कनाडा में इस हफ्ते घरेलू मोर्चे पर आर्थिक आंकड़ों की सुई लगभग खाली है, लेकिन व्यापार राजनीति के मोर्चे पर हलचल पूरी है। कनाडा के नए जवाबी टैरिफ लागू हो रहे हैं और दूसरी ओर कनाडाई वाहनों पर अमेरिका के प्रस्तावित भारी टैरिफ की समयसीमा भी करीब आती जा रही है। टीडी सिक्योरिटीज के एक नोट में यही स्थिति कनाडाई डॉलर के लिए इस हफ्ते की सबसे बड़ी कहानी बताई गई है।
कनाडा के जवाबी टैरिफ लागू, अमेरिका को सीधा जवाब
इस हफ्ते का सबसे अहम घटनाक्रम कोई आर्थिक आंकड़ा नहीं बल्कि एक नीतिगत समयसीमा है। कनाडा के अमेरिका पर लगाए जवाबी टैरिफ मंगलवार से लागू हो रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच चल रहे व्यापार विवाद में एक और कदम है। टीडी सिक्योरिटीज का कहना है कि इससे करेंसी बाजार का ध्यान पूरी तरह उत्तर अमेरिकी व्यापार तनाव पर टिका रहेगा, क्योंकि घरेलू आर्थिक कैलेंडर में इस हफ्ते वैसे भी कुछ खास नहीं है।
इसके ऊपर एक और बड़ा खतरा अभी बाकी है। अमेरिका पहले ही ऐलान कर चुका है कि वह 1 जनवरी से कनाडाई वाहनों पर ऊंचे टैरिफ लगाकर जवाबी कार्रवाई करेगा। इससे बाजार के पास नजर रखने के लिए एक तय तारीख आ गई है। टीडी सिक्योरिटीज ने कहा कि वह इस हफ्ते किसी भी नई जवाबी धमकी पर करीबी नजर रखेगी, क्योंकि ऐसी कोई भी घोषणा इस विवाद को और भड़का सकती है या फिर तनाव कम करने की दिशा में इशारा दे सकती है।
लगभग खाली डेटा कैलेंडर, इसलिए व्यापार की खबरें हावी
टैरिफ की समयसीमा के अलावा कनाडा के आर्थिक कैलेंडर में कारोबारियों का ध्यान भटकाने के लिए और कुछ खास नहीं है। टीडी सिक्योरिटीज के मुताबिक आने वाले हफ्ते में लगभग कोई घरेलू आर्थिक आंकड़ा नहीं है, सिवाय हर मंगलवार जारी होने वाले साप्ताहिक ब्लूमबर्ग नैनोस कॉन्फिडेंस माप के। यह माप बताता है कि कनाडाई उपभोक्ता अपनी निजी वित्तीय स्थिति और देश की समग्र अर्थव्यवस्था को लेकर कितने आश्वस्त महसूस कर रहे हैं, और सामान्य हफ्तों में यह अकेले ही करेंसी को हिला सकता है। लेकिन इस बार इसी दिन जवाबी टैरिफ भी लागू हो रहे हैं, इसलिए विश्लेषकों को लगता है कि व्यापार से जुड़ी सुर्खियां इस आंकड़े पर भारी पड़ सकती हैं।
यह मेल कनाडाई डॉलर के लिए मायने रखता है, क्योंकि जब प्रतिक्रिया देने के लिए और कुछ न हो, तो ओटावा या वॉशिंगटन से आने वाली हर टैरिफ संबंधी खबर करेंसी कारोबार में असामान्य रूप से भारी असर डाल सकती है। पतला डेटा कैलेंडर आमतौर पर बाजार की राजनीतिक और नीतिगत खबरों के प्रति संवेदनशीलता को और बढ़ा देता है, क्योंकि उस वक्त कोई ताजा ग्रोथ, महंगाई या रोजगार के आंकड़े ध्यान बंटाने के लिए मौजूद नहीं होते।
अमेरिकी CPI और ECB बैठक तय करेंगी बड़ा रुख
कनाडा का अपना कैलेंडर भले ही हल्का हो, टीडी सिक्योरिटीज ने दो ऐसे वैश्विक घटनाक्रम गिनाए हैं जो कनाडाई डॉलर की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे, अमेरिका का CPI यानी उपभोक्ता महंगाई आंकड़ा और यूरोपियन सेंट्रल बैंक यानी ECB की नीतिगत बैठक। दोनों को इस हफ्ते वैश्विक बाजारों में जोखिम को लेकर रुख तय करने वाले सबसे अहम कारक बताया गया है।
अमेरिकी CPI आंकड़े पर इसलिए करीबी नजर रहती है क्योंकि यह सीधे तौर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर उम्मीदों पर असर डालता है। अगर महंगाई अनुमान से ज्यादा आती है, तो आगे दरों में कटौती की संभावनाएं कम हो जाती हैं और आमतौर पर अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, जिसका सीधा दबाव कनाडाई डॉलर पर पड़ता है क्योंकि दोनों करेंसी एक-दूसरे के मुकाबले काफी करीबी से कारोबार करती हैं। इसके उलट अगर महंगाई नरम रहती है, तो जोखिम लेने की भूख बढ़ती है और यह दबाव कुछ कम हो सकता है।
ECB की बैठक भी वैश्विक माहौल के लिहाज से उतनी ही अहम मानी जा रही है, भले ही इसका सीधा संबंध यूरो और यूरोप से हो, न कि उत्तर अमेरिका से। इस तरह के केंद्रीय बैंक फैसले आमतौर पर समग्र जोखिम उठाने की भूख और अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती या कमजोरी पर असर डालते हैं, और यही असर घूमकर कनाडाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर के बीच के कारोबार तक पहुंचता है। टीडी सिक्योरिटीज ने इन दोनों घटनाक्रमों को घरेलू व्यापार विवाद के साथ-साथ इस हफ्ते के प्रमुख बाहरी कारकों में गिना है।
आगे टीडी सिक्योरिटीज की नजर किस पर
फिलहाल टीडी सिक्योरिटीज का आकलन है कि करेंसी की निकट भविष्य की चाल आर्थिक बुनियादी बातों से कम, और व्यापार विवाद किस दिशा में बढ़ता है इस पर ज्यादा निर्भर करेगी। कनाडा के जवाबी टैरिफ अब लागू हो चुके हैं और अमेरिका की तरफ से कनाडाई वाहनों पर टैरिफ की 1 जनवरी की समयसीमा भी नजदीक आ रही है, ऐसे में बैंक ने कहा कि वह आगे किसी भी तरह के तनाव बढ़ने के संकेतों पर करीबी नजर रखेगी। नोट के मुताबिक किसी भी पक्ष की ओर से आने वाली नई जवाबी धमकी कनाडाई डॉलर को हिला सकती है, भले ही उसके पीछे कोई घरेलू आर्थिक आंकड़ा न हो।
कुल मिलाकर इस हफ्ते कनाडाई डॉलर दो बड़ी ताकतों के बीच फंसा नजर आ रहा है, एक तरफ घरेलू व्यापार विवाद है जो अब सिर्फ धमकियों से आगे बढ़कर ठोस कदमों में बदल चुका है, दूसरी तरफ अमेरिकी महंगाई आंकड़े और ECB का फैसला जैसे दो बड़े वैश्विक घटनाक्रम हैं, जो तय करेंगे कि निवेशक कनाडाई डॉलर जैसी व्यापार पर निर्भर करेंसी में कितना जोखिम लेने को तैयार हैं।



















