यदि आप रोजाना के एक जैसे बोरिंग भोजन से ऊब चुके हैं और खाने में कुछ नया एवं दमदार स्वाद तलाश रहे हैं, तो यह आसान रेसिपी आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। पहाड़ों की वादियों में खास तौर पर पसंद किया जाने वाला पहाड़ी हरा नमक एक ऐसा जादुई मसाला है जो साधारण से साधारण खाने को भी शानदार बना देता है। उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में इसे पारंपरिक तरीके से सिलबट्टे पर तैयार किया जाता है और इसकी सोंधी खुशबू के आगे बाजार के महंगे अचार और चटनी भी फीके पड़ जाते हैं।
पहाड़ों का यह विशेष पिसा हुआ नमक अपनी अनोखी महक और तीखे-चटपटे जायके के लिए जाना जाता है। इसे केवल नमक के डिब्बे तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि इसमें ताजे हरे धनिए, पुदीने, लहसुन, हरी मिर्च, भुने हुए जीरे और हींग का इस्तेमाल होता है। पारंपरिक रूप से सिलबट्टे पर घिसे जाने के कारण इन जड़ी-बूटियों के प्राकृतिक तेल और पोषक तत्व नमक में पूरी तरह से रच-बस जाते हैं, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।
यह सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं सुधारता, बल्कि सेहत के लिए भी काफी गुणकारी माना जाता है। फ्रूट चाट, सलाद, दही, रायता, भुने हुए आलू या सादी रोटी-परांठे पर केवल एक चुटकी छिड़कने मात्र से भोजन का मजा कई गुना हो जाता है। इसके अलावा इसमें डलने वाली हींग, जीरा और लहसुन पाचन क्रिया को दुरुस्त रखते हैं और गैस तथा अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाते हैं। आइए जानते हैं इसे घर पर मिनटों में तैयार करने की पूरी स्टेप-बाय-स्टेप विधि।
पहाड़ी हरा नमक बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस पारंपरिक नमक को तैयार करने के लिए आपको नीचे दी गई सामग्री की आवश्यकता होगी
- ताजा हरा धनिया: 1 कप (अच्छी तरह धोकर सुखाया हुआ)
- हरी मिर्च: 3 से 4 (अपने स्वाद के अनुसार)
- लहसुन की कलियां: 6 से 8 (या हरा लहसुन उपलब्ध हो तो वह लें)
- साबुत जीरा: 1 बड़ा चम्मच (जिसे हल्का भून लिया गया हो)
- सेंधा नमक या साधारण नमक: 3 से 4 बड़े चम्मच
- हींग: एक चुटकी (बेहतर पाचन और खुशबू के लिए)
स्टेप-बाय-स्टेप बनाने की आसान विधि
सबसे पहले धनिया, हरी मिर्च और लहसुन को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद किसी साफ सूती कपड़े पर फैलाकर इनका सारा पानी अच्छी तरह पोंछ लें ताकि इनमें बिल्कुल भी नमी न रहे, वरना नमक खराब हो सकता है। यदि आपके पास सिलबट्टा उपलब्ध है तो पारंपरिक स्वाद के लिए इसका इस्तेमाल करें, अन्यथा मिक्सी के जार में बिना पानी की एक भी बूंद डाले पल्स मोड पर इन सभी चीजों को दरदरा पीस लें।
अब इस पिसे हुए हरे मिश्रण में भुना हुआ जीरा, हींग, काला नमक और साधारण नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें। सभी मसालों को मिलाने के बाद इस मिश्रण को किसी थाली या प्लेट में फैला दें और 10 से 15 मिनट के लिए हल्की धूप या हवा में रख दें ताकि इसकी अतिरिक्त नमी पूरी तरह सूख जाए। इस रेसिपी को और बेहतर ढंग से समझने के लिए Aishwarya sonvane के इंस्टाग्राम पोस्ट पर इसकी झलक देखी जा सकती है।
भंडारण और इस्तेमाल करने के सही तरीके
तैयार होने के बाद इस पहाड़ी हरे नमक को किसी कांच के एयरटाइट कंटेनर यानी हवा बंद डिब्बे में भरकर रख लें। यदि इसे नमी से बचाकर रखा जाए तो यह महीनों तक बिल्कुल खराब नहीं होता और इसका स्वाद व खुशबू बरकरार रहती है। आप इसे फ्रूट चाट, सलाद, रायते, भुने हुए आलू, उबले अंडे या सादे पराठों पर छिड़ककर इसका आनंद ले सकते हैं। अगर आपके पास सब्जी नहीं भी है, तो केवल घी और यह हरा नमक लगाकर पराठा खाने से खाने का स्वाद दोगुना हो जाता है।






















