वैश्विक वित्तीय बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती बनी हुई है, क्योंकि व्यापक आर्थिक आंकड़े और केंद्रीय बैंक के संकेत नीतिगत स्थिरता की ओर इशारा कर रहे हैं। शुक्रवार को जैक्सन होल संगोष्ठी में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श के बहुप्रतीक्षित संबोधन से पहले विदेशी मुद्रा बाजार में ठहराव की स्थिति देखी जा रही है। वित्तीय संस्थान ओसीबीसी ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बॉन्ड बायबैक की घोषणा के बावजूद, जब तक केंद्रीय बैंक बॉन्ड यील्ड को सीमित करने के लिए सीधा सहयोग नहीं करता, तब तक अमेरिकी डॉलर में बड़ी गिरावट की संभावना बहुत कम है।
मुद्रास्फीति के आंकड़े और आर्थिक वृद्धि
अमेरिका से आए हालिया आर्थिक संकेतक दिखाते हैं कि देश में मुद्रास्फीति का दबाव बना हुआ है और आर्थिक वृद्धि में मजबूती बनी हुई है। जुलाई महीने के कोर पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) मूल्य सूचकांक में 0.2% की मासिक (MoM) और 3.3% की वार्षिक (YoY) बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह सूचकांक फेडरल रिजर्व का पसंदीदा मुद्रास्फीति पैमाना माना जाता है। ये आंकड़े बाजार के अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यद्यपि मुद्रास्फीति अपने उच्चतम स्तर से नीचे आई है, फिर भी वार्षिक मूल्य वृद्धि केंद्रीय बैंक के दीर्घकालिक लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है।
वार्षिक कोर PCE मुद्रास्फीति के 3.3% पर बने रहने के कारण फेडरल रिजर्व के नीतिनिर्माताओं का रुख सख्त बना हुआ है। लगातार उच्च स्तर पर बनी मुद्रास्फीति के कारण केंद्रीय बैंक के पास ब्याज दरों में तेजी से कटौती करने की गुंजाइश सीमित हो गई है। इसके परिणामस्वरूप, बाजार में आक्रामक दर कटौती की उम्मीदें कम हुई हैं और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर को मजबूत समर्थन मिला है।
ट्रेजरी बायबैक और बॉन्ड यील्ड का प्रभाव
हाल के दिनों में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के बायबैक कार्यक्रम पर बाजार की नजर बनी हुई थी, जिससे कुछ विश्लेषक डॉलर में गिरावट का अनुमान लगा रहे थे। हालांकि, ओसीबीसी के विश्लेषकों का मानना है कि डॉलर में किसी भी स्थायी गिरावट के लिए वित्तीय बाजारों को इस बात का प्रमाण चाहिए होगा कि फेडरल रिजर्व सरकार के बॉन्ड यील्ड को नियंत्रित करने में ट्रेजरी का समर्थन करने के लिए तैयार है। ओसीबीसी के अनुसार, वर्तमान आर्थिक परिदृश्य में ऐसी नीतिगत जुगलबंदी की संभावना नगण्य है।
फेड अधिकारियों की ओर से यील्ड नियंत्रण के लिए स्पष्ट प्रतिबद्धता न मिलने तक, ग्रीनबैक पर ट्रेजरी बायबैक का असर सीमित रहने की उम्मीद है। इसी वजह से ओसीबीसी के बाजार रणनीतिकारों ने अमेरिकी डॉलर पर तटस्थ रुख बनाए रखने का सुझाव दिया है और निवेशकों को डॉलर की अल्पकालिक गिरावट पर दांव लगाने से बचने की सलाह दी है।
जैक्सन होल संगोष्ठी और केविन वॉर्श का संबोधन
निवेशकों और बाजार विश्लेषकों का पूरा ध्यान शुक्रवार को आयोजित होने वाली वार्षिक जैक्सन होल संगोष्ठी में फेड अध्यक्ष केविन वॉर्श के भाषण पर केंद्रित है। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के रूप में वॉर्श का यह पहला जैक्सन होल संबोधन होगा। बाजार सहभागी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या केंद्रीय बैंक वित्तीय बाजार की स्थिरता के बजाय मुद्रास्फीति नियंत्रण को अधिक प्राथमिकता देगा।
यदि केविन वॉर्श और अन्य फेड अधिकारी मुद्रा के अवमूल्यन की चिंताओं को खारिज करते हैं और मुद्रास्फीति को 2% के लक्ष्य तक वापस लाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं, तो अमेरिकी डॉलर को नई मजबूती मिल सकती है। वित्तीय बाजार इस बात की भी बारीकी से जांच कर रहे हैं कि क्या फेड सितंबर की नीतिगत बैठक में ब्याज दरों में बदलाव का कोई संकेत देगा या वर्तमान दरों को बनाए रखेगा।
विदेशी मुद्रा बाजार: GBP/USD और EUR/USD का हाल
गुरुवार के यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख मुद्रा जोड़ियों में सीमित दायरे में कारोबार हुआ। निवेशक जैक्सन होल संबोधन से पहले कोई भी बड़ा जोखिम लेने से बच रहे हैं। GBP/USD जोड़ी अपने साप्ताहिक निचले स्तर के करीब 1.3600 के आंकड़े से नीचे बनी हुई है। ब्रिटिश पाउंड में गिरावट पर अंकुश लगा हुआ है, क्योंकि व्यापारी अमेरिकी केंद्रीय बैंक के रुख का इंतजार कर रहे हैं।
दूसरी ओर, EUR/USD की जोड़ी गुरुवार को 1.1650 के स्तर के आसपास बनी रही। यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) की सख्त नीतिगत उम्मीदों से यूरो को समर्थन मिल रहा है, जिससे अमेरिकी PCE आंकड़ों के बाद डॉलर में आई तेजी का संतुलन बना हुआ है। यूरोजोन के व्यापारी मिडिल ईस्ट के घटनाक्रम और अमेरिका के बेरोजगारी दावों के आंकड़ों पर भी नजर बनाए हुए हैं।
सोने की कीमतों में सुस्ती
कीमती धातुओं के बाजार में भी मुद्रा बाजार जैसा ही सतर्क रुख देखने को मिल रहा है। गुरुवार को यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,600 डॉलर प्रति औंस के स्तर के पास बना रहा, जो पिछले दिन के साप्ताहिक निचले स्तर के करीब है। अमेरिकी डॉलर के मजबूत स्तर और स्थिर ट्रेजरी यील्ड के कारण बिना ब्याज देने वाली इस संपत्ति पर दबाव बना हुआ है।
हालांकि, शुक्रवार को केविन वॉर्श के भाषण से पहले व्यापारी प्रतीक्षा करो और देखो की नीति अपना रहे हैं, जिससे सोने में और बड़ी गिरावट रुक गई है। चूंकि सोने की कीमतें ब्याज दर की उम्मीदों और डॉलर की चाल से सीधे प्रभावित होती हैं, इसलिए जैक्सन होल से मिलने वाले नीतिगत संकेत कीमती धातुओं की अगली दिशा तय करेंगे।


















