टेक शेयरों के दम पर चल रही वॉल स्ट्रीट की तेजी रातोंरात थम गई। चिप बनाने वाली कंपनियों और AI से जुड़े शेयरों में तगड़ी बिकवाली के चलते नैस्डैक कंपोजिट और नैस्डैक 100, दोनों इंडेक्स की बढ़त का सिलसिला टूट गया। डाओ जोन्स और एसएंडपी 500 भी लाल निशान में बंद हुए, हालांकि इनमें गिरावट काफी कम रही। सबसे ज्यादा नुकसान टेक शेयरों से भरे नैस्डैक को हुआ। वैसे तो जुलाई को आम तौर पर तेजी वाला महीना माना जाता है, लेकिन इस बार बाजार अमेरिका और ईरान के बीच तनाव, महंगाई के दबाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से जूझ रहा है।
गिरावट में सबसे आगे नैस्डैक
1 जुलाई 2026 को कारोबार खत्म होने पर नैस्डैक कंपोजिट 173.69 अंक यानी 0.7% गिरकर 26,040.03 पर बंद हुआ। इस गिरावट के साथ लगातार दो सत्रों में 955.42 अंक की बढ़त का सिलसिला रुक गया। यह उछाल पिछले हफ्ते 1,503 अंक की भारी गिरावट के बाद आया था।
नैस्डैक 100 को और भी बड़ा झटका लगा। यह इंडेक्स 467.21 अंक यानी 1.54% लुढ़ककर 29,809.13 पर बंद हुआ। इसके साथ ही इंडेक्स 30,000 के स्तर से नीचे आ गया, जिसे उसने पांच दिन के उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद 30 जून को छुआ था।
चिप और मेमोरी शेयरों में भारी टूट
सेमीकंडक्टर और मेमोरी कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली ने दोनों टेक इंडेक्स को तोड़ दिया। माइक्रोन टेक्नोलॉजी और सैनडिस्क कॉर्प, दोनों 10.6% टूटे, अप्लाइड मटेरियल्स में 10%, इंटेल में 9% और एएमडी में 6.9% की गिरावट रही।
दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी और AI की दिग्गज एनवीडिया भी 1.3% नीचे बंद हुई। नैस्डैक 100 का बड़ा हिस्सा मानी जाने वाली स्पेसएक्स करीब 8% लुढ़क गई।
डाओ और एसएंडपी में मामूली गिरावट
डाओ जोन्स बहुत मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। यह 13.96 अंक यानी 0.027% गिरकर 52,305.24 पर रहा। वहीं एसएंडपी 500 इंडेक्स 16.13 अंक यानी 0.22% की गिरावट के साथ 7,483.23 पर बंद हुआ।
एशियाई बाजारों पर असर
वॉल स्ट्रीट की कमजोरी का असर गुरुवार तड़के एशियाई कारोबार पर भी दिखा। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, कतर ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत के ताजा दौर में "सकारात्मक प्रगति" हुई है, जिससे बड़े कूटनीतिक समाधान की उम्मीद बनी हुई है। इसके बावजूद अमेरिकी टेक शेयरों में बड़ी गिरावट के बाद एशियाई बाजारों का मिजाज सतर्क बना रहा। शुरुआती कारोबार में जापान का निक्केई करीब 2% फिसला और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6% से ज्यादा टूट गया, जो दुनिया भर में जोखिम को लेकर सतर्कता को दर्शाता है।
नौकरियों के आंकड़े और फेड पर नजर
गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स भी हल्की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। निवेशक जून की जॉब्स रिपोर्ट से पहले सतर्क हैं, जिससे श्रम बाजार और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर की दिशा के बारे में नए संकेत मिलने की उम्मीद है। बुधवार को आए आंकड़ों में पिछले महीने निजी क्षेत्र में भर्ती अनुमान से ज्यादा सुस्त रही। फेड चेयर केविन वॉर्श ने कहा कि पिछले एक महीने में महंगाई को लेकर उम्मीदें नरम हुई हैं, साथ ही उन्होंने कीमतों में स्थिरता लौटाने के केंद्रीय बैंक के संकल्प को दोहराया।
नतीजों के सीजन से उम्मीद
तेजी के समर्थकों के लिए अब भी उम्मीद की कई वजहें हैं। चार्ल्स श्वाब की एक रिपोर्ट में कहा गया कि निवेशक आने वाले नतीजों के सीजन का इंतजार कर रहे हैं, जो अनौपचारिक रूप से 14 जुलाई से शुरू होगा जब बड़े बैंक अपनी दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करेंगे। 26 जून तक विश्लेषक एसएंडपी 500 की कंपनियों के लिए सालाना आधार पर 23.1% की मुनाफा बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहे थे। फैक्टसेट के मुताबिक, सभी 11 सेक्टरों में 10% या उससे ज्यादा की बढ़त का अनुमान है, जिसमें कम्युनिकेशन सर्विसेज सबसे आगे है, जबकि इंडस्ट्रियल्स और रियल एस्टेट सबसे पीछे रहने की उम्मीद है।
श्वाब सेंटर फॉर फाइनेंशियल रिसर्च में डेरिवेटिव्स रिसर्च और स्ट्रैटेजी के डायरेक्टर नाथन पीटरसन ने कई सकारात्मक बातें गिनाईं। उन्होंने कहा, "मौसमी तौर पर जुलाई तेजी वाला महीना है, तेजी का दायरा बढ़ना सेहतमंद है, तेल की कीमतें काफी नीचे आ चुकी हैं, और ब्याज दर बढ़ने की उम्मीदें नरम पड़ सकती हैं।"













