अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर की मामूली मजबूती के बावजूद ब्रिटिश पाउंड ने अपनी स्थिति को मजबूती से बनाए रखा। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण अमेरिकी उपभोक्ताओं के भरोसे में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस भू-राजनीतिक संकट और आर्थिक अनिश्चितता के दौर में पाउंड स्टर्लिंग डॉलर के मुकाबले 1.3231 के आसपास लगभग अपरिवर्तित रुख के साथ कारोबार करता दिखा। वहीं लाइव मार्केट आंकड़ों के मुताबिक जीबीपी/यूएसडी 1.32 के स्तर पर दर्ज किया गया, जिसमें पिछले सत्र की तुलना में 0.12 प्रतिशत की बढ़त रही। छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में डॉलर के प्रदर्शन को आंकने वाला डॉलर इंडेक्स 0.16 प्रतिशत चढ़कर 102.27 के स्तर पर पहुंच गया।
अमेरिकी उपभोक्ता धारणा में बड़ी गिरावट और महंगाई की आशंका
मिशिगन विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर महीने में अमेरिकी कंज्यूमर सेंटीमेंट इंडेक्स भारी गिरावट के साथ 46.3 पर आ गया। इससे पहले सितंबर में यह आंकड़ा 48.1 पर था, जबकि बाजार विश्लेषक इसके 47.6 रहने का अनुमान लगा रहे थे। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि 2026 की शुरुआत से ही अमेरिकी अर्थव्यवस्था की विकास गति लगातार कमजोर हुई है। उपभोक्ताओं के बीच भविष्य को लेकर निराशा बढ़ी है, जिसका सीधा असर उनकी धारणा पर पड़ा है।
इसके अलावा अमेरिकी परिवारों के बीच महंगाई को लेकर चिंताएं भी काफी बढ़ गई हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, एक साल के लिए मुद्रास्फीति की उम्मीदें 4.6 प्रतिशत से बढ़कर 4.7 प्रतिशत हो गई हैं। वहीं लंबी अवधि यानी पांच साल के लिए महंगाई का अनुमान 3.4 प्रतिशत से बढ़कर 3.5 प्रतिशत दर्ज किया गया है। बढ़ती कीमतों की इस आशंका ने फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बाजार की चिंताओं को और गहरा कर दिया है। इस बीच अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में लगातार तेजी बनी हुई है, जो यह दर्शाती है कि निवेशक जीवन-यापन की ऊंची लागत के कारण बॉन्ड बाजार में अधिक प्रीमियम की मांग कर रहे हैं।
ब्रिटेन में बजट और ऊर्जा कीमतों पर निवेशकों की नजर
ब्रिटेन के आर्थिक परिदृश्य की बात करें तो वहां निवेशकों का मुख्य ध्यान ऊर्जा की ऊंची कीमतों पर टिका हुआ है। इसके साथ ही वित्तीय बाजार चांसलर जॉन हीली द्वारा पेश किए जाने वाले आगामी ऑटम बजट का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। बजट में होने वाले वित्तीय प्रावधानों और आर्थिक नीतियों के फैसलों का असर पाउंड की चाल पर सीधे तौर पर देखने को मिल सकता है। ऊर्जा की कीमतों में अस्थिरता ब्रिटिश परिवारों और व्यवसायों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिस पर नीति निर्माताओं का रुख बेहद अहम होगा।
तकनीकी स्तर और चार्ट पर पाउंड की स्थिति
तकनीकी विश्लेषण के लिहाज से जीबीपी/यूएसडी के सामने ऊपर की ओर पहली बाधा यानी शुरुआती रेजिस्टेंस 1.3360 के आसपास टूटी हुई अपवर्ड ट्रेंड लाइन पर स्थित है। इसके बाद 50, 100 और 200 दिनों के सिंपल मूविंग एवरेज 1.3439 के करीब एक साथ समूहबद्ध हैं, जो बाजार में व्यापक मंदी के रुख को मजबूती प्रदान करते हैं। यदि यह जोड़ी इससे ऊपर निकलती है, तो 1.3508 के आसपास पूर्व डिसेंडिंग रेजिस्टेंस लाइन एक रुकावट के रूप में सामने आएगी। इसके अलावा 1.3544 के पास एक अन्य डाउनट्रेंड बाधा और 1.3606 के आसपास पुराना सपोर्ट स्तर अब रेजिस्टेंस का काम करेगा। मौजूदा गिरावट के दबाव को पूरी तरह समाप्त करने के लिए पाउंड को इन स्तरों को पार करना अनिवार्य होगा। नीचे की ओर इस डेटासेट में कोई निकटतम सपोर्ट नहीं होने के कारण, किसी भी नई गिरावट की स्थिति में यह जोड़ी तब तक मंदी की चपेट में रह सकती है जब तक कि कोई नया ठोस आधार नहीं बन जाता।
लाइव तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो 14-दिवसीय आरएसआई 39 पर दर्ज है, जो बाजार में सुस्ती का संकेत देता है। एमएसीडी -0.01 पर है जो सिग्नल लाइन -0.01 के मुकाबले मंदी की स्थिति दिखाता है। 20-दिवसीय ईएमए 1.33 पर और 50 व 200-दिवसीय ईएमए 1.34 पर स्थित हैं, जहां 50-दिवसीय ईएमए के 200-दिवसीय ईएमए से नीचे जाने से डेथ क्रॉस बना हुआ है। बोलिंगर बैंड्स 1.31 से 1.35 के दायरे में हैं, जबकि 14-दिवसीय एडीएक्स 32 के साथ मजबूत ट्रेंड दर्शा रहा है। स्टोकैस्टिक की फास्ट लाइन 24 और सिग्नल लाइन 26 पर है, वहीं एटीआर 0.01 पर है। 52-सप्ताह का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच बना हुआ है, जिसमें धुरी स्तर 1.32 पर और अहम रेजिस्टेंस 1.33 पर स्थित है।
अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं और कमोडिटी बाजार का हाल
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने अपनी स्थिति में सुधार किया। एयूडी/यूएसडी ने साप्ताहिक निचले स्तर से वापसी करते हुए शुक्रवार को एशियाई सत्र में 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ने की कोशिश की। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में रात भर आई नरमी ने अमेरिकी डॉलर को 18 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे बनाए रखा, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को समर्थन मिला। साथ ही रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सख्त मौद्रिक नीति संबंधी उम्मीदों ने भी इस जोड़ी को सहारा दिया।
दूसरी ओर यूएसडी/जेपीवाई 158.00 के आसपास अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। जापान में शुक्रवार को जारी आंकड़ों से पता चला कि घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट आई है, जिससे जापानी येन पर दबाव बना। हालांकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के प्रभाव को संतुलित किया, जिससे इस जोड़ी में गिरावट सीमित रही।
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में कुछ गिरावट देखी गई। शुरुआती तेजी के प्रयास के बाद सोना अपने साप्ताहिक उच्च स्तर से फिसलकर शुक्रवार को 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के स्तर से नीचे आ गया। अमेरिकी डॉलर की मजबूत तेजी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के चलते पीली धातु की बढ़त पर दबाव देखा जा रहा है।




















