 0.6990 के पास कारोबार कर रहा है। शुरुआती सत्र में दर्ज की गई बढ़त को गंवाने के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने मुद्रा जोड़ी को एक सीमित दायरे में बांधकर रखा है और ज्यादा बड़ी गिरावट को रोका है। बाजार में व्यापारी फिलहाल आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जिससे मुद्रा जोड़ी की अगली दिशा तय होगी। लाइव ट्रेडिंग आंकड़ों के अनुसार AUD/USD 0.6999 के आसपास बना हुआ है, जो पिछले बंद स्तर 0.6967 की तुलना में 0.45 प्रतिशत की मजबूती प्रदर्शित कर रहा है।
प्रमुख प्रेरक कारक: RBA गवर्नर का संबोधन और महंगाई आंकड़े
इस सप्ताह ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की चाल के लिए दो प्रमुख घटनाक्रम सबसे महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। मंगलवार को रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की गवर्नर मिशेल बुलॉक का भाषण होना है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी। इसके ठीक बाद बुधवार को ऑस्ट्रेलिया के जून महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े जारी किए जाएंगे। ये आंकड़े यह स्पष्ट करेंगे कि देश में मुद्रास्फीति का दबाव किस दिशा में जा रहा है और क्या केंद्रीय बैंक को अपनी कठोर मौद्रिक नीति आगे भी जारी रखनी होगी।
ऑस्ट्रेलिया के हालिया मुद्रास्फीति आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण करने पर पता चलता है कि हेडलाइन CPI में मासिक आधार पर 0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी, जबकि वार्षिक आधार पर यह 4.0 प्रतिशत पर रही थी। दूसरी ओर, अंतर्निहित मुद्रास्फीति को दर्शाने वाला ट्रिम्ड मीन CPI मासिक स्तर पर 0.4 प्रतिशत और वार्षिक आधार पर 3.6 प्रतिशत बढ़ा था। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि मुख्य हेडलाइन आंकड़े में कमी आने के बावजूद अंतर्निहित महंगाई का दबाव अभी भी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। यदि जून के आंकड़े उम्मीद से अधिक गर्म यानी ऊंचे आते हैं, तो RBA द्वारा ब्याज दरों को उच्च स्तर पर बनाए रखने की संभावना मजबूत होगी, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिलेगा। इसके विपरीत, यदि महंगाई में नरमी देखी जाती है, तो AUD/USD पर नीचे की ओर दबाव बढ़ सकता है।
फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ब्याज दर परिदृश्य
अमेरिकी मोर्चे पर, फेडरल रिजर्व अपनी 28 और 29 जुलाई की दो दिवसीय बैठक के समापन के बाद बुधवार को नीतिगत दरों की घोषणा करेगा। फेडरल रिजर्व ने चालू वर्ष की शुरुआत से ही अपनी लक्षित ब्याज दर सीमा को 3.50 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के बीच स्थिर रखा है। हालांकि अधिकांश विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय बैंक इस बार भी दरों में बदलाव न करते हुए इसे यथावत रखेगा, लेकिन हाल ही में मुद्रास्फीति और ऊर्जा कीमतों में हुई बढ़ोतरी के कारण यह फैसला काफी संवेदनशील माना जा रहा है।
सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट ने फेडरल रिजर्व पर तत्काल ब्याज दर बढ़ाने के दबाव को कुछ कम जरूर किया है। इसके बावजूद फेड अध्यक्ष केविन वॉश अपना सख्त रुख बनाए रख सकते हैं और भविष्य में मौद्रिक सख्ती के दरवाजे खुले रख सकते हैं। केविन वॉश के वक्तव्य से अमेरिकी डॉलर की अगली चाल निर्धारित होगी, जो सीधे तौर पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर सहित अन्य प्रमुख मुद्राओं को प्रभावित करेगी।
तकनीकी चार्ट विश्लेषण और महत्वपूर्ण ट्रेडिंग स्तर
चार घंटे के तकनीकी चार्ट पर AUD/USD 0.6988 के करीब कारोबार कर रहा है, जहां यह दो महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज के बीच फंसा हुआ नजर आ रहा है। नीचे की तरफ 0.6969 पर स्थित 100-अवधि का सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) जोड़ी को मजबूत तकनीकी आधार प्रदान कर रहा है। वहीं ऊपर की तरफ 0.6990 पर स्थित 20-अवधि का SMA बढ़त को सीमित कर रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग 49 के स्तर पर है, जो बाजार में तटस्थ रुख का संकेत देता है। दैनिक तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय RSI 53 पर है, और ADX 17 पर बना हुआ है जो एक सीमित दायरे वाले बाजार का प्रतिनिधित्व करता है।
ऊपरी स्तरों पर ट्रेडिंग रणनीति के लिहाज से पहला तात्कालिक प्रतिरोध 20-अवधि के SMA यानी 0.6990 पर मौजूद है। इसके बाद 0.6995 का क्षैतिज अवरोध है, जिसके पार जाने पर 0.7002 और फिर 0.7006 का कड़ा प्रतिरोध क्षेत्र सामने आएगा। दैनिक पिवट स्तर 0.6999 पर है और R1 प्रतिरोध 0.7014 तथा R2 प्रतिरोध 0.7029 पर केंद्रित है। दूसरी तरफ, नीचे की ओर तात्कालिक सहायता 0.6984 के स्तर पर उपलब्ध है, जो हाल के समेकन के निचले स्तर की रक्षा करती है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो 0.6969 पर स्थित 100-अवधि का SMA एक मजबूत तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। 52-सप्ताह के दायरे को देखें तो यह जोड़ी 0.6415 से 0.7277 के बीच कारोबार कर चुकी है।
व्यापक मुद्रा बाजार का रुझान: GBP/USD और EUR/USD का हाल
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख मुद्राओं में भी उथल-पुथल देखी जा रही है। GBP/USD शुक्रवार को दर्ज की गई अपनी बढ़त को गंवाते हुए सोमवार को 1.3300 के स्तर की ओर नीचे खिसक गया। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष में ठहराव के बाद कच्चे तेल की गिरती कीमतों और ब्रिटेन में मुद्रास्फीति के सुस्त आंकड़ों ने बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) द्वारा नीतिगत सख्ती की संभावनाओं को कमजोर कर दिया है, जिससे पाउंड पर दबाव बना हुआ है।
इसी प्रकार, EUR/USD में तेजी की गति धीमी पड़ गई है और यह सप्ताह की शुरुआत में 1.1400 के स्तर से नीचे फिसल गया है। हालांकि मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीदों ने यूरो को कुछ हद तक सहारा दिया है, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच किसी स्थायी समाधान तक पहुंचने को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है।



















