बेंगलुरु के सर्राफा बाजार में पिछले तीन दिनों से सोने की कीमतों में लगातार तेजी का रुख बना हुआ है। पिछले कुछ हफ्तों से कीमती धातुओं के बाजार में सुस्ती और करेक्शन का दौर चल रहा था, जिसके बाद अब एक बार फिर खरीददारों और निवेशकों का रुझान सोने की तरफ बढ़ा है। कर्नाटक की राजधानी में उच्च कुल संपत्ति वाले व्यक्तियों यानी एचएनआई, खुदरा आभूषण खरीददारों और निवेशकों की तरफ से सोने के भाव पर लगातार नजर रखी जाती है। हालांकि, जहां एक तरफ सोने के दाम लगातार चढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ चांदी की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है और सोमवार को इसके भाव में कोई बदलाव दर्ज नहीं किया गया।
सोने के विभिन्न कैरेट के नए दाम
सोमवार, 17 अगस्त को बेंगलुरु में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में उल्लेखनीय उछाल आया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को 24 कैरेट सोने की कीमत 53 रुपये प्रति ग्राम बढ़कर 15,566 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गई। इसके अलावा, 22 कैरेट सोने के भाव में 50 रुपये प्रति ग्राम की बढ़ोतरी हुई और यह 14,270 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, 18 कैरेट सोने के दाम भी 41 रुपये प्रति ग्राम की बढ़त के साथ 11,676 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किए गए। इस लगातार तीन दिन की तेजी ने बाजार के जानकारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
चांदी की कीमतों में स्थिरता
सोने के विपरीत, कर्नाटक की राजधानी में चांदी की कीमतों में सोमवार को कोई हलचल देखने को नहीं मिली और भाव स्थिर रहे। बेंगलुरु में आज चांदी की कीमत 250 रुपये प्रति ग्राम और 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी हुई है। जनवरी के महीने में चांदी के बाजार में काफी उतार-चढ़ाव और वोलैटिलिटी देखने को मिली थी, जिसके बाद पिछले कुछ महीनों से चांदी की कीमतें एक सीमित दायरे में ही कारोबार कर रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और वैश्विक कारक
केवल घरेलू स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बुलियन की कीमतों में सोमवार को जबरदस्त तेजी आई और पिछले सत्रों के लाभ को आगे बढ़ाया गया। ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर सोने का भाव बढ़कर 4,400 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इस तेजी के पीछे मुख्य वजहें अमेरिका से आए कमजोर आर्थिक आंकड़े और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में तुरंत बढ़ोतरी की उम्मीदों का कम होना रहीं। वैश्विक बाजार की यह मजबूती सीधे तौर पर स्थानीय बाजारों पर भी असर डाल रही है।
विशेषज्ञों की क्या है राय
क्वांटस रिसर्च के एमडी और सीईओ तथा स्मॉलकेस मैनेजर कार्तिक जोनागदला ने इस बाजार के रुख पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि सोना अब केवल इसलिए ऊपर नहीं जा रहा है कि हर मैक्रो वेरिएबल इसके पक्ष में है, बल्कि यह तेल और यील्ड में आंशिक सुधार के बावजूद अपनी बढ़त को बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि यह इस बात का संकेत है कि बाजार मुद्रास्फीति के प्रीमियम में अधिक टिकाऊ नरमी की उम्मीद कर रहा है और मोमेंटम तथा एलोकेशन फ्लो को आकर्षित कर रहा है। 4,300 डॉलर से ऊपर अब असली परीक्षा कनविक्शन की है। उन्होंने आगे कहा कि 4,350 से 4,400 डॉलर का स्तर टिके रहने की संभावना है, जबकि 4,200 डॉलर पर टिकने में नाकामयाबी मुनाफावसूली का संकेत देगी, इसलिए ऊंचे दामों पर अंधाधुंध भागने के बजाय नियंत्रित गिरावट पर खरीदारी करना बेहतर होगा।



















