वैश्विक वित्तीय बाजारों में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स वर्तमान में 99 के आसपास बना हुआ है, जबकि विश्लेषक आगामी रोजगार डेटा और केंद्रीय बैंक के रुख पर बारीक नजर रखे हुए हैं। इस बीच, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स को लेकर विभिन्न वित्तीय संस्थानों की ओर से महत्वपूर्ण आकलन सामने आए हैं, जो मुद्रा बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
महंगाई के मोर्चे पर मिश्रित संकेत और ब्याज दरों पर मंथन
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की टिप्पणियों से यह स्पष्ट होता है कि मुद्रास्फीति के ड्राइवरों को लेकर अभी भी पूरी तरह से एक राय नहीं बन पाई है। ऐसा माना जा रहा है कि टैरिफ का एक बड़ा प्रभाव पहले ही गुजर चुका है, जबकि ऊर्जा की ऊंची कीमतों का व्यापक कीमतों पर असर अभी पूरी तरह दिखना बाकी है। इसके बावजूद, ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को पूरी तरह से खारिज नहीं किया गया है क्योंकि नीतिगत रुख अभी भी हल्का प्रतिबंधात्मक बना हुआ है।
यदि मुद्रास्फीति में फिर से तेजी आती है, तो मौद्रिक सख्ती को दोबारा बढ़ाया जा सकता है। इन तमाम बयानों से यह संकेत मिलता है कि सितंबर महीने में होने वाली बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी को लेकर कोई आम सहमति नहीं बनी है। इसके चलते, सितंबर में दरें बढ़ने की संभावनाओं का अनुमान पहले के मुकाबले घटकर लगभग 50 प्रतिशत पर आ गया है, जबकि एक सितंबर को यह अनुमान 68 प्रतिशत के करीब था।
नॉनफार्म पेरोल डेटा और अमेरिकी श्रम बाजार का प्रभाव
बाजार का तात्कालिक ध्यान आने वाले रोजगार आंकड़ों पर केंद्रित है, हालांकि अगले सप्ताह आने वाले उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और उत्पादक मूल्य सूचकांक के आंकड़े सितंबर के निर्णय के लिए अधिक निर्णायक साबित हो सकते हैं। श्रम दिवस की छुट्टियों के कारण अमेरिकी बाजार सोमवार को बंद रहेंगे। अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा अगस्त महीने के लिए नॉनफार्म पेरोल डेटा जारी किया जाना है, जिससे यह समझने में मदद मिलेगी कि श्रम बाजार की स्थिति कैसी है।
जुलाई के महीने में अप्रत्याशित रूप से -23K की गिरावट दर्ज किए जाने के बाद, निवेशकों को उम्मीद है कि अगस्त में नॉनफार्म पेरोल में 56K की वृद्धि हो सकती है। इस डेटा का अमेरिकी डॉलर और अन्य प्रमुख मुद्राओं पर गहरा प्रभाव पड़ने की पूरी संभावना है।
तकनीकी विश्लेषण और डॉलर इंडेक्स का दायरा
तकनीकी मोर्चे पर, दैनिक चार्ट पर हल्का तेजी का momentum अभी भी बरकरार है, हालांकि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स नीचे की ओर आ गया है। इस समय डॉलर इंडेक्स 99 के स्तर के आसपास देखा जा रहा है और यह मंदी के प्रवृत्ति चैनल के भीतर दोतरफा कारोबार कर सकता है। सूचकांक के लिए तात्कालिक समर्थन स्तर 98.60 और 98.70 के बीच है, जो 2026 के न्यूनतम से अधिकतम स्तर का 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट है, जबकि 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि स्तर के आधार पर 98 पर अगला समर्थन मौजूद है।
दूसरी ओर, 99.40 के स्तर पर यानी 21-दिवसीय मूविंग एवरेज और 38.2 प्रतिशत फाइबोनैचि पर प्रतिरोध देखा जा सकता है, तथा 100-दिवसीय मूविंग एवरेज के आसपास 99.75 पर एक और मजबूत प्रतिरोध खड़ा है।
अन्य प्रमुख मुद्राओं और जिंस बाजारों का हाल
विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य जोड़ियों की बात करें तो, जापानी येन में मजबूती और बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की अटकलों के बीच, यूएसडी/जेडपीवाई जोड़ी एशियाई सत्र के दौरान अपने अगस्त के मासिक निचले स्तर का पुनः परीक्षण कर रही है। इस बीच, अमेरिकी बांड यील्ड में नरमी के कारण अमेरिकी डॉलर पिछले दिन के भारी नुकसान को समेटता हुआ नजर आ रहा है, जिससे इस मुद्रा जोड़ी पर और दबाव बन रहा है।
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7200 के ऊपर स्थिर बना हुआ है और मई के मध्य के बाद से अपने उच्चतम स्तर के करीब है, क्योंकि बैल फेड की नीतियों पर अधिक संकेत पाने के लिए नॉनफार्म पेरोल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी बांड यील्ड में गिरावट के कारण अमेरिकी डॉलर एक सप्ताह से अधिक के अपने निचले स्तर के पास कमजोर बना हुआ है, जो रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक रुख के बीच ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा के लिए एक सहारा साबित हो रहा है।
सोने के बाजार की बात करें तो पीली धातु एशियाई सत्र के दौरान 4,500 डॉलर के निशान से नीचे रक्षात्मक रुख अपनाए हुए है और अमेरिकी डॉलर में मामूली तेजी के चलते इसके दो दिन के विजय रथ पर विराम लग गया है। हालांकि, व्यापारी रोजगार आंकड़ों के आने का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद फेड की नीतिगत दिशा के बारे में अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
डiesel बाजार और ऊर्जा क्षेत्र की स्थिति
तेल बाजार भले ही कुछ महीने पहले की तुलना में शांत नजर आ रहा हो, लेकिन डीजल के मोर्चे से बिल्कुल अलग संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल वायदा का प्रीमियम, पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है और यह अपने अब तक के रिकॉर्ड स्तर लगभग 102.00 डॉलर पर पहुंच गया है।


















