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कनाडा में 68.3K नौकरियों के खात्मे से करेंसी पस्त, डॉलर के मुकाबले लूनी 18 महीने के निचले स्तर परबाज़ार
9 अक्तू॰ 2026, 10:46 pm (54 मिनट पहले)· 0

कनाडा में 68.3K नौकरियों के खात्मे से करेंसी पस्त, डॉलर के मुकाबले लूनी 18 महीने के निचले स्तर पर

सितंबर महीने में कनाडा के भीतर 68.3 हजार रोजगार छिनने और अगस्त के नुकसान के बाद 2026 की पूरी बढ़त खत्म हो गई है, जिससे बैंक ऑफ कनाडा की दर वृद्धि की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है।

कनाडाई रोजगार बाजार में आए अचानक भूचाल ने घरेलू मुद्रा को बड़ा झटका दिया है। सितंबर के ताजा आंकड़ों के अनुसार कनाडा की अर्थव्यवस्था ने एक झटके में 68.3K रोजगार गंवा दिए, जबकि बाजार विशेषज्ञ 7K नौकरियों के इजाफे का अनुमान लगाकर चल रहे थे। इस भारी गिरावट का सीधा असर विदेशी मुद्रा बाजार पर पड़ा, जहां USD/CAD की दर एक पांच मिनट की कैंडल में 1.4250 के नीचे से उछलकर करीब 1.4300 तक पहुंच गई। यह स्तर शुरुआती अप्रैल 2025 के बाद से अब तक का सबसे कमजोर स्तर है, जिससे कनाडाई लूनी पिछले 18 महीनों के सबसे निचले पायदान पर फिसल गई है।

अगस्त के महीने में भी देश को 41.7K नौकरियों के नुकसान का सामना करना पड़ा था। इन दो महीनों की संयुक्त मार ने पूरे वर्ष 2026 के दौरान हासिल की गई शुद्ध रोजगार बढ़त को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। हालांकि बेरोजगारी दर आधिकारिक तौर पर 6.5% दर्ज की गई जो कि पूर्वानुमान के बिल्कुल अनुरूप रही, लेकिन इस आंकड़े के पीछे की हकीकत बेहद चिंताजनक है। दरअसल, लगभग 53K कामकाजी लोगों ने श्रम बल को ही अलविदा कह दिया, यानी उन्होंने या तो काम करना छोड़ दिया या काम तलाशना बंद कर दिया। यदि ये लोग श्रम बल में बने रहते, तो वास्तविक बेरोजगारी दर 6.8% के आसपास दर्ज होती। इस प्रकार पूर्वानुमान को छूने वाला अकेला आंकड़ा भी केवल इसलिए संभव हुआ क्योंकि गिनती में लोग ही कम रह गए थे।

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अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और बॉन्ड यील्ड की दोहरी चाल

सीमा पार अमेरिका से आए व्यापक आर्थिक संकेतों ने भी मुद्रा बाजार की गतिशीलता को उलझाए रखा। यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन (UoM) उपभोक्ता धारणा सूचकांक गिरकर 46.3 पर आ गया, जबकि इसके लिए 47.6 का अनुमान जताया गया था। यह ऐतिहासिक तौर पर इस सूचकांक का दूसरा सबसे निचला स्तर है। सामान्य परिस्थितियों में कमजोर उपभोक्ता धारणा अमेरिकी डॉलर को नीचे धकेल सकती थी, लेकिन इसी सर्वेक्षण में एक साल आगे की मुद्रास्फीति की अपेक्षाएं बढ़कर 4.7% पर पहुंच गईं।

