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बढ़ती रियल यील्ड के दम पर मेजर करेंसियों में सबसे आगे निकला पाउंड, राजनीतिक चिंताएं पड़ीं फीकीबाज़ार
4 घंटे पहले· 0

बढ़ती रियल यील्ड के दम पर मेजर करेंसियों में सबसे आगे निकला पाउंड, राजनीतिक चिंताएं पड़ीं फीकी

पिछले दो हफ्तों में पाउंड सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली मेजर करेंसी रहा है। एमयूएफजी के मुताबिक ब्रिटेन की रियल यील्ड में उछाल, शांत विदेशी मुद्रा बाजार और एंडी बर्नहैम को लेकर घटती चिंताएं इसकी मजबूती की वजह हैं, जबकि अमेरिका-ईरान तनाव बाकी बाजार पर दबाव डाल रहा है।

GBP/USDSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण21 जुलाई 2026

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

GBP/USD का RSI 56 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

पिछले करीब दो हफ्तों में ब्रिटिश पाउंड चुपचाप बड़ी करेंसियों की दौड़ में सबसे आगे निकल गया है, और एमयूएफजी के करेंसी विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी किसी संयोग का नतीजा नहीं है। एनर्जी की कीमतों में आए ताजा झटके से वैश्विक बाजार भले ही हिले हों, लेकिन पाउंड टस से मस नहीं हुआ। बैंक इसकी वजह ब्रिटेन की रियल यील्ड में आई तेज उछाल को मानता है। एमयूएफजी के मुताबिक, "पिछले कुछ हफ्तों में पाउंड सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली मेजर करेंसी रहा है, जो दिखाता है कि यह एनर्जी कीमतों के नकारात्मक झटके के सामने भी मजबूत बना हुआ है।"

असली दम रियल यील्ड का

दलील का मूल बहुत सीधा है। जब ब्रिटेन में महंगाई के हिसाब से मिलने वाली यील्ड ऊपर जाती है, तो पाउंड को अपने पास रखना ज्यादा फायदे का सौदा बन जाता है, और यही बढ़ा हुआ रिटर्न दुनियाभर के निवेशकों का पैसा पाउंड की ओर खींच लाया है। एमयूएफजी का कहना है कि इन ऊंची यील्ड ने न सिर्फ करेंसी को अपने आप में ज्यादा आकर्षक बनाया है, बल्कि निवेशकों को देश के बढ़ते राजनीतिक जोखिम उठाने का पर्याप्त मुआवजा भी दिया है। यानी ट्रेडर्स को इतना रिटर्न मिल रहा है कि वे राजनीति के शोर को नजरअंदाज कर पा रहे हैं।

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कैरी ट्रेड के लिए माहौल अनुकूल

समय का भी बड़ा रोल है। इस वक्त बाजार का माहौल कैरी ट्रेड के लिए खासा मुफीद है, जिसमें निवेशक कम यील्ड वाली करेंसी में उधार लेकर ज्यादा यील्ड वाली करेंसी में पैसा लगाते हैं। इसकी एक बड़ी वजह है शांति, विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव घटकर इस साल के सबसे निचले स्तर के करीब आ गया है। जब उतार-चढ़ाव कम होता है, तो अचानक किसी झटके से यील्ड का फायदा धुल जाने का खतरा भी घट जाता है, और इसी वजह से पाउंड का बेहतर रिटर्न और भी लुभावना लगने लगता है।

राजनीतिक डर पड़ा फीका

पाउंड की इस वापसी में एक हिस्सा उन आशंकाओं का भी है जो सच नहीं हुईं। एंडी बर्नहैम के प्रधानमंत्री बनने की संभावना को लेकर निवेशक पहले वित्तीय और राजनीतिक असर को लेकर परेशान थे, लेकिन वे चिंताएं धीरे-धीरे ठंडी पड़ गई हैं। जैसे-जैसे बाजार इस घबराहट को कम आंक रहा है, करेंसी पर मंडरा रहा एक बड़ा बोझ हट गया है, जिससे यील्ड की कहानी को आगे बढ़ने की जगह मिल गई।

अभी कहां है GBP/USD

सोमवार को यूरोपीय सत्र के दौरान GBP/USD 1.3450 के ऊपर हल्की बढ़त बनाए रहा, जिसमें सुस्त पड़े अमेरिकी डॉलर से भी मदद मिली। ट्रेडर्स दिनभर अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़ी सप्ताहांत की झड़पों के असर को तौलते रहे, जिसने हर तरह की संपत्ति में जोखिम लेने की भूख को थामे रखा। लाइव बाजार आंकड़ों के मुताबिक यह जोड़ी करीब 1.34 पर कारोबार कर रही है, पिछले बंद स्तर के मुकाबले लगभग सपाट, और 52 हफ्ते के 1.30 से 1.38 के दायरे के भीतर। रुझान दर्शाने वाले संकेतक न्यूट्रल जोन में हैं, 14 दिन का RSI करीब 56 और ADX करीब 18 पर, जो बताता है कि फिलहाल यह तेज चाल के बजाय एक दायरे में घूमता ट्रेंड है। अगली बड़ी परीक्षा मंगलवार को होगी, जब ब्रिटेन की रोजगार रिपोर्ट आएगी और यील्ड से मिली इस उम्मीद को या तो मजबूती देगी या चुनौती।

