अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड (GBP) अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले दबाव में कारोबार कर रहा है। हालिया तकनीकी रुझानों के अनुसार, GBP/USD की जोड़ी में अल्पकालिक गिरावट का रुख बना हुआ है, लेकिन बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट 1.3465 के प्रमुख सपोर्ट स्तर के पास सीमित रह सकती है। डॉलर में जारी अस्थिरता और वैश्विक व्यापक आर्थिक आंकड़ों के प्रभाव से प्रमुख वैश्विक मुद्राओं, कीमती धातुओं और ऊर्जा वायदा बाजार में व्यापक हलचल देखी जा रही है।
GBP/USD का तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख सपोर्ट स्तर
विदेशी मुद्रा बाजार में बीते सत्र के दौरान ब्रिटिश पाउंड 1.3515 के स्तर से गिरकर 1.3475 के निचले स्तर तक पहुंच गया। इसके बाद मामूली सुधार के साथ पाउंड 0.23 प्रतिशत की गिरावट दर्ज करते हुए 1.3485 पर बंद हुआ। हालांकि गिरावट की रफ्तार में थोड़ी कमी आई है, लेकिन 24 घंटे के परिदृश्य में पाउंड का रुझान नीचे की ओर बना हुआ है। तकनीकी चार्ट दर्शाते हैं कि यदि बिकवाली का दबाव बना रहता है, तो GBP/USD 1.3465 के निचले स्तर का परीक्षण कर सकता है। वहीं ऊपर की ओर यदि पाउंड 1.3510 का स्तर पार करने में सफल होता है, तो यह स्पष्ट होगा कि नकारात्मक दबाव कम हो गया है और मुद्रा एक सीमित दायरे (रेंज-बाउंड) में कारोबार करेगी।
लंबी अवधि यानी 1 से 3 सप्ताह के दृष्टिकोण से, 31 अगस्त को जब GBP 1.3540 पर कारोबार कर रहा था, तब 1.3480 का पहला तकनीकी लक्ष्य तय किया गया था। बीते सत्र में पाउंड ने 1.3475 का निचला स्तर छूकर इस लक्ष्य को पूरा कर लिया। यद्यपि पाउंड में मध्यम अवधि का जोखिम नीचे की ओर बना हुआ है, लेकिन गिरावट की गति में कोई अचानक तेजी नहीं आई है। अगला प्रमुख तकनीकी लक्ष्य 1.3415 पर स्थित है। वहीं तेजी के पक्ष में, 1.3545 का रेजिस्टेंस स्तर बेहद महत्वपूर्ण है (जो पहले 1.3570 पर था)। यदि पाउंड 1.3545 को पार कर लेता है, तो हालिया बिकवाली का दबाव पूरी तरह से समाप्त माना जाएगा।
लाइव तकनीकी संकेतकों की बात करें तो GBP/USD का 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 47 के स्तर पर है, जो तटस्थ से मामूली सुस्त गति प्रदर्शित करता है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) हल्का बेयरिश क्रॉसओवर दिखा रहा है। हालांकि, 50-दिवसीय और 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) क्रमशः 1.35 और 1.34 पर स्थित हैं, जो एक दीर्घकालिक 'गोल्डन क्रॉस' ट्रेंड को बनाए हुए हैं। बोलिंगर बैंड्स 1.34 और 1.37 के बीच फैले हैं, जबकि एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) 25 पर एक मजबूत रुझान की उपस्थिति दर्शा रहा है।
कमजोर अमेरिकी ADP रिपोर्ट के बाद USD/JPY में बड़ी गिरावट
अमेरिकी डॉलर सूचकांक में व्यापक सुस्ती के चलते जापानी येन के मुकाबले डॉलर का भाव तेजी से टूटा है। यूरोपीय कारोबारी सत्र में USD/JPY की जोड़ी 157.00 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे खिसक गई। इस तेज गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका की कमजोर ADP रोजगार रिपोर्ट रही, जिसने बाजार की उम्मीदों को झटका दिया और ग्रीनबैक में चौतरफा बिकवाली ला दी।
इसके अतिरिक्त, बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं और जापानी मौद्रिक अधिकारियों द्वारा बाजार हस्तक्षेप (इंटरवेंशन) के जोखिम ने येन को मजबूत सहारा दिया है। इन संयुक्त कारकों के कारण USD/JPY जोड़ी पर लगातार नकारात्मक दबाव बना हुआ है।
0.7150 के पास अटका AUD/USD, अमेरिका-ईरान तनाव का असर
एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले संघर्ष करता नजर आया। AUD/USD जोड़ी दो सप्ताह के निचले स्तर से उबरने के बाद 0.7150 के स्तर से ऊपर एक सीमित दायरे में बनी रही। ऑस्ट्रेलिया के कमजोर व्यापारिक आंकड़ों ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया, जिससे चीन के सकारात्मक रेटिंगडॉग (RatingDog) सर्विसेज PMI आंकड़ों का लाभ सीमित हो गया।
दूसरी ओर, अमेरिकी ADP डेटा की कमजोरी के बावजूद डॉलर की गिरावट थम गई। इसका मुख्य कारण मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव और सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि की मजबूत होती संभावनाएं हैं। इन कारकों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त पर ब्रेक लगा दिया है।
बॉन्ड यील्ड और ऊर्जा कीमतों के बीच $4,450 के नीचे स्थिर हुआ सोना
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें यूरोपीय सत्र की शुरुआत तक मजबूती बनाए रखने में सफल रहीं। हालांकि, कीमती धातु $4,450 प्रति औंस के स्तर से नीचे ही कारोबार कर रही है। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कमजोर ADP आंकड़े डॉलर को कमजोर कर रहे हैं, जिससे सोने को चार सप्ताह के निचले स्तर से उबरने में मदद मिली है।
इसके बावजूद, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से उत्पन्न मुद्रास्फीति जोखिम अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को पुनः समर्थन दे सकते हैं। यह स्थिति सोने में किसी भी बड़ी बढ़त के रास्ते में रुकावट डाल रही है।
क्रिप्टो बाजार में भिन्न रुख: XRP को सपोर्ट, XLM में गिरावट
डिजिटल एसेट बाजार में प्रमुख क्रिप्टोकरेंसीज के बीच तकनीकी भिन्नता देखी जा रही है। रिपल (XRP) अपने प्रमुख सपोर्ट जोन को बनाए रखने में सफल रहा है और विश्लेषक यहां से संभावित रिकवरी की संभावना तलाश रहे हैं। इसके विपरीत, स्टेलर (XLM) अपने एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के समूह से नीचे फिसल गया है, जो इसमें और कमजोरी के संकेत देता है।
डीजल क्रैक स्प्रेड $102 प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा
कच्चे तेल का हाजिर बाजार भले ही शांत दिखाई दे रहा हो, लेकिन रिफाइंड पेट्रो उत्पादों में भारी उतार-चढ़ाव है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड (WTI कच्चे तेल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम) इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया। कारोबार के दौरान यह $102.00 प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू गया, जो वैश्विक ऊर्जा बाजार में रिफाइनिंग दबाव को उजागर करता है।



















