मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती के बीच जापानी येन में चल रही हालिया रिकवरी अब ठहराव के दौर में पहुंचती दिख रही है। दैनिक चार्ट पर अहम मूविंग एवरेज के कड़े दायरे के ठीक नीचे विनिमय दर मंगलवार को सीमित दायरे में सिमट गई। हालांकि निचले स्तरों से सुधरे तकनीकी संकेतकों ने गिरावट के दबाव को जरूर कम किया है, लेकिन 158.44 से 159.53 के बीच मौजूद तगड़ी रुकावट को पार किए बिना तेजी के रुख को मजबूत रफ्तार मिलना मुश्किल माना जा रहा है। लाइव बाजार आंकड़ों के मुताबिक यह करेंसी पेयर 157.54 के स्तर पर दर्ज किया गया, जो पिछले बंद स्तर 157.05 के मुकाबले 0.31 फीसदी की बढ़त दर्शाता है।
बैंक ऑफ जापान की नीति और करेंसी दखल की आहट
जापानी केंद्रीय बैंक यानी बैंक ऑफ जापान (बीओजे) ने अपनी हालिया नीतिगत समीक्षा में बेंचमार्क अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00 फीसदी से बढ़ाकर 1.25 फीसदी करने का फैसला सुनाया। यह कदम 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो 31 वर्षों के उच्च स्तर पर ब्याज दरों को ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण सामान्यीकरण कदम है। वित्तीय हलकों में इस बढ़ोतरी की उम्मीद लंबे समय से की जा रही थी, लेकिन फैसले के फौरन बाद येन में भारी कमजोरी दर्ज की गई और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भाव उछलकर 158.05 तक पहुंच गया।
हालांकि शुक्रवार के अंतिम कारोबारी सत्र में बाजार का रुख उस वक्त अचानक बदला, जब न्यूयॉर्क ट्रेडिंग सत्र के दौरान जापानी केंद्रीय बैंक द्वारा दरों की जांच यानी रेट चेक किए जाने की खबरें सामने आईं। एमयूएफजी के विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम ने बाजार को सीधा और सख्त संदेश दिया कि जापानी नीति निर्माता येन में बेतहाशा गिरावट को रोकने के लिए बाजार में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप करने को तैयार हैं। विश्लेषकों के अनुसार, इस कदम ने अल्पावधि में येन को 160.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर की तरफ बेलगाम फिसलने से रोकने के लिए बाजार की आक्रामक सट्टेबाजी पर अस्थायी लगाम लगाई है।
बढ़ती ऊर्जा कीमतें और यील्ड का अंतर
मुद्रा नीति के एक नए दौर में प्रवेश करते हुए केंद्रीय बैंक की दिशा हर तीन महीने में एक बार ब्याज दर बढ़ाने के अनुकूल दिखाई देती है। इसके बावजूद जापानी नीति निर्माताओं के सामने चुनौतियां कम नहीं हुई हैं। ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल और अमेरिका व जापान के बीच सरकारी बॉन्ड यील्ड का गहराता अंतर येन की स्वाभाविक मजबूती की राह में बड़ी बाधा बना हुआ है। ऐसी आर्थिक परिस्थितियों में मुद्रा की गिरावट को केवल ब्याज दरों के दम पर थामना मुश्किल हो रहा है, जिससे अधिकारियों पर समय हासिल करने के लिए बाजार में प्रत्यक्ष डॉलर बेचने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
महीने की शुरुआत में यह विनिमय दर लगभग 160 के उच्च स्तर से तेजी से लुढ़क कर 153 के स्तर तक आ गई थी। उसके बाद से बाजार ने अधिकांश नुकसान की भरपाई तो कर ली है, लेकिन दैनिक तकनीकी चार्ट पर लंबी अवधि के मूविंग एवरेज का समूह एक सख्त छत की तरह काम कर रहा है।
तकनीकी संकेतकों और चार्ट लेवल्स का विश्लेषण
