वैश्विक इक्विटी बाजारों में तकनीकी शेयरों, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बुनियादी ढांचे से जुड़ी कंपनियों में आई तेज गिरावट के बाद निवेशकों का रुझान सुरक्षित संपत्तियों की ओर बढ़ा है। इस बदलाव का सीधा फायदा अमेरिकी डॉलर को मिला है, जिससे प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर सूचकांक में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया। मुद्रा बाजार में डॉलर इंडेक्स बढ़कर 101.95 के स्तर के करीब पहुंच गया, जो हाल के दिनों में 0.35 प्रतिशत से अधिक की बढ़त को दर्शाता है।
शेयर बाजार में घबराहट और सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर प्रवाह
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र से संबंधित कंपनियों के शेयरों में अचानक आई बिकवाली ने दुनिया भर के वित्तीय बाजारों को सतर्क कर दिया है। बाजार में जोखिम लेने की धारणा कमजोर पड़ने से पूंजी का प्रवाह अमेरिकी डॉलर जैसी सुरक्षित परिसंपत्तियों की तरफ हुआ है। मुद्राओं के आपसी तुलनात्मक प्रदर्शन पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा सबसे ज्यादा मजबूत बनकर उभरी है, क्योंकि एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तीन सप्ताह के निचले स्तर तक फिसल गया।
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के नरम रुख और इक्विटी बाजारों में आई मंदी ने जोखिम के प्रति संवेदनशील मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर भारी दबाव डाला है। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में हाल ही में आई गिरावट ने डॉलर के तेजड़ियों की गति को कुछ हद तक सीमित रखा है, जिससे मुद्रा जोड़ियों में गिरावट एक सीमित दायरे में बनी रही।
अक्टूबर के रोजगार और वेतन वृद्धि आंकड़ों की प्रतीक्षा
मुद्रा बाजार के सहभागियों की निगाहें अब 13:30 जीएमटी पर जारी होने वाले अक्टूबर माह के अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल आंकड़ों पर टिकी हैं। बाजार के जानकारों का अनुमान है कि अमेरिकी नियोक्ताओं ने इस दौरान 65,000 नए रोजगार जोड़े हैं, जो सितंबर महीने में दर्ज 29,000 नौकरियों की तुलना में काफी बेहतर है। वहीं दूसरी ओर, बेरोजगारी दर 4.2 प्रतिशत के स्तर पर स्थिर बने रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
रोजगार के साथ-साथ वेतन वृद्धि के आंकड़े भी काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। औसत प्रति घंटा आय में सालाना आधार पर 2.9 प्रतिशत की दर से वृद्धि का अनुमान है, जो सितंबर के 3.0 प्रतिशत से मामूली कम है। मासिक आधार पर वेतन वृद्धि 0.3 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है, जबकि पिछली अवधि में यह आंकड़ा 0.1 प्रतिशत दर्ज किया गया था। इस प्रकार के आंकड़े फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतिगत ब्याज दरों के अगले कदमों को समझने में मददगार साबित हो सकते हैं।
मुद्रा बाजार पर श्रम आंकड़ों का असर और विश्लेषकों का आकलन
कॉमर्सबैंक के वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि हाल के महीनों में पेरोल रिपोर्ट को लेकर विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार की प्रतिक्रिया काफी सुस्त और असंगत रही है। विश्लेषकों के अनुसार अमेरिकी डॉलर अब श्रम बाजार के आंकड़ों पर किसी एक स्पष्ट दिशा में प्रतिक्रिया देने में अनिच्छुक नजर आ रहा है। संस्था का आकलन है कि जब तक रोजगार आंकड़ों में कोई अप्रत्याशित और बहुत बड़ा झटका नहीं आता, तब तक सप्ताहांत के कारोबार में बाजार का माहौल काफी शांत और संतुलित बना रह सकता है।
व्यापक आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए यह भी माना जा रहा है कि इन पेरोल आंकड़ों का फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति की मौजूदा उम्मीदों पर सीमित प्रभाव ही पड़ेगा, क्योंकि केंद्रीय बैंक व्यापक आर्थिक संकेतकों के समग्र रुझान पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा है।
तकनीकी स्तर और चार्ट पर डॉलर का रुख
दैनिक तकनीकी चार्ट पर डॉलर इंडेक्स का हाजिर भाव 101.86 के आसपास घूमता नजर आया है। 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 101.79 के ऊपर बने रहने से अल्पकालिक रुझान हल्का तेजी का बना हुआ है। यह संकेत देता है कि हालिया कंसॉलिडेशन के बाद निचले स्तरों पर खरीदारी का सहारा मौजूद है। इसके अलावा रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 53.26 के स्तर पर दर्ज किया गया, जो पूरी तरह से तटस्थ दायरे में है और दर्शाता है कि तेजी की गति मौजूद है लेकिन अत्यधिक खिंचाव की स्थिति नहीं बनी है।
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार डॉलर सूचकांक का स्तर 102.30 पर पहुंच गया है, जो पिछले बंद स्तर 101.55 की तुलना में 0.74 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 95.55 से 102.95 के बीच रहा है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 59 पर है, जबकि 20-दिवसीय ईएमए 101.83, 50-दिवसीय ईएमए 101.33 और 200-दिवसीय ईएमए 99.98 पर स्थित है। लंबी अवधि के दृष्टिकोण से 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर होना गोल्डन क्रॉस के साथ मजबूत अपट्रेंड का संकेत देता है। यदि डॉलर 101.78 के पहले सपोर्ट स्तर से नीचे फिसलता है तो 101.26 और 101.00 के स्तरों तक कमजोरी बढ़ सकती है, जबकि ऊपर की तरफ 102.59 और 102.88 के रेसिस्टेंस स्तर पार होने पर सालाना उच्च स्तर 103.00 की पुनः परीक्षा संभव हो सकती है।
येन और सोने के बाजार पर असर
अन्य प्रमुख संपत्तियों में डॉलर-येन जोड़ी ने अपने साप्ताहिक निचले स्तर से वापसी की है, क्योंकि व्यापारी अमेरिकी आंकड़ों से पहले सतर्क हो गए हैं। हालांकि, बैंक ऑफ जापान का आक्रामक रुख, मुद्रा हस्तक्षेप का जोखिम और ईरान से जुड़े युद्ध की आशंकाओं में कमी की संभावनाओं ने येन को समर्थन दिया है, जिससे डॉलर की बढ़त इस मोर्चे पर सीमित रही है।
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों पर भी मजबूत डॉलर का असर दिखा है। सोना 4,050 डॉलर प्रति औंस के नीचे फिसलकर दो सप्ताह के उच्च स्तर से पीछे हट गया। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक बढ़त के बाद डॉलर में आई कमजोरी के दम पर सोना 4,000 डॉलर के पार निकला था, लेकिन डॉलर की ताजा मजबूती ने कीमती धातुओं पर दबाव बना दिया है। निवेशक अब यह देखने के लिए आधिकारिक रोजगार रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि क्या सोने की यह तेजी टिकाऊ है या केवल एक अस्थायी उछाल थी।



















