लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) के शेयरों में शुक्रवार, 7 अगस्त को मजबूती देखने को मिली। देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी द्वारा चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के शानदार वित्तीय नतीजे जारी करने के बाद निवेशकों में भारी उत्साह रहा। कंपनी के शुद्ध मुनाफे में 23 प्रतिशत की बड़ी बढ़त दर्ज की गई है। इसके साथ ही नए बिजनेस की लाभप्रदता और प्रीमियम संग्रह में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे शेयर बाजार में एलआईसी का प्रदर्शन सकारात्मक बना रहा।
मुनाफे और प्रीमियम संग्रह में दर्ज की गई मजबूत बढ़ोतरी
अप्रैल से जून 2026 की अवधि के लिए जारी नतीजों के मुताबिक, एलआईसी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 13,492 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 10,986 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था, जिसके मुकाबले इस बार 23 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला है।
कंपनी की कुल शुद्ध प्रीमियम आय में भी 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 1.27 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। इस वृद्धि को व्यक्तिगत और समूह बीमा दोनों सेगमेंट से समर्थन मिला। व्यक्तिगत नीतियों से मिलने वाला प्रीमियम 6 प्रतिशत बढ़कर 75,416 करोड़ रुपये रहा, जबकि समूह बीमा व्यवसाय से प्राप्त प्रीमियम 9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 51,834 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके अलावा, समीक्षाधीन तिमाही के दौरान एलआईसी ने 31.02 लाख नई व्यक्तिगत पॉलिसियां बेचीं, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में बेची गई 30.4 लाख पॉलिसियों से अधिक है।
भारतीय बीमा बाजार में कायम रही एलआईसी की बादशाहत
पहली तिमाही के आंकड़ों ने देश के जीवन बीमा क्षेत्र में एलआईसी के मजबूत दबदबे को एक बार फिर साबित किया है। कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, समीक्षाधीन तिमाही में भारत के प्रथम वर्ष के प्रीमियम आय में एलआईसी का हिस्सा 60.10 प्रतिशत रहा।
बाजार हिस्सेदारी के मामले में, व्यक्तिगत बीमा खंड में कंपनी की हिस्सेदारी 38.89 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं, समूह बीमा श्रेणी में एलआईसी की हिस्सेदारी 70.90 प्रतिशत रही। ये आंकड़े कंपनी के विशाल वितरण नेटवर्क और भारतीय बाजार में मजबूत संस्थागत पकड़ को दर्शाते हैं।
नए बिजनेस प्रॉफिट मार्जिन (VNB) में 61% का उछाल
एलआईसी के प्रदर्शन का सबसे सकारात्मक पहलू नए बिजनेस से होने वाली कमाई की लाभप्रदता में आया जबरदस्त उछाल रहा। वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (VNB), जो बेची गई नई पॉलिसियों से भविष्य में मिलने वाले संभावित मुनाफे का आकलन करता है, 61 प्रतिशत बढ़कर 3,136 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
कंपनी का VNB मार्जिन भी बढ़कर 22.90 प्रतिशत हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में केवल 15.40 प्रतिशत था। मार्जिन में इस सुधार की मुख्य वजह नॉन-पार्टिसिपेटिंग (नॉन-पार) इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की बिक्री में वृद्धि रही। व्यक्तिगत व्यवसाय में नॉन-पार उत्पादों की हिस्सेदारी पिछले साल के 30.34 प्रतिशत से बढ़कर 32.49 प्रतिशत हो गई। चूंकि इन उत्पादों में निवेशकों को निवेश लाभ साझा नहीं करना पड़ता, इसलिए इनमें कंपनी को अधिक मुनाफा मिलता है।
एनएसई पर शेयर की चाल और ट्रेडिंग आंकड़े
नतीजों की घोषणा के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर एलआईसी का शेयर सुबह करीब 11:50 बजे 1.41 प्रतिशत या 5.45 रुपये की तेजी के साथ 393.00 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
कारोबारी सत्र के दौरान शेयर 393.45 रुपये पर खुला और दिन के उच्चतम स्तर 396.85 रुपये तक पहुंचा। हालांकि, सत्र के दौरान शेयर ने 391.10 रुपये का निचला स्तर भी छुआ, लेकिन बाद में इसमें रिकवरी देखने को मिली।
मोतीलाल ओसवाल की राय और नया टारगेट प्राइस
दमदार तिमाही नतीजों के बाद प्रमुख ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने एलआईसी के शेयर पर अपना सकारात्मक नजरिया बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने शेयर पर 'BUY' रेटिंग बनाए रखते हुए 480 रुपये का संशोधित टारगेट प्राइस तय किया है, जो FY28E एंबेडेड वैल्यू (EV) के 0.6 गुना पर आधारित है।
ब्रोकरेज का मानना है कि नॉन-पार उत्पादों की बढ़ती हिस्सेदारी और नए बिजनेस में बेहतर प्रॉफिट मार्जिन से कंपनी की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं को बल मिलेगा। ब्रोकरेज ने उम्मीद जताई है कि कंपनी का ऑपरेटिंग RoEV 11.5 से 12 प्रतिशत के दायरे में बना रहेगा।



















