एकता कपूर जैसी मास्टरमाइंड शख्सियत नहीं देखी, तेजस्वी प्रकाश ने खोले मनोरंजन जगत की रानी के राजशहनाज गिल का वो भावुक गाना, जिसे सुन आज भी नम हो जाती हैं सिडनाज फैंस की आंखेंमकर राशिफल 10 अगस्त: जल्दबाजी में किसी अनजान ऑफर में पैसा न लगाएंमेष राशिफल 10 अगस्त 2026: राहु के नक्षत्र में चंद्रमा और लक्ष्मी योग का प्रभाव, जानिए किन राशियों के चमकेंगे सितारेमहेंद्र सिंह धोनी से लेकर रोहित शर्मा तक: जानिए किन पांच कप्तानों ने भारत के लिए खेले सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैचएक ही नाम के दो गानों की कहानी, सनी देओल और शाहरुख खान की फिल्मों में क्या था अंतरकर्क राशिफल 10 अगस्त: चंद्रमा का प्रभाव, जानिए कैसा रहेगा आपका दिनयशराज बैनर को नया जीवन देने वाली 'चांदनी' और अनिल कपूर के हाथ से निकली सुपरहिट फिल्म का सचकुंभ राशिफल 10 अगस्त: राहु के प्रभाव से एक साथ कई काम करने की इच्छा से बचेंवृश्चिक राशिफल 10 अगस्त: सूर्य, बुध और गुरु दिखाएंगे सही राह, जानिए कैसा रहेगा आपका दिन
ब्याज दरों का सहारा भी नहीं बचा सका पाउंड को, Britain में सियासी भूचाल से लुढ़की करेंसीबाज़ार
26 जून 2026, 3:59 am (45 दिन पहले)· 4

ब्याज दरों का सहारा भी नहीं बचा सका पाउंड को, Britain में सियासी भूचाल से लुढ़की करेंसी

बैंक ऑफ इंग्लैंड के सख्त रुख के बावजूद प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के इस्तीफे और लेबर पार्टी की नेतृत्व की जंग ने पाउंड को कई महीने के निचले स्तर 1.3150 के पास धकेल दिया। चार्ट और हालात दोनों फिलहाल मंदी की ओर इशारा कर रहे हैं।

GBP/USDSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण25 जून 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

GBP/USD अभी 1.32 पर है, जबकि EMA20 1.33, EMA50 1.34 और EMA200 1.34 पर हैं।

आगे संभावित चाल

तेजी संभवतः EMA20 (1.33) के पास थम सकती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

GBP/USD का RSI 36 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

स्टोकैस्टिकStochastic Oscillator (14,3)

यह क्या है

Stochastic बंद भाव की तुलना उसके हालिया दायरे से करता है। 80 के ऊपर ओवरबॉट, 20 के नीचे ओवरसोल्ड; इन छोरों के पास तेज़ रेखा और सिग्नल रेखा का क्रॉसओवर पलटाव का शुरुआती संकेत है।

अभी यह कहाँ है

GBP/USD की फास्ट लाइन / सिग्नल लाइन 16/13 पर है।

आगे संभावित चाल

फास्ट लाइन का सिग्नल लाइन के ऊपर वापस क्रॉस होना शुरुआती खरीद संकेत है।

जून के दूसरे पखवाड़े में पाउंड ने यह साफ कर दिया कि जब सरकार ही डगमगा रही हो, तो केंद्रीय बैंक का सख्त रुख भी करेंसी को नहीं संभाल सकता। बैंक ऑफ इंग्लैंड ने 18 जून को ब्याज दर को 3.75% पर बरकरार रखा था। 7-2 के इस फैसले में दो सदस्य दर बढ़ाने के पक्ष में थे और सर्विसेज महंगाई अब भी 3.7% के करीब बनी हुई थी। आम तौर पर ऐसा माहौल पाउंड को मजबूती की एक ठोस वजह दे देता है, लेकिन इस बार उल्टा हुआ। GBP/USD, जिसे बाजार में केबल कहा जाता है, करीब तीन बड़े आंकड़े गिरकर 1.3450 के इलाके से फिसलते हुए कई महीने के निचले स्तर 1.3150 के पास पहुंच गया और फिर 1.3200 के आसपास थोड़ा संभला। इस गिरावट की असली वजह बैंक नहीं, बल्कि 22 जून को प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का इस्तीफा और उसके बाद लेबर पार्टी में खुलकर शुरू हुई नेतृत्व की होड़ रही।

चार्ट साफ तस्वीर दिखा रहा है

तकनीकी चार्ट में किसी तरह की दुविधा की गुंजाइश नहीं बची है। केबल अपने 50-दिन और 200-दिन वाले एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA), दोनों से काफी नीचे कारोबार कर रहा है। ये दोनों औसत 1.3400 के पास आकर मिल गए हैं और अब मौजूदा भाव से करीब दो बड़े आंकड़े ऊपर एक मोटी अवरोध (रेजिस्टेंस) की दीवार बनकर खड़े हैं। डेली स्टोकेस्टिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (Stoch RSI) 41 के पास है और ओवरसोल्ड जोन से ऊपर उठ तो रहा है, लेकिन यह ट्रेंड बदलने का कोई संकेत नहीं देता। गुरुवार को 1.3150 से आई उछाल किसी मजबूत आधार के बनने जैसी नहीं, बल्कि एक साफ-सुथरे गिरावट के दौर के भीतर महज एक सुधारात्मक ठहराव जैसी दिखती है। जब तक भाव 1.3300 के नीचे है, तब तक हर तेजी बिकवाली का मौका ही मानी जाएगी।

ये भी पढ़ें

आगे का हफ्ता और अहम आंकड़े

आने वाले हफ्ते में पाउंड के लिए ट्रिगर्स की कोई कमी नहीं है और ज्यादातर घरेलू ही हैं। ब्रिटेन की पहली तिमाही की अंतिम ग्रोथ के आंकड़े मंगलवार को आएंगे, जिनमें तिमाही आंकड़ा करीब 0.6% रहने का अनुमान है। इसके साथ ही बैंक ऑफ इंग्लैंड के कई अधिकारी पूरे हफ्ते बोलने वाले हैं, जिनमें गवर्नर बुधवार और शुक्रवार को शामिल हैं। नेतृत्व की जंग जारी रहने के बीच, अगर कोई वक्ता वित्तीय या राजनीतिक मुद्दों के करीब भी गया, तो उसकी हर बात को सामान्य से कहीं ज्यादा बारीकी से तौला जाएगा। अमेरिका की ओर से सबसे बड़ा आंकड़ा गुरुवार को आने वाला नॉनफार्म पेरोल (NFP) है, जिसे स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी के चलते थोड़ा आगे खिसका दिया गया है। इससे पहले बुधवार को इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (ISM) का मैन्युफैक्चरिंग सर्वे आएगा। केबल में किसी उछाल की सबसे यथार्थवादी राह अमेरिका के कमजोर आंकड़े ही हैं, वरना राजनीतिक दबाव और मौजूदा ट्रेंड दोनों एक ही दिशा की ओर इशारा कर रहे हैं।

रेजिस्टेंस और सपोर्ट के स्तर

तत्काल ऊपर पहला अवरोध 1.3200 के पास है, उसके बाद 1.3250 और फिर गोल आंकड़ा 1.3300 आता है। इससे भारी रुकावट 1.3400 के पास आपस में मिले 50-दिन और 200-दिन वाले EMA बैंड पर है, जिसे दोबारा हासिल किए बिना पाउंड गिरावट के इस दौर को चुनौती नहीं दे पाएगा।

नीचे की ओर असली लकीर कई महीने का निचला स्तर 1.3150 है। अगर डेली बंदी इसके नीचे होती है, तो 1.3100 और फिर मनोवैज्ञानिक रूप से अहम 1.3000 का दरवाजा खुल जाएगा।

कुल मिलाकर नजरिया

रुझान मंदी का है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के सख्त रुख पर घरेलू राजनीतिक खालीपन और मजबूत अमेरिकी डॉलर भारी पड़ गए हैं, और जब तक नेतृत्व की तस्वीर साफ नहीं होती, पाउंड के पास अपनी बढ़त बचाए रखने की कोई वजह नहीं है। जब तक भाव 1.3300 के नीचे है, 1.3300 की ओर आने वाली तेजी पर बिकवाली को तरजीह दी जाएगी। सिर्फ 1.3400 के ऊपर डेली बंदी ही इस मंदी के ढांचे को बेअसर कर सकती है।

पाउंड स्टर्लिंग के बारे में जरूरी बातें

पाउंड स्टर्लिंग (GBP) दुनिया की सबसे पुरानी करेंसी है, जिसका इतिहास 886 ईस्वी तक जाता है, और यह ब्रिटेन की आधिकारिक मुद्रा है। 2022 के आंकड़ों के मुताबिक यह विदेशी मुद्रा (FX) बाजार में चौथी सबसे ज्यादा कारोबार की जाने वाली इकाई है, जो सभी लेन-देन का 12% हिस्सा बनाती है और इसका रोजाना औसत कारोबार 630 अरब डॉलर का है। इसके प्रमुख ट्रेडिंग जोड़े हैं GBP/USD, जिसे केबल कहते हैं और जो कुल FX का 11% है; GBP/JPY, जिसे ट्रेडर ड्रैगन कहते हैं और जो 3% है; और EUR/GBP, जो 2% है। पाउंड स्टर्लिंग को बैंक ऑफ इंग्लैंड जारी करता है।

