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डीजीसीए ला सकता है नया नियम, हर पायलट का साल में एक बार हो सकता है रैंडम ड्रग टेस्टव्यापार
25 अग॰ 2026, 2:41 pm (1 घंटे पहले)· 2

डीजीसीए ला सकता है नया नियम, हर पायलट का साल में एक बार हो सकता है रैंडम ड्रग टेस्ट

एयर इंडिया की एक हालिया घटना के बाद विमानन नियामक डीजीसीए पायलटों की सुरक्षा जांच को और कड़ा करने पर विचार कर रहा है। इसके तहत प्रत्येक पायलट का वर्ष में कम से कम एक बार बिना पूर्व सूचना के ड्रग परीक्षण अनिवार्य किया जा सकता है।

देश के आसमान में उड़ान भरने वाले विमान चालकों की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक पुख्ता बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने पर विचार चल रहा है। विमानन नियामक डीजीसीए अब पायलटों के लिए ड्रग परीक्षण के मौजूदा नियमों में संशोधन करने की योजना बना रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस बात की जानकारी दी है कि एक नए प्रस्ताव पर गंभीरता से मंथन किया जा रहा है, जिसके तहत देश के प्रत्येक पायलट का साल में कम से कम एक बार रैंडम ड्रग टेस्ट कराया जाना अनिवार्य किया जा सकता है।

वर्तमान समय में लागू व्यवस्था के अनुसार, कुल पायलट नेटवर्क के लगभग 10 प्रतिशत हिस्से का ही ड्रग परीक्षण किया जाता है। लेकिन हालिया परिस्थितियों को देखते हुए डीजीसीए इस प्रक्रिया में बदलाव लाने के विकल्पों पर विचार कर रहा है। नए विचार के मुताबिक, किसी भी चालक को बिना पहले से किसी प्रकार की सूचना दिए अचानक से ड्रग टेस्ट के लिए चुना जा सकेगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य विमान संचालन के दौरान किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों के सेवन से उत्पन्न होने वाले जोखिमों को पूरी तरह समाप्त करना और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है।

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विमानन हितधारकों से चल रही है उच्चस्तरीय चर्चा

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने स्पष्ट किया कि डीजीसीए इस समय मौजूदा नीति की गहराई से समीक्षा कर रहा है और इस विषय पर उद्योग से जुड़े विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ लगातार विचार-विमर्श जारी है। सरकार यह परखने का प्रयास कर रही है कि इस प्रकार की परीक्षण व्यवस्था को धरातल पर अधिक प्रभावी और व्यावहारिक रूप में कैसे लागू किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती परिचालन संबंधी प्रभाव की भी है। यदि सभी पायलटों के लिए सालाना आधार पर रैंडम परीक्षण अनिवार्य कर दिया जाता है, तो इससे एयरलाइंस कंपनियों के दैनिक संचालन और ड्यूटी पर पायलटों की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। यही कारण है कि अधिकारियों द्वारा विमान सुरक्षा और व्यावहारिक आवश्यकताओं के बीच एक संतुलित रास्ता निकालने पर विचार किया जा रहा है।

एयर इंडिया की घटना के बाद प्रशासन हुआ सतर्क

डीजीसीए की तरफ से यह सुगबुगाहट ऐसे समय में सामने आई है जब एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट से जुड़ी एक गंभीर घटना की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो यानी AAIB द्वारा की जा रही है। मंत्री ने मीडिया को बताया कि इस मामले की जांच अभी भी जारी है और विमान का मुख्य डेटा रिकॉर्डर पूरी तरह सुरक्षित अवस्था में है। इसके अलावा, संबंधित विमान भी अपनी उचित जगह पर मौजूद है। अधिकारियों का मानना है कि डेटा रिकॉर्डर और विमान के सुरक्षित होने के कारण इस हाई-प्रोफाइल जांच की शुरुआती रिपोर्ट बहुत जल्द सामने आने की पूरी उम्मीद है, हालांकि उन्होंने इस संबंध में किसी निश्चित तारीख का खुलासा नहीं किया है।

यात्रियों की सुरक्षा और कड़े मानक सरकार की प्राथमिकता

सरकार का दृढ़ता से यह मानना है कि विमानन क्षेत्र में यात्रियों की जान की सुरक्षा से बढ़कर कुछ भी नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए ड्रग टेस्टिंग के दायरे को बढ़ाने के लिए कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक पायलट का वर्ष में एक बार रैंडम परीक्षण वाला विकल्प सबसे प्रमुख है। फिलहाल यह पूरा मामला केवल विचार और परामर्श के शुरुआती चरण में है, इसलिए इसे अंतिम फैसला नहीं कहा जा सकता है। डीजीसीए की तरफ से सभी संबंधित पक्षों के साथ चर्चा पूरी होने के बाद ही यह स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी कि भविष्य के लिए क्या नए नियम लागू किए जाते हैं।

इस बीच, एयर इंडिया ने सुरक्षा संबंधी सख्त कदम उठाते हुए उड़ानों के संचालन को लेकर अपनी प्रक्रियाएं भी और कड़ी कर दी हैं, ताकि किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों में कोई ढिलाई न बरती जाए।

सवाल-जवाब

डीजीसीए पायलटों के लिए क्या नया नियम लाने पर विचार कर रहा है?
डीजीसीए हर पायलट का साल में कम से कम एक बार बिना पूर्व सूचना के रैंडम ड्रग टेस्ट कराने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
वर्तमान नियमों के तहत कितने प्रतिशत पायलटों का ड्रग टेस्ट होता है?
मौजूदा नियमों के मुताबिक कुल पायलट नेटवर्क में से लगभग 10 प्रतिशत पायलटों का ड्रग परीक्षण किया जाता है।
यह प्रस्ताव लाने के पीछे मुख्य घटना कौन सी है?
एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट से जुड़ी एक घटना के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर यह सख्ती बढ़ाई जा रही है।
वर्तमान में इस मामले की जांच कौन सी एजेंसी कर रही है?
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो यानी AAIB इस घटना की आधिकारिक जांच कर रहा है।
क्या नए नियम अभी लागू हो चुके हैं?
नहीं, यह प्रस्ताव अभी विचार और परामर्श के स्तर पर है और स्टेकहोल्डर्स के साथ चर्चा पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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