3 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से बनी मंदी की स्थिति पर विराम लग गया। मजबूत वैश्विक संकेतों की मदद से दलाल स्ट्रीट पर लिवाली का माहौल बना, जिसके चलते दोनों प्रमुख सूचकांक शानदार बढ़त के साथ खुले। कारोबार की शुरुआत होते ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 एक बार फिर 24,000 अंक के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर निकलने में कामयाब रहा। इस अचानक आई तेजी से निवेशकों के चेहरे पर खुशी लौट आई है, क्योंकि बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिल रही है।
सेंसेक्स और निफ्टी में दर्ज की गई बढ़त
कारोबारी सत्र के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स लगभग 300 अंकों की तेजी हासिल करते हुए 76,869 के स्तर के आसपास पहुंच गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी 50 सूचकांक में भी 105.50 अंकों का उछाल दर्ज किया गया, जिससे यह 24,037 के स्तर पर कारोबार करता हुआ देखा गया। बाजार का समग्र रुझान पूरी तरह से सकारात्मक बना रहा। दिन के सौदों में कुल मिलाकर लगभग 2,067 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 789 शेयर नुकसान के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इसके अलावा 155 शेयरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ और वे बिना किसी उतार-चढ़ाव के स्थिर रहे।
अडानी पोर्ट्स और प्रमुख बैंकिंग शेयरों का प्रदर्शन
आज के कारोबारी सत्र में तेजी का नेतृत्व अडानी समूह की कंपनी अडानी पोर्ट्स ने किया। इस शेयर ने 1.51 प्रतिशत की बढ़त बनाकर शीर्ष लाभ कमाने वाले शेयर का स्थान हासिल किया। अडानी पोर्ट्स के साथ-साथ बैंकिंग और बिजली क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों ने भी बाजार को मजबूती प्रदान करने में अहम भूमिका निभाई। तेजी वाले शेयरों की सूची में आईसीआईसीआई बैंक 1.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ आगे रहा, जबकि एक्सिस बैंक ने 1.08 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया।
सरकारी क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक (SBIN) के शेयर में भी 1.08 प्रतिशत की मजबूती देखी गई। इसके अलावा बिजली क्षेत्र की दिग्गज कंपनी पावर ग्रिड में 1.05 प्रतिशत, एचडीएफसी लाइफ में 0.91 प्रतिशत, अडानी एंटरप्राइजेज में 0.84 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक में 0.70 प्रतिशत की लिवाली देखने को मिली। इन शेयरों में आई तेजी ने पूरे बाजार को ऊपर खींचने में मदद की।
आईटी और ऑटो शेयरों में दिखा बिकवाली का दबाव
तेजी के माहौल के बीच सूचना प्रौद्योगिकी और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के कुछ शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। विमानन कंपनी इंडिगो का शेयर 1.02 प्रतिशत टूटकर शीर्ष नुकसान वाले शेयरों में शामिल रहा। आईटी कंपनियों में टेक महिंद्रा का शेयर 0.94 प्रतिशत गिरा, जबकि एचसीएल टेक में 0.86 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में 0.63 प्रतिशत की मंदी रही। इसके अलावा इन्फोसिस का शेयर 0.59 प्रतिशत फिसलकर लाल निशान में कारोबार कर रहा था।
ऑटो और उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र में भी कमजोरी महसूस की गई। आइशर मोटर्स का शेयर 0.83 प्रतिशत नीचे आ गया, जबकि एफएमसीजी कंपनी नेस्ले इंडिया में 0.64 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो और दवा निर्माता कंपनी सिप्ला के शेयर भी दबाव में रहे और लाल निशान के साथ ट्रेड करते हुए नजर आए।
विभिन्न सेक्टोरल सूचकांकों का हाल
विभिन्न क्षेत्रों के प्रदर्शन का विश्लेषण करें तो आज बैंकिंग और रियल्टी सूचकांकों का दबदबा रहा। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का प्रतिनिधित्व करने वाला निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांक 0.93 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद होने की ओर बढ़ा, जबकि निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 0.91 प्रतिशत की तेजी देखी गई। बैंकिंग क्षेत्र के समग्र प्रदर्शन को दर्शाने वाले निफ्टी बैंक सूचकांक ने भी 0.72 प्रतिशत का मुनाफा दर्ज किया। ऊर्जा और बुनियादी ढांचा यानी इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के शेयर भी हरे निशान में बने रहे।
इसके विपरीत आईटी क्षेत्र में बिकवाली का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था। दैनिक उपभोग की वस्तुओं से संबंधित एफएमसीजी सूचकांक में 0.46 प्रतिशत की मंदी रही, जबकि फार्मास्युटिकल यानी दवा क्षेत्र के सूचकांक में 0.07 प्रतिशत की मामूली नरमी दर्ज की गई।



















