वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन पर दबाव लगातार गहराता जा रहा है, जिससे बुधवार के शुरुआती एशियाई कारोबारी सत्र में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह कमजोर होकर 157.60 के आसपास पहुंच गया। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार यह जोड़ी 157.64 के स्तर पर दर्ज की गई, जो पिछले बंद स्तर 157.37 से 0.17 प्रतिशत ऊपर है। पिछले सप्ताह बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में की गई वृद्धि के बावजूद बाजार को केंद्रीय बैंक से भविष्य में दरें बढ़ाने का कोई स्पष्ट और आक्रामक संकेत नहीं मिला। इस अनिश्चितता और मौद्रिक नीति समिति के भीतर असहमति ने जापानी मुद्रा की धारणा को बुरी तरह प्रभावित किया है।
बैंक ऑफ जापान की ब्याज दर वृद्धि और समिति में मतभेद
बैंक ऑफ जापान ने पिछले हफ्ते अपनी अल्पकालिक नीतिगत ब्याज दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 1.00 प्रतिशत से 1.25 प्रतिशत कर दिया था। यह फैसला 1995 के बाद से देश में ब्याज दरों का उच्चतम स्तर दर्शाता है और दशकों पुरानी अत्यधिक उदार मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना गया। हालांकि, इस फैसले में सर्वसम्मति का अभाव रहा और मतदान 7-2 के अंतर से हुआ। नीतिगत बोर्ड के दो सदस्यों, टोइचिरो असाडा और अयानो सातो, ने इस दर वृद्धि का विरोध किया और इसके खिलाफ मतदान किया।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि दो वरिष्ठ नीति निर्माताओं की यह असहमति इस बात की चेतावनी है कि आने वाले समय में अतिरिक्त दर वृद्धि को लागू करना बैंक ऑफ जापान के लिए काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। जब बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा से पूछा गया कि क्या लगातार बैठकों में ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं या इससे भी बड़े नीतिगत कदम उठाए जा सकते हैं, तो उन्होंने किसी भी विकल्प को खारिज करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक नीतिगत बोर्ड की बैठकों से पहले किसी भी विशिष्ट विकल्प को बाहर नहीं रखता है। वेल्स फार्गो के मुख्य एशिया-प्रशांत रणनीतिकार चिदु नारायणन ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उएदा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सख्ती के कुछ संकेत दिखे, लेकिन वे बाजार की आक्रामक उम्मीदों का समर्थन करने के लिए अपर्याप्त थे।
जापानी अधिकारियों द्वारा मुद्रा हस्तक्षेप की आशंका
येन में लगातार आ रही कमजोरी के बीच विदेशी मुद्रा बाजार के व्यापारी जापानी अधिकारियों की ओर से संभावित प्रत्यक्ष हस्तक्षेप को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। जापानी मुद्रा को अत्यधिक गिरावट से बचाने के लिए वित्तीय अधिकारी पहले भी कदम उठाते रहे हैं। निक्केई अखबार ने पिछले हफ्ते खुलासा किया था कि जापानी अधिकारियों ने रेट चेक की प्रक्रिया पूरी की है। रेट चेक एक ऐसी तकनीकी और नियामक प्रक्रिया है जिसमें वित्तीय अधिकारी बाजार की स्थितियों और विनिमय दरों का आकलन करने के लिए वाणिज्यिक बैंकों से कोटेशन मांगते हैं। मुद्रा बाजार में इसे औपचारिक और प्रत्यक्ष मुद्रा हस्तक्षेप का प्राथमिक पूर्वाभ्यास या अग्रदूत माना जाता है।
बैंक ऑफ जापान के बुनियादी जनादेशों में से एक राष्ट्रीय मुद्रा का नियंत्रण और स्थिरता बनाए रखना है, इसलिए उसके हर कदम पर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की नजर रहती है। केंद्रीय बैंक ने समय-समय पर मुद्रा बाजार में सीधे हस्तक्षेप किया है, हालांकि मुख्य व्यापारिक साझेदारों की राजनीतिक और कूटनीतिक चिंताओं के कारण वह अक्सर ऐसा करने से बचता है। वर्ष 2013 से 2024 के बीच बैंक ऑफ जापान की अत्यधिक उदार मौद्रिक नीति के चलते येन अपने प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं की तुलना में लगातार गिरता रहा, क्योंकि जापान और अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतियों के बीच का अंतर बहुत बढ़ गया था। हाल के महीनों में इस अति-उदार रुख को धीरे-धीरे वापस लेने से येन को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन ब्याज दरों का मौजूदा अंतर अब भी डॉलर के पक्ष में काम कर रहा है।
तकनीकी संकेतक और चार्ट विश्लेषण
दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की यह जोड़ी एक व्यापक दायरे में समेकित हो रही है। यह जोड़ी 100-दिवसीय मूविंग एवरेज यानी 159.55 के स्तर से नीचे बनी हुई है, जबकि 20-दिवसीय बोलिंगर सिंपल मूविंग एवरेज की मध्य रेखा 156.55 के ऊपर टिकी हुई है। लाइव तकनीकी आंकड़ों के मुताबिक 20-दिवसीय बोलिंगर बैंड की सीमा 151.99 से 161.21 के बीच विस्तृत है, जिसका मध्य स्तर 156.60 के आसपास है। यह संरचना संकेत देती है कि मुद्रा जोड़ी तकनीकी ट्रेंड प्रतिरोध और अल्पकालिक बैंड समर्थन के बीच संतुलन तलाश रही है।
रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 14-दिवसीय पैमाने पर 53 के स्तर पर है, जो अत्यधिक खरीदारी की स्थिति दिखाए बिना हल्के तेजी के रुख की ओर इशारा करता है। इसके अलावा एमएसीडी सूचकांक -0.65 पर है जबकि सिग्नल लाइन -1.06 पर दर्ज की गई है, जिसका 0.40 का हिस्टोग्राम सकारात्मक बना हुआ है। यदि खरीदार अपनी बढ़त को आगे बढ़ाते हैं, तो ऊपर की तरफ पहला तात्कालिक प्रतिरोध 159.55 पर स्थित 100-दिवसीय मूविंग एवरेज होगा, जिसके बाद बोलिंगर बैंड का ऊपरी सिरा 160.85 और 161.21 एक मजबूत छत का काम करेगा। दूसरी ओर, गिरावट की स्थिति में 156.55 का बोलिंगर मध्य स्तर पहला समर्थन है, जबकि गहरा सुधारात्मक दबाव बनने पर 152.25 और 151.99 का निचला बैंड एक मजबूत संरचनात्मक आधार साबित होगा। दैनिक अस्थिरता का पैमाना यानी 14-दिवसीय एटीआर 1.40 पर दर्ज है, जिसे स्टॉप-लॉस बफर के लिए अहम माना जा रहा है।
वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और अन्य बाजारों की हलचल
विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाजार अन्य वैश्विक घटनाक्रमों पर भी बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक मौद्रिक रुख और उच्च बॉन्ड यील्ड के कारण डॉलर इंडेक्स को व्यापक मजबूती मिल रही है, जिससे बुधवार को जारी होने वाले अमेरिका के प्रारंभिक परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी पीएमआई आंकड़ों से पहले अमेरिकी मुद्रा मजबूत स्थिति में है। वहीं ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी 0.7100 के आसपास एक सीमित दायरे में फंसी रही, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के पीएमआई आंकड़ों से पता चला कि विनिर्माण क्षेत्र संकुचन में फिसल गया है और सेवा क्षेत्र की वृद्धि लगातार दूसरे महीने धीमी रही है। इसके साथ ही गुरुवार को होने वाली ट्रंप-शी शिखर वार्ता पर व्यापारियों का ध्यान केंद्रित है, जबकि अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ताओं की समाप्ति को बाजार ने अधिक तवज्जो नहीं दी।
सोने के बाजार में भी सुस्ती देखी जा रही है। पीली धातु 4,300 डॉलर प्रति औंस से नीचे के स्तर से रातों-रात उबरने के बाद बुधवार को एशियाई सत्र में रक्षात्मक बनी रही। फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण मजबूत बना अमेरिकी डॉलर सोने की तेजी को रोक रहा है, हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में आई हालिया गिरावट से मुद्रास्फीति की चिंताएं कुछ कम हुई हैं, जिससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर दबाव बना हुआ है और बिना ब्याज वाली इस परिसंपत्ति की गिरावट सीमित रही है। वित्तीय विश्लेषकों का ध्यान इस बात पर भी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई पर कंपनियों का पूंजीगत खर्च फेडरल रिजर्व की महंगाई चिंताओं का हिस्सा बन रहा है, जिससे अक्टूबर में संभावित ब्याज दर वृद्धि की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
जापानी येन का सुरक्षित निवेश का दर्जा और लंबी अवधि का रुझान
पारंपरिक रूप से जापानी येन को वैश्विक वित्तीय प्रणाली में एक सुरक्षित पनाहगाह निवेश यानी सेफ-हेवन एसेट माना जाता है। इसका अर्थ यह है कि जब भी वैश्विक बाजारों में तनाव, भू-राजनीतिक अस्थिरता या आर्थिक मंदी की आशंकाएं बढ़ती हैं, तो अंतरराष्ट्रीय निवेशक जापानी अर्थव्यवस्था की स्थिरता और विश्वसनीयता के भरोसे अपनी पूंजी को येन में स्थानांतरित करना पसंद करते हैं। उथल-पुथल के दौर में येन उन मुद्राओं की तुलना में मजबूत होता है जिन्हें अधिक जोखिम भरा माना जाता है।
पिछले एक दशक में बैंक ऑफ जापान की अत्यधिक ढीली मौद्रिक नीति ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व सहित अन्य प्रमुख वैश्विक केंद्रीय बैंकों के साथ एक बड़ा नीतिगत फासला पैदा कर दिया था। इस नीतिगत विचलन के कारण 10-वर्षीय अमेरिकी और जापानी सरकारी बॉन्ड की प्रतिफल दरों के बीच का अंतर काफी चौड़ा हो गया था, जिससे अंतरराष्ट्रीय पूंजी डॉलर की ओर आकर्षित हुई और येन ऐतिहासिक गिरावट का शिकार हुआ। वर्ष 2024 में बैंक ऑफ जापान द्वारा नकारात्मक ब्याज दरों और अति-उदार नीति को छोड़ने के कदम तथा अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा दरों में कटौती की शुरुआत ने इस बॉन्ड यील्ड अंतर को कम करना शुरू किया है। फिर भी, जब तक बैंक ऑफ जापान अपनी अगली ब्याज दर वृद्धि को लेकर अधिक दृढ़ और सख्त मार्गदर्शन नहीं देता, तब तक मुद्रा व्यापारियों के लिए येन की सतत रिकवरी पर दांव लगाना एक जटिल चुनौती बना रहेगा।


















