करनाल में सफाई कर्मचारियों का अनोखा विरोध, सामूहिक रूप से मुंडवाए सिरजापानी येन में जोरदार तेजी, विश्लेषकों का मानना है कि इस बार कारण बुनियादी हैंभारतीय रुपया मजबूत होकर 94.27 प्रति डॉलर पर पहुंचा, रिजर्व बैंक के दखल से मिली मजबूतीमथुरा में सजा जन्माष्टमी का भव्य दरबार, पांच राज्यों के कलाकारों ने बिखेरी अनोखी संस्कृतिउत्तर प्रदेश के मेरठ में चल रहा था नकली सिगरेट का बड़ा कारोबार, डेढ़ करोड़ रुपये का माल हुआ जब्तजर्मनी और जापान में कौन सा देश है बेहतर? जानिए पढ़ाई, खर्च और वीजा के नियमनीम गिलोय के पारंपरिक औषधीय फायदे, पाचन और इम्युनिटी के लिए ऐसे करें उपयोगशी जिनपिंग की सेहत को लेकर सनसनीखेज दावा, तिब्बत के पूर्व प्रधानमंत्री ने बताए हार्ट स्ट्रोक के राजशामली हत्याकांड: अंकित बालियान के फरार साथियों पर इनाम बढ़ाकर 1 लाख रुपये हुआ, पुलिस की दबिश जारीपंजाब में सिख युवक पर अत्याचार के मामले में सुखबीर सिंह बादल का हमला, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से दखल की मांग
भारतीय रुपया मजबूत होकर 94.27 प्रति डॉलर पर पहुंचा, रिजर्व बैंक के दखल से मिली मजबूतीबाज़ार
4 सित॰ 2026, 3:09 pm (18 मिनट पहले)· 3

भारतीय रुपया मजबूत होकर 94.27 प्रति डॉलर पर पहुंचा, रिजर्व बैंक के दखल से मिली मजबूती

भारतीय रुपया मजबूत होकर जून के अंत के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जिसे रिजर्व बैंक के सक्रिय हस्तक्षेप और मजबूत विदेशी मुद्रा योजनाओं से बल मिला है।

भारतीय रुपया मजबूत होकर 94.27 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है, जो जून के अंत के बाद से इसका सबसे मजबूत प्रदर्शन है। इस तेजी के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक का सक्रिय हस्तक्षेप एक बड़ा कारण रहा है। केंद्रीय बैंक द्वारा उठाए गए कदमों और मुद्रा बाजारों में उसकी सक्रियता ने मुद्रा को काफी संभाल कर रखा है, जिससे निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है।

विदेशी मुद्रा जुटाने की योजनाएं और आंकड़े

भारतीय रिजर्व बैंक ने खुलासा किया है कि उसने जून की शुरुआत से लेकर अब तक अपनी विदेशी मुद्रा जुटाने की विभिन्न योजनाओं, जिनमें एफसीएनआर जैसी योजनाएं भी शामिल हैं, के माध्यम से अनुमान से अधिक 136.38 अरब डॉलर की राशि जुटाई है। इस भारी-भरकम पूंजी प्रवाह ने बाजार में स्थिरता बनाए रखने और रुपये की गिरावट को रोकने में अहम भूमिका निभाई है। केंद्रीय बैंक के इन प्रयासों से विदेशी मुद्रा भंडार को भी मजबूती मिली है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

ये भी पढ़ें

एशियाई मुद्रा बाजारों में रुख और ट्रेडर्स की स्थिति

रॉयटर्स द्वारा जारी किए गए नवीनतम द्विसाप्ताहिक एशिया एफएक्स पोल के अनुसार, ट्रेडर्स ने भारतीय रुपये पर अभी भी थोड़ा मंदी का रुख यानी बेयरिश व्यू बनाए रखा है। इसके विपरीत, दक्षिण कोरियाई वॉन के प्रति तेजी के सौदे यानी बुलिश बेट्स वर्ष 2013 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। यह इस बात को दर्शाता है कि अलग-अलग एशियाई मुद्राओं को लेकर बाजार के निवेशकों की प्राथमिकताएं और रणनीतियां भिन्न बनी हुई हैं।

अन्य वैश्विक मुद्राओं और जिंस बाजारों का हाल

एशियाई सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर और येन के मुकाबले बाजार में विभिन्न गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। बैंक ऑफ जापान द्वारा दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों और संभावित हस्तक्षेप के कारण जापानी येन को समर्थन मिल रहा है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी के बीच अमेरिकी डॉलर को पिछले सत्र के दौरान भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है, जिसका असर मुद्रा जोड़ियों पर साफ दिखाई दे रहा है। व्यापारी अब अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल यानी एनएफपी रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के अगले कदम को तय करने में मदद करेगी।

सोने और तेल बाजारों की चाल पर एक नजर

सोने की कीमतें एशियाई सत्र के दौरान 4,500 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे रक्षात्मक रुख अपनाए हुए हैं, जिससे इसका दो दिन का तेजी का सिलसिला थम गया है। हालांकि, डॉलर में मामूली तेजी के बावजूद यह जिंस पिछले दिन छुए गए साप्ताहिक उच्च स्तर के करीब ही बनी हुई है। बाजार की नजरें अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों पर टिकी हैं। दूसरी ओर, तेल बाजार में भले ही कुछ स्थिरता दिखाई दे रही हो, लेकिन डीजल का बाजार एक अलग तस्वीर पेश कर रहा है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी डब्ल्यूटीआई क्रूड के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम, पहली बार 100 डॉलर प्रति डॉलर के पार निकल गया है और इसने intraday रिकॉर्ड बनाते हुए 102.00 डॉलर के आंकड़े को छू लिया है।

सवाल-जवाब

भारतीय रुपया किस स्तर पर मजबूत हुआ है?
भारतीय रुपया मजबूत होकर 94.27 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है, जो जून के अंत के बाद से इसका सबसे मजबूत स्तर है।
रिजर्व बैंक ने विदेशी मुद्रा योजनाओं के जरिए कितनी राशि जुटाई है?
भारतीय रिजर्व बैंक ने जून की शुरुआत से अब तक एफसीएनआर जैसी योजनाओं के माध्यम से 136.38 अरब डॉलर जुटाए हैं।
एशियाई एफएक्स पोल में ट्रेडर्स का रुपये को लेकर क्या रुख है?
नवीनतम द्विसाप्ताहिक रॉयटर्स एशिया एफएक्स पोल के अनुसार ट्रेडर्स ने रुपये पर थोड़ा मंदी का रुख बनाए रखा है।
अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड में क्या रिकॉर्ड दर्ज किया गया है?
अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है और यह 102.00 डॉलर के इंट्राडे रिकॉर्ड पर पहुंच गया है।
सोने की कीमतें किस स्तर के नीचे कारोबार कर रही हैं?
सोने की कीमतें एशियाई सत्र के दौरान 4,500 डॉलर प्रति औंस के आंकड़े के नीचे रक्षात्मक रुख अपनाए हुए हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR