त्योहारी सीजन और धनतेरस के आगमन से पहले पीली धातु की कीमतों में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजार में आई मजबूती के चलते संयुक्त अरब अमीरात और भारत दोनों ही जगहों पर सोने के दाम तेजी से चढ़े हैं। वैश्विक स्तर पर बॉन्ड यील्ड में नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई को लेकर चिंताएं कुछ हद तक कम हुई हैं, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं की खरीदारी और उनके खुदरा भावों पर दिखाई दे रहा है। खुदरा खरीदारों और आभूषण प्रेमियों के लिए यह हलचल बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि त्योहारी मांग चरम पर पहुंचने वाली है।
संयुक्त अरब अमीरात में स्थानीय मुद्रा में सोने की दरें
संयुक्त अरब अमीरात के खुदरा बाजार में स्थानीय मुद्रा दिरहम में सोने की कीमतों में अच्छी खासी बढ़ोतरी देखी गई है। शुद्धता के उच्चतम मानक यानी 24 कैरेट सोने की कीमत 1,100 दिरहम बढ़कर 47,800 दिरहम प्रति 100 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई है। यदि 10 ग्राम के पैमाने पर देखें, तो 24 कैरेट सोने का भाव 110 दिरहम की तेजी के साथ 4,780 दिरहम दर्ज किया गया है। यह उछाल उन ग्राहकों के बजट को प्रभावित कर रहा है जो त्योहारों के मौके पर शुद्ध सोने के सिक्के या बार खरीदने की योजना बना रहे हैं।
आभूषण निर्माण में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने के दामों में भी जोरदार तेजी आई है। 22 कैरेट सोने का भाव 1,000 दिरहम चढ़कर 44,250 दिरहम प्रति 100 ग्राम हो गया है। इसी तरह 10 ग्राम वजन वाले 22 कैरेट सोने की कीमत 100 दिरहम की बढ़त लेकर 4,425 दिरहम पर आ गई है। हल्के और किफायती गहनों के लिए पसंद किए जाने वाले 18 कैरेट सोने के वर्ग में 10 ग्राम का भाव 81 दिरहम बढ़कर 3,620 दिरहम हो गया है, जबकि 100 ग्राम 18 कैरेट सोना 810 दिरहम की छलांग लगाकर 36,200 दिरहम पर पहुंच गया है।
अमीरात के प्रमुख शहरों में एक समान मूल्य व्यवस्था
संयुक्त अरब अमीरात के भीतर आभूषण व्यापार का ढांचा काफी सुव्यवस्थित है, जिसके तहत सोने की ये संशोधित दरें केवल दुबई तक सीमित नहीं हैं बल्कि अन्य प्रमुख शहरों में भी एक समान रूप से लागू की गई हैं। रास अल खैमाह, शारजाह, अबू धाबी, अजमान और फुजैरा जैसे प्रमुख अमीरातों में भी खरीदारों को इन्हीं तय दरों पर सोना उपलब्ध कराया जा रहा है। भौगोलिक रूप से अलग होने के बावजूद पूरे देश के खुदरा आभूषण बाजार में एक जैसी कीमत प्रणाली लागू रहने से उपभोक्ताओं को पारदर्शिता मिलती है।
भारतीय रुपये में संयुक्त अरब अमीरात के सोने का मूल्य
भारतीय मुद्रा के संदर्भ में गणना करने पर संयुक्त अरब अमीरात के बाजार में सोने के भाव में आया उछाल काफी बड़ा नजर आता है। 24 कैरेट श्रेणी में 100 ग्राम सोने की कीमत 29,392 रुपये की तेज बढ़त के साथ 12,33,780 रुपये के स्तर पर पहुंच गई है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का मूल्य 2,839 रुपये बढ़कर 1,23,378 रुपये दर्ज किया गया है।
गहनों के सबसे लोकप्रिय 22 कैरेट वर्ग में 100 ग्राम सोना 25,811 रुपये चढ़कर 11,42,150 रुपये हो गया है, जबकि 10 ग्राम का भाव 2,581 रुपये के उछाल के बाद 1,14,215 रुपये पर पहुंच गया है। इसके अलावा 18 कैरेट सोने की दरों में भी महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है। 100 ग्राम 18 कैरेट सोने का भाव 20,907 रुपये बढ़कर 9,34,369 रुपये हो गया है, जबकि 10 ग्राम का भाव 2,091 रुपये की बढ़त के साथ 93,437 रुपये पर पहुंच गया है।
भारत के घरेलू बाजार में 3 नवंबर 2026 की स्थिति
भारत के घरेलू आभूषण बाजार में 3 नवंबर 2026 को सोने की कीमतों में प्रत्येक वजन वर्ग में बढ़ोतरी दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने की कीमतों में 100 ग्राम से लेकर 1 ग्राम के स्तर तक 2,700 रुपये से 27 रुपये तक का उछाल देखने को मिला। 22 कैरेट सोने के वर्ग में विभिन्न ग्राम श्रेणियों में 2,500 रुपये से 25 रुपये तक की वृद्धि हुई। इसी तरह 18 कैरेट सोने के दाम भी 2,000 रुपये से 20 रुपये तक ऊपर चढ़ गए।
समग्र स्तर पर देखें तो भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोना 1 ग्राम के लिए 13,964 रुपये, 10 ग्राम के लिए 1,39,640 रुपये और 100 ग्राम के लिए 13,96,400 रुपये पर बना हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोने की दरें 1 ग्राम के लिए 12,800 रुपये, 10 ग्राम के लिए 1,28,000 रुपये और 100 ग्राम के लिए 12,80,000 रुपये दर्ज की गईं। 18 कैरेट श्रेणी में सोना 1 ग्राम के लिए 10,473 रुपये, 10 ग्राम के लिए 1,04,730 रुपये और 100 ग्राम के लिए 10,47,300 रुपये के भाव पर उपलब्ध है।
वैश्विक आर्थिक संकेत और तकनीकी परिदृश्य
बुलियन बाजार में आई इस मजबूती के पीछे वैश्विक आर्थिक कारक मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर के अनुसार सोमवार को सोने में 1% से अधिक की तेजी आई और यह 3,870 डॉलर के एक साल के निचले स्तर से उबरने में सफल रहा। कच्चे तेल के गिरते दामों ने महंगाई से जुड़ी चिंताओं को कम किया है, जबकि अमेरिका की 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड फिसलकर लगभग 4.90% के आसपास आ गई है। इसके साथ ही वित्तीय बाजार दिसंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की लगभग 73% संभावना मान रहे हैं, जो एक सप्ताह पहले 80% थी।
विशेषज्ञों का आकलन है कि सोने में यह सुधार मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों के निचले स्तर पर बने रहने और महंगाई के दबाव में कमी जारी रहने पर निर्भर करेगा। इसके अलावा मंगलवार को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव भी बाजार के लिए घटनाक्रम से जुड़ा एक नया जोखिम पैदा कर रहे हैं। तकनीकी नजरिए से देखें तो निकट अवधि का रुझान सतर्कता के साथ कमजोर बना हुआ है। तकनीकी परिदृश्य को स्थिर करने के लिए कीमतों का 3,970 डॉलर से 4,000 डॉलर के दायरे से ऊपर टिके रहना जरूरी है। इसके विपरीत, यदि भाव 3,900 डॉलर से नीचे निर्णायक रूप से टूटते हैं, तो कीमतें 3,800 डॉलर की ओर और फिसल सकती हैं।


