बैंक ऑफ इंग्लैंड और मौद्रिक नीति का असर

पाउंड स्टर्लिंग की कीमत पर सबसे बड़ा असर बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति का होता है। बैंक अपने फैसले इस आधार पर लेता है कि उसका मुख्य लक्ष्य यानी कीमतों में स्थिरता, करीब 2% की स्थिर महंगाई दर, हासिल हो रहा है या नहीं। इसके लिए उसका सबसे बड़ा हथियार ब्याज दरों में फेरबदल है। जब महंगाई बहुत ज्यादा होती है, तो बैंक ब्याज दरें बढ़ाकर उसे काबू में करने की कोशिश करता है, जिससे लोगों और कारोबारियों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है। यह आम तौर पर पाउंड के लिए अच्छा होता है, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें वैश्विक निवेशकों के लिए ब्रिटेन को पैसा रखने की ज्यादा आकर्षक जगह बना देती हैं। वहीं जब महंगाई बहुत नीचे चली जाती है, तो यह आर्थिक रफ्तार के सुस्त पड़ने का संकेत होता है। ऐसे में बैंक ब्याज दरें घटाने पर विचार करता है ताकि कर्ज सस्ता हो और कारोबारी विकास से जुड़ी परियोजनाओं में निवेश के लिए ज्यादा उधार लें।

आर्थिक आंकड़े और ट्रेड बैलेंस

आर्थिक आंकड़े अर्थव्यवस्था की सेहत बताते हैं और पाउंड स्टर्लिंग की कीमत पर असर डाल सकते हैं। GDP, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI तथा रोजगार जैसे संकेतक GBP की दिशा तय करने में भूमिका निभाते हैं। मजबूत अर्थव्यवस्था पाउंड के लिए अच्छी होती है, क्योंकि यह न सिर्फ ज्यादा विदेशी निवेश खींचती है, बल्कि बैंक को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए भी प्रेरित कर सकती है, जिससे GBP सीधे मजबूत होता है। इसके उलट, अगर आर्थिक आंकड़े कमजोर रहें तो पाउंड के गिरने की आशंका बढ़ जाती है। पाउंड के लिए एक और अहम आंकड़ा ट्रेड बैलेंस है। यह मापता है कि किसी देश ने एक तय अवधि में अपने निर्यात से कितना कमाया और आयात पर कितना खर्च किया। अगर किसी देश के निर्यात की मांग ज्यादा है, तो विदेशी खरीदारों की अतिरिक्त मांग के चलते उसकी करेंसी को सीधा फायदा होता है। यानी सकारात्मक यानी प्लस का ट्रेड बैलेंस करेंसी को मजबूत करता है, जबकि नकारात्मक संतुलन इसे कमजोर करता है।

सवाल-जवाब

पाउंड में गिरावट की असली वजह क्या है?
गिरावट की मुख्य वजह 22 जून को प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का इस्तीफा और लेबर पार्टी में शुरू हुई नेतृत्व की होड़ है, न कि केंद्रीय बैंक का फैसला।
बैंक ऑफ इंग्लैंड ने ब्याज दर पर क्या किया?
बैंक ऑफ इंग्लैंड ने 18 जून को 7-2 के मतदान में ब्याज दर को 3.75% पर बरकरार रखा, जिसमें दो सदस्य दर बढ़ाने के पक्ष में थे।
GBP/USD किस स्तर तक गिरा?
केबल 1.3450 के इलाके से करीब तीन बड़े आंकड़े गिरकर कई महीने के निचले स्तर 1.3150 के पास पहुंचा और फिर 1.3200 के आसपास संभला।
अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस कहां हैं?
नीचे की ओर अहम सपोर्ट 1.3150, फिर 1.3100 और 1.3000 है, जबकि ऊपर रेजिस्टेंस 1.3200, 1.3250, 1.3300 और 1.3400 के EMA बैंड पर है।
मौजूदा नजरिया तेजी का है या मंदी का?
नजरिया मंदी का है। 1.3400 के ऊपर डेली बंदी होने तक ही यह मंदी का ढांचा बेअसर हो सकता है।
इस हफ्ते कौन से आंकड़े पाउंड को हिला सकते हैं?
मंगलवार को ब्रिटेन की पहली तिमाही की अंतिम ग्रोथ (करीब 0.6% अनुमानित), हफ्तेभर बैंक के वक्ता, और अमेरिका का गुरुवार को NFP तथा बुधवार को ISM मैन्युफैक्चरिंग सर्वे अहम हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR