अमेरिकी इक्विटी बाजारों में जोरदार खरीदारी का रुख देखने को मिला है, जहां प्रमुख सूचकांकों ने मजबूत बढ़त हासिल की। चिप निर्माता कंपनियों के शेयरों में आई भारी लिवाली और बॉन्ड यील्ड में जारी उछाल के थमने से निवेशकों का भरोसा काफी बढ़ा। तकनीकी क्षेत्र के बेहतर क्रेडिट परिदृश्य ने बाजार के माहौल को और सहारा दिया। इस सकारात्मक माहौल के बीच एसएंडपी 500 इंडेक्स नए सर्वकालिक उच्च स्तर को छूने में कामयाब रहा, जबकि डॉव जोन्स और नैस्डैक में भी ठोस मजबूती दर्ज की गई। अब बाजार सहभागियों की नजरें अमेरिकी केंद्रीय बैंक की सितंबर नीतिगत बैठक के विस्तृत मिनट्स पर टिकी हैं, जिससे भविष्य में ब्याज दरों के रुख को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।
प्रमुख अमेरिकी सूचकांकों का प्रदर्शन और नए रिकॉर्ड
कारोबारी सत्र के दौरान डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 253.38 अंक यानी 0.5 प्रतिशत की तेजी के साथ 51,521.28 के स्तर पर बंद हुआ। सबसे दमदार खरीदारी एसएंडपी 500 में देखने को मिली, जिसने कारोबार के दौरान 7,844.52 का नया ऑल-टाइम हाई बनाया और अंत में 44.98 अंक या 0.6 प्रतिशत चढ़कर 7,818.93 पर बंद हुआ। इसी तरह तकनीकी शेयरों की प्रधानता वाला नैस्डैक कंपोजिट भी 122.58 अंक अथवा 0.5 प्रतिशत की बढ़त लेकर 27,599.89 के स्तर पर समाप्त हुआ। हालांकि, इसके बाद फ्यूचर्स कारोबार में मिला-जुला रुख देखा गया। बुधवार को डॉव जोन्स फ्यूचर्स 28 अंक गिरकर 51,788 पर कारोबार कर रहा था, जबकि नैस्डैक 100 फ्यूचर्स मामूली बढ़त के साथ 31,485 पर और एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 7 अंक चढ़कर 7,880.75 पर ट्रेड करता दिखा।
सेमीकंडक्टर शेयरों में जोरदार तेजी और कच्चे तेल का रुख
बाजार की इस तेजी की अगुवाई सेमीकंडक्टर कंपनियों ने की। प्रमुख चिप निर्माताओं में मार्वल टेक्नोलॉजी के शेयर 5.8 प्रतिशत की भारी उछाल के साथ सबसे आगे रहे। इसके साथ ही ब्रॉडकॉम में 3.7 प्रतिशत और एएमडी में 2.8 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई। सरकारी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी पर लगे ब्रेक ने टेक कंपनियों पर से दबाव कम किया और निवेशकों के मनोबल को मजबूती दी। दूसरी ओर ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में रिकवरी देखी गई। यद्यपि मध्य पूर्व से आपूर्ति सुधरने के संकेत मिले थे, लेकिन ऊर्जा प्रवाह से जुड़े जोखिमों के हावी रहने के कारण ब्रेंट क्रूड संभलकर 100.60 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बंद हुआ, जो इंट्राडे कारोबार में 97 डॉलर के निचले स्तर तक चला गया था।
ट्रेजरी यील्ड और उभरते बाजारों पर असर
अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड लगातार ऊंचे स्तरों पर बनी हुई है और 5.28 प्रतिशत के करीब टिकी है। एचएसटी वेल्थ के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरिशेलवन राधाकृष्णन के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का 5.28 प्रतिशत के आसपास बना रहना डॉलर संपत्तियों पर मिलने वाले रिटर्न को आकर्षक बनाए रखता है, जिससे विदेशी पूंजी प्रवाह और उभरते बाजारों के वैल्यूएशन पर दबाव कायम रहता है। राधाकृष्णन ने स्पष्ट किया कि जब तक बॉन्ड यील्ड में उल्लेखनीय और स्थायी गिरावट नहीं आती, तब तक भारतीय शेयर बाजार के लिए बाहरी वैश्विक माहौल में बड़ा सुधार होना कठिन है। उन्होंने तेल कीमतों पर कहा कि आपातकालीन रिजर्व उपायों और आपूर्ति बहाल होने से तात्कालिक चिंताएं घटी हैं, लेकिन कीमतों में आया तेज इंट्राडे उछाल दर्शाता है कि भू-राजनीतिक प्रीमियम अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
फेड मिनट्स से दरों पर क्या संकेत मिलने की उम्मीद
फेडरल रिजर्व बुधवार को अपनी सितंबर मौद्रिक नीति बैठक के मिनट्स जारी करने वाला है। सितंबर बैठक में केंद्रीय बैंक ने फेडरल फंड्स रेट में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की थी। मॉर्निंगस्टार के अनुसार, यह दस्तावेज उस निर्णय के पीछे नीति निर्माताओं की सोच को उजागर करेगा, जिससे यह समझना आसान होगा कि आने वाले समय में दरों की दिशा क्या रहने वाली है। मोट कैपिटल मैनेजमेंट के संस्थापक माइकल क्रेमर ने बताया कि मिनट्स से उन पैमानों की जानकारी मिल सकती है जिन पर फेड फैसले ले रहा है। क्रेमर के मुताबिक, सितंबर के फैसले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में फेड चेयरमैन केविन वार्श ने व्यापक वित्तीय स्थितियों को सख्त मानने में असमर्थता जताई थी और उस समय आम सहमति समायोजन की एक खुराक हटाने की थी। क्रेमर ने रेखांकित किया कि इस संकेत का अर्थ यह निकाला जा सकता है कि आगे चलकर ब्याज दरों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
आर्थिक आंकड़े और तिमाही नतीजों पर नजर
फेडरल रिजर्व के मिनट्स के अलावा बुधवार को कई अन्य अहम आर्थिक आंकड़े भी जारी होने हैं। इनमें उपभोक्ता ऋण के आंकड़े, ईआईए क्रूड ऑयल इन्वेंट्रीज और एमबीए मॉर्गेज एप्लीकेशन्स इंडेक्स शामिल हैं, जिन पर वित्तीय विश्लेषकों की बारीक नजर रहेगी। कॉर्पोरेट मोर्चे पर भी गतिविधियों का सिलसिला जारी है, जहां एप्लाइड डिजिटल कॉरपोरेशन, लेवी स्ट्रॉस एंड कंपनी, रिसोर्सेज कनेक्शन इंक और रिचर्डसन इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा करने वाली हैं। इन घटनाक्रमों और आंकड़ों से आगे चलकर बाजार की दिशा और धारणा तय होने की उम्मीद है।
