दैनिक तकनीकी तस्वीर को देखें तो आरएसआई यानी रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 53 के आसपास बना हुआ है, जबकि मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (एमएसीडी) -0.82 पर सिग्नल लाइन -1.16 के मुकाबले सुधरकर 0.33 की बुलिश हिस्टोग्राम रीडिंग दिखा रहा है। यह स्थिति दर्शाती है कि बिक्री का आक्रामक दबाव तो घट गया है, पर स्पष्ट रूप से तेजी का नया दौर अभी शुरू नहीं हुआ है। इसके अलावा 14 दिनों का एडीएक्स 37 के स्तर पर मजबूत ट्रेंड की मौजूदगी का संकेत देता है, जबकि स्टोकेस्टिक इंडिकेटर की फास्ट लाइन 77 और सिग्नल लाइन 58 पर टिकी है।
चार्ट पर ऊपरी सिरे की बात करें तो 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज 158.44 (लाइव डेटा में 158.41) पर पहला बड़ा प्रतिरोध प्रस्तुत कर रहा है। इसके बाद 50-दिवसीय एसएमए 158.86 (लाइव डेटा में 158.95) और 100-दिवसीय एसएमए 159.53 पर अवरोध बना हुआ है। इन स्तरों से ऊपर 160.00 का मनोवैज्ञानिक बैरियर स्थित है। यदि बाजार इस 160 के स्तर से ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो इसका अगला रुख 164 की ओर हो सकता है, जो जुलाई के अंत में छुए गए 40 साल के रिकॉर्ड उच्च स्तर के बेहद करीब है।
नीचे की ओर तात्कालिक सपोर्ट 156.98 पर पहला सहारा (एस1) और 156.42 पर दूसरा सहारा (एस2) मौजूद है, जबकि पिवट बिंदु 157.38 पर स्थित है। 20 दिनों का प्रमुख सपोर्ट लगभग 152.90 और ऊपरी प्रतिरोध 160.38 के करीब देखा जा रहा है। 14 दिनों की औसत ट्रू रेंज (एटीआर) 1.48 पर चल रही है, जो दैनिक उतार-चढ़ाव के लिए एक स्टॉप-लॉस बफर का काम कर सकती है। 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी का निचला स्तर 146.61 और उच्चतम स्तर 163.98 दर्ज रहा है। बोलिंजर बैंड्स (20, 2) की निचली सीमा 151.95 और ऊपरी सीमा 161.43 के बीच भाव फिलहाल मध्य रेखा 156.69 के ऊपर ट्रेड कर रहा है।
वैश्विक भू-राजनीति और प्रमुख मुद्राओं का हाल
व्यापक मुद्रा बाजार में मंगलवार को जापानी येन ने ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले सबसे ज्यादा मजबूती का प्रदर्शन किया। दूसरी तरफ एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (एयूडी/यूएसडी) 0.7100 के पार खरीदारी हासिल करने में सफल रहा। ऑस्ट्रेलियाई रिजर्व बैंक की सहायक गवर्नर सारा हंटर और गवर्नर मिशेल बुलक की सख्त नीतिगत टिप्पणियों से ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को समर्थन मिला। हालांकि मध्य पूर्व में गहराते सैन्य तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कड़े रुख ने डॉलर की अंतर्निहित ताकत को बनाए रखा है, जिससे अन्य मुद्राओं की बढ़त सीमित रही।
इसी बीच सोने की कीमतों में लगातार दूसरे सत्र में गिरावट देखी गई और यह पीली धातु फिसलकर 4,300 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के दायरे में पहुंच गई। अमेरिकी डॉलर में नए सिरे से लौटी खरीदारी, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के मिले-जुले रुख और अनिश्चित वैश्विक माहौल ने सोने पर दबाव डाला। वैश्विक निवेशकों की नजर अब वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली अहम शिखर वार्ता पर टिकी है। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के शीर्ष नेताओं की यह बैठक तय करेगी कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक शांति आगे बढ़ेगी या आर्थिक अनिश्चितता का नया दौर शुरू होगा।


