इसके अतिरिक्त, अमेरिका के 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड के 5.25% से ऊपर बने रहने के कारण डॉलर को लगातार मजबूती मिलती रही। नतीजतन, UoM के कमजोर सेंटीमेंट आंकड़े जारी होने के बाद भी USD/CAD नीचे गिरने के बजाय ऊपर चढ़ गया। नौकरियों के आंकड़े आने के बाद जिस तेजी के साथ यह मुद्रा जोड़ी 1.4300 के ठीक नीचे पहुंची थी, बाद में उसने उस उछाल का लगभग एक-तिहाई हिस्सा वापस गंवा दिया, फिर भी यह 1.4250 के ऊपर मजबूती से टिकी रही। शुक्रवार का निचला स्तर 1.4200 के करीब और ऊपरी स्तर 1.4300 के ठीक नीचे दर्ज हुआ, जो 1 अक्टूबर से बने ट्रेडिंग दायरे की ऊपरी और निचली सीमाएं हैं। यह बढ़त उस लंबी तेजी का शिखर साबित हुई जो 8 सितंबर को 1.3750 के ठीक ऊपर से शुरू हुई थी।

कनाडाई डॉलर को चलाने वाले बुनियादी आर्थिक कारक

विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में कनाडाई डॉलर (CAD) की दिशा कई प्रमुख आर्थिक पैमानों से निर्धारित होती है। इनमें सबसे अहम भूमिका बैंक ऑफ कनाडा (BoC) द्वारा तय की जाने वाली आधिकारिक ब्याज दरों की होती है। इसके अलावा कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें, कनाडा की समग्र आर्थिक सेहत, घरेलू मुद्रास्फीति और व्यापार संतुलन (ट्रेड बैलेंस) यानी निर्यात बनाम आयात का अंतर मुद्रा के मूल्य को तय करने में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। बाजार का सामान्य रुझान भी मायने रखता है, जिसमें जब निवेशक अधिक जोखिम वाली संपत्तियों की ओर बढ़ते हैं (रिस्क-ऑन) तो CAD को फायदा होता है, जबकि सुरक्षित निवेश की ओर भागने (रिस्क-ऑफ) की स्थिति में यह पिछड़ जाता है। कनाडा का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार होने के नाते अमेरिकी अर्थव्यवस्था की सेहत भी कनाडाई डॉलर को सीधे प्रभावित करती है।

बैंक ऑफ कनाडा (BoC) अंतर-बैंक उधारी दरों का निर्धारण करके पूरी अर्थव्यवस्था की ब्याज दरों पर सीधा प्रभाव डालता है। BoC का प्राथमिक लक्ष्य ब्याज दरों में कटौती या बढ़ोतरी के जरिए मुद्रास्फीति को 1-3% के दायरे में बनाए रखना है। तुलनात्मक रूप से अधिक ब्याज दरें आमतौर पर CAD के लिए सकारात्मक मानी जाती हैं क्योंकि वे विदेशी पूंजी को आकर्षित करती हैं। केंद्रीय बैंक क्वांटिटेटिव ईजिंग और क्वांटिटेटिव टाइटनिंग का उपयोग करके भी ऋण परिस्थितियों को प्रभावित करता है, जिसमें ईजिंग CAD के लिए नकारात्मक और टाइटनिंग सकारात्मक साबित होती है। हालिया दो महीनों में नौकरियों के भारी नुकसान ने BoC द्वारा दरों में वृद्धि किए जाने के दांव को काफी कमजोर कर दिया है।

कच्चे तेल की अहमियत और मुद्रास्फीति का बदला समीकरण

कनाडा की अर्थव्यवस्था और उसकी मुद्रा के लिए पेट्रोलियम उसका सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद है। इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा और तत्काल प्रभाव CAD के मूल्य पर दिखाई देता है। आमतौर पर जब कच्चे तेल की कीमतें चढ़ती हैं, तो कनाडाई डॉलर भी मजबूत होता है क्योंकि वैश्विक स्तर पर इस मुद्रा की मांग बढ़ती है। तेल की कीमतों में गिरावट आने पर इसके ठीक विपरीत स्थिति बनती है। महंगे कच्चे तेल से कनाडा के व्यापार संतुलन के सकारात्मक होने की संभावना भी बढ़ जाती है, जिससे मुद्रा को सीधा सहारा मिलता है।