यूरो और ईसीबी पर नजर

यूरो की कहानी थोड़ी डगमगाती रही। यूरोपीय कारोबार में EUR/USD 1.1450 की ओर बनी ताजा बढ़त गंवा बैठा, क्योंकि वही अमेरिका-ईरान वाली सतर्कता ने उत्साह पर लगाम लगा दी, भले ही ईसीबी के सख्त रुख की उम्मीदों ने कुछ सहारा दिया। माना जा रहा है कि ईसीबी गुरुवार को ब्याज दरें स्थिर रखेगा, लेकिन सितंबर में दर बढ़ाने का संकेत दे सकता है, क्योंकि युद्ध के चलते एनर्जी कीमतों पर पड़े असर से महंगाई का नया खतरा उभर रहा है।

सोना 4,000 डॉलर के पास अटका

उधर सोना दिन के भीतर आई मामूली तेजी को आगे नहीं बढ़ा सका और यूरोप के खुलते वक्त 4,000 डॉलर के आसपास, लगभग सपाट बना रहा। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ऊंची अमेरिकी ब्याज दरों के दांव ने डॉलर को सहारा दिया है, और यही मजबूत डॉलर सोने की तेजी पर ब्रेक लगा रहा है, जबकि गिरावट पर दांव लगाने वालों का हौसला बढ़ा रहा है।

क्रिप्टो: एथेरियम चमका पर नींव कमजोर

डिजिटल एसेट्स की दुनिया में पिछले हफ्ते एथेरियम छाया रहा और अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वियों के सामने रिलेटिव स्ट्रेंथ दिखाई। पिछले हफ्ते से बुधवार के बीच ETH ने दहाई अंकों की बढ़त दर्ज की और बिटकॉइन, XRP तथा सोलाना को पीछे छोड़ दिया, इससे पहले कि गुरुवार को पूरा बाजार पलट जाता। लेकिन इस बेहतर प्रदर्शन की सतह के नीचे कई अहम आंकड़े इशारा कर रहे हैं कि यह तेजी मजबूत भरोसे के बजाय कमजोर जमीन पर टिकी है।

कार्डानो की कहानी कुछ शांत रही, ADA पिछले हफ्ते की हल्की रिकवरी के बाद 0.165 डॉलर पर अटक गया। बड़ी हलचल शनिवार को हुई, जब वैन रोसेम हार्ड फोर्क लागू हुआ, जो कार्डानो का पहला ऐसा प्रोटोकॉल अपग्रेड है जिसे पूरी तरह ऑनचेन गवर्नेंस के जरिए मंजूरी मिली। इस बदलाव के साथ प्रोटोकॉल वर्जन 11 आया, जिसमें स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट चलाने की लागत घटाने के मकसद से सुधार किए गए हैं।

महंगाई के मोर्चे पर राहत

तस्वीर को पूरा करते हुए, जून का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक महीने-दर-महीने 0.4% गिरा, जो अप्रैल 2020 के बाद किसी एक महीने में आई सबसे बड़ी गिरावट है और इसने लगातार तीन महीने से बढ़ रही कीमतों के सिलसिले को तोड़ दिया। इससे सालाना दर मई के 4.2% से घटकर 3.5% पर आ गई। कोर कीमतें, जिनमें उतार-चढ़ाव वाली चीजें शामिल नहीं होतीं, महीने के दौरान जहां की तहां रहीं और सालाना आधार पर घटकर 2.6% पर आ गईं, दोनों ही आंकड़े अनुमान से नीचे रहे।

सवाल-जवाब

पाउंड बाकी मेजर करेंसियों से बेहतर क्यों कर रहा है?
एमयूएफजी इसका श्रेय ब्रिटेन की रियल यील्ड में आई उछाल को देता है, जिसने पाउंड को ज्यादा आकर्षक बनाया और निवेशकों को बढ़ते राजनीतिक जोखिम का मुआवजा दिया।
इसमें एंडी बर्नहैम की क्या भूमिका है?
निवेशक पहले एंडी बर्नहैम के प्रधानमंत्री बनने की संभावना के वित्तीय और राजनीतिक असर से चिंतित थे, लेकिन ये चिंताएं अब कम हो गई हैं, जिससे पाउंड पर दबाव घटा है।
GBP/USD अभी किस स्तर पर है?
सोमवार को यह 1.3450 के ऊपर टिका रहा, और लाइव आंकड़ों के मुताबिक यह करीब 1.34 पर है, लगभग सपाट और 52 हफ्ते के 1.30 से 1.38 के दायरे में।
कैरी ट्रेड क्या है और यहां क्यों मायने रखता है?
कैरी ट्रेड में कम यील्ड वाली करेंसी में उधार लेकर ज्यादा यील्ड वाली में निवेश किया जाता है; विदेशी मुद्रा का उतार-चढ़ाव इस साल के सबसे निचले स्तर के पास होने से पाउंड की ऊंची यील्ड ऐसे ट्रेड को लुभावना बनाती है।
सोने और एथेरियम का क्या हाल रहा?
मजबूत डॉलर के कारण सोना 4,000 डॉलर के आसपास अटका रहा, जबकि एथेरियम ने हफ्तेभर में दहाई अंकों की बढ़त दर्ज की और गुरुवार को बाजार पलटने से पहले बिटकॉइन, XRP और सोलाना को पीछे छोड़ दिया।
जून के CPI आंकड़े ने क्या दिखाया?
जून का CPI महीने में 0.4% गिरा, जो अप्रैल 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है, इससे सालाना दर 4.2% से घटकर 3.5% पर आ गई, जबकि कोर महंगाई सालाना आधार पर 2.6% रह गई।
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