मुद्रास्फीति को लेकर भी आधुनिक वित्तीय दुनिया में नजरिया बदला है। पारंपरिक तौर पर मुद्रास्फीति को मुद्रा के लिए नुकसानदेह माना जाता था क्योंकि यह पैसे की क्रय शक्ति घटाती है। लेकिन सीमा पार पूंजी नियंत्रण में ढील दिए जाने के आधुनिक दौर में स्थिति उलट चुकी है। जब मुद्रास्फीति बढ़ती है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाने की ओर कदम बढ़ाते हैं। इससे वैश्विक निवेशक अधिक मुनाफा कमाने के लिए पूंजी का प्रवाह उस देश की ओर मोड़ते हैं, जिससे स्थानीय मुद्रा, यानी कनाडाई डॉलर की मांग में तीव्र इजाफा होता है। इसके अलावा जीडीपी, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI, रोजगार दर तथा उपभोक्ता भावना सर्वेक्षण जैसे आंकड़े भी मुद्रा की चाल तय करते हैं। यदि अर्थव्यवस्था कमजोर आंकड़े दिखाती है, तो CAD में बिकवाली का दबाव बढ़ जाता है।

वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजारों की स्थिति

कनाडा के घटनाक्रम के साथ-साथ वैश्विक वित्तीय मंच पर अन्य संपत्तियों में भी दिलचस्प हलचल देखी गई। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) ने एशियाई सत्र में शुक्रवार को फिर से तेजी पकड़ी और 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ने की कोशिश की। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में रातों-रात आई हल्की नरमी ने अमेरिकी डॉलर को 18 महीने के उच्चतम स्तर से थोड़ा नीचे रखा, जिससे इस जोड़ी को समर्थन मिला। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के सख्त रुख की उम्मीदों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दिया।

जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) 158.00 के आसपास अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। जापान के घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने आई गिरावट ने येन पर दबाव बनाए रखा। हालांकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच डॉलर की गिरावट को सीमित रखा। दूसरी तरफ सोने के बाजार में भी उठापटक जारी रही। शुरुआत में साप्ताहिक ऊंचाई को छूने के बाद शुक्रवार को सोना प्रति ट्रॉय औंस $4,200 के स्तर से नीचे आ गया। अमेरिकी डॉलर की जबरदस्त मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़त ने कीमती धातु की तेजी पर विराम लगाने का काम किया।

सवाल-जवाब

सितंबर 2026 में कनाडा में कितनी नौकरियां खत्म हुईं?
सितंबर में कनाडा ने 68.3K नौकरियां गंवाईं, जबकि बाजार में 7K नौकरियों की बढ़ोतरी का अनुमान था।
USD/CAD मुद्रा जोड़ी किस स्तर तक पहुंची?
यह जोड़ी 1.4250 के नीचे से उछलकर करीब 1.4300 तक पहुंच गई, जो शुरुआती अप्रैल 2025 के बाद 18 महीने का उच्चतम स्तर है।
कनाडा की बेरोजगारी दर 6.5% पर क्यों बनी रही?
बेरोजगारी दर इसलिए 6.5% रही क्योंकि लगभग 53K लोगों ने श्रम बल छोड़ दिया; अन्यथा यह दर करीब 6.8% तक पहुंच जाती।
अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन सूचकांक का क्या नतीजा रहा?
यह उपभोक्ता धारणा सूचकांक गिरकर 46.3 पर आ गया, जो ऐतिहासिक रूप से इसका दूसरा सबसे निचला स्तर है।
कच्चे तेल की कीमतें कनाडाई डॉलर को कैसे प्रभावित करती हैं?
पेट्रोलियम कनाडा का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद है, इसलिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें कनाडाई डॉलर की मांग और मूल्य को बढ़ाती हैं।
